चर्चा में क्यों?
शोधकर्ताओं ने Madras hedgehog (Paraechinus nudiventris) का पहला पूर्ण mitochondrial genome प्रकाशित किया, जो इसके विकासवादी इतिहास (evolutionary history) पर प्रकाश डालता है और संरक्षण प्रयासों में सहायता करता है। यह प्रजाति, जो प्रायद्वीपीय भारत (peninsular India) के लिए स्थानिक (endemic) है, का पहले खराब अध्ययन किया गया था और अक्सर अन्य हेजहोग (hedgehog) प्रजातियों के लिए गलती की जाती थी।
पृष्ठभूमि
Madras hedgehog, जिसे bare-bellied hedgehog भी कहा जाता है, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, केरल और कर्नाटक के शुष्क झाड़ियों और कांटेदार जंगलों (dry scrublands and thorn forests) में पाया जाता है। यह छोटा है, जिसकी सिर से शरीर तक की लंबाई 14-25 सेमी और वजन 300-435 ग्राम है। इसकी पीठ भूरे या भूरे रंग के कांटों (spines) से ढकी होती है, जबकि पेट में विरल फर होते हैं, जिसके कारण इसका यह नाम पड़ा। अन्य हेजहोगों की तरह, यह निशाचर (nocturnal) है और मुख्य रूप से कीड़े, छोटे सरीसृप (small reptiles) और फल खाता है।
माइटोकॉन्ड्रियल अध्ययन की मुख्य बातें
- जीनोमिक अंतर्दृष्टि (Genomic insights): Mitochondrial DNA को अनुक्रमित (Sequencing) करने से Erinaceidae परिवार के भीतर हेजहोग की phylogenetic स्थिति को स्पष्ट करने में मदद मिलती है और अन्य अफ्रीकी और एशियाई हेजहोगों से विचलन (divergence) का पता चलता है।
- संरक्षण मूल्य: आनुवंशिक डेटा (Genetic data) जनसंख्या स्वास्थ्य की निगरानी और प्रजनन कार्यक्रमों की योजना बनाने के लिए आधारभूत जानकारी (baseline information) प्रदान करते हैं। Madras hedgehog को IUCN Red List में Least Concern के रूप में सूचीबद्ध किया गया है, लेकिन स्थानीय खतरों का सामना करना पड़ता है।
- खतरे: भारत के कुछ हिस्सों में मांस और कांटों (quills) के लिए प्रजातियों का शिकार किया जाता है, आंशिक रूप से इस विश्वास के कारण कि यह तपेदिक (tuberculosis) और अस्थमा जैसी बीमारियों को ठीक करता है। कृषि और शहरीकरण (urbanisation) के विस्तार से निवास स्थान के नुकसान से भी आबादी पर दबाव पड़ता है। यह भारत के Wildlife Protection Act की Schedule IV के तहत संरक्षित है।
- पारिस्थितिक भूमिका (Ecological role): हेजहोग कीटों (insect pests) को नियंत्रित करने में मदद करते हैं और चारा खोजते समय मिट्टी को हवादार (aerate) करते हैं। उनके आनुवंशिकी का अध्ययन व्यापक पारिस्थितिकी तंत्र प्रबंधन रणनीतियों (ecosystem management strategies) को सूचित कर सकता है।
दृष्टिकोण (Outlook)
जीनोम अध्ययन अन्य हेजहोग प्रजातियों के साथ तुलनात्मक विश्लेषण (comparative analyses) का मार्ग प्रशस्त करता है और कम-ज्ञात स्तनधारियों (lesser-known mammals) में आनुवंशिक विविधता के दस्तावेजीकरण के महत्व पर प्रकाश डालता है। संरक्षणवादी प्रजातियों के दीर्घकालिक अस्तित्व को सुनिश्चित करने के लिए जागरूकता अभियानों और शिकार के खिलाफ सख्त प्रवर्तन (stricter enforcement) का आह्वान करते हैं।
स्रोत: Animalia.bio, The Hindu