पर्यावरण

Melanoseris pendryi: नया सिक्किम पौधा, Asteraceae और स्थिति

Melanoseris pendryi: नया सिक्किम पौधा, Asteraceae और स्थिति

चर्चा में क्यों?

कलकत्ता विश्वविद्यालय, कश्मीर विश्वविद्यालय और सिक्किम सरकार के वनस्पति विज्ञानियों (botanists) के एक समूह ने पूर्वी सिक्किम के अल्पाइन घास के मैदानों में एक नया फूल वाला पौधा खोजा है। इस जड़ी-बूटी में लैवेंडर पंखुड़ियां (lavender petals) हैं जो महीन सफेद बालों से ढकी हैं और वनस्पति विज्ञानी डॉ. कॉलिन पेंड्री (Dr Colin Pendry) के सम्मान में इसका नाम मेलानोसेरिस पेंड्री (Melanoseris pendryi) रखा गया है। एक छोटे से क्षेत्र में केवल लगभग 32 परिपक्व पौधे पाए गए, जिसके कारण शोधकर्ताओं ने इसे "गंभीर रूप से लुप्तप्राय (Critically Endangered)" के रूप में वर्गीकृत करने की सिफारिश की।

पृष्ठभूमि

मेलानोसेरिस पेंड्री डेज़ी परिवार (daisy family - Asteraceae) से संबंधित है। यह पूर्वी सिक्किम के दूरस्थ लुंगथुन (Lungthun) और थोम्बू (Thombu) क्षेत्रों में 4,000 मीटर से अधिक ऊंचाई पर एक पुष्प सर्वेक्षण (floristic survey) के दौरान पाया गया था। यह पौधा जमीन के करीब उगता है और एक मांसल, शाखाओं वाली जड़ प्रणाली (fleshy, branching root system) का उपयोग करके कठोर अल्पाइन परिस्थितियों में जीवित रहता है। यह कई मायनों में M. lessertiana और M. qinghaica जैसी संबंधित प्रजातियों से अलग है।

विशिष्ट विशेषताएं

  • लैवेंडर की पंखुड़ियां (ligules) उनके नीचे लंबे सफेद बालों से ढकी होती हैं, जो जीनस (genus) की अन्य प्रजातियों में नहीं देखी जाने वाली विशेषता है।
  • फूलों में उनके रिश्तेदारों की तुलना में एक छोटी प्रजनन ट्यूब (reproductive tube) और बड़े, मोटे बीज होते हैं।
  • यह जड़ी-बूटी अल्पाइन झाड़ियों के बीच कुशन जैसी मैट (cushion‑like mats) में उगती है और इसमें पोषक तत्वों को संग्रहीत करने के लिए मांसल जड़ें होती हैं।
  • इस प्रजाति का नाम हिमालयी वनस्पति विज्ञान में उनके योगदान के लिए रॉयल बोटेनिक गार्डन एडिनबर्ग के डॉ. कॉलिन पेंड्री के नाम पर रखा गया था।

संरक्षण के मुद्दे

शोधकर्ताओं को 2.5 वर्ग किमी क्षेत्र में केवल 32 परिपक्व पौधे मिले। सिक्किम में उच्च ऊंचाई वाले घास के मैदान पर्यटन और चराई (grazing) के दबाव में हैं, और नई प्रजाति की छोटी आबादी इसे बेहद संवेदनशील (vulnerable) बनाती है। इसलिए, वैज्ञानिक इसे गंभीर रूप से लुप्तप्राय (Critically Endangered) के रूप में सूचीबद्ध करने का प्रस्ताव करते हैं और आवास सुरक्षा (habitat protection) का आग्रह करते हैं।

स्रोत: Research Matters

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