कला और संस्कृति

संग्रहालय अनुदान योजना: पात्रता, उद्देश्य और वित्तपोषण सीमा

संग्रहालय अनुदान योजना: पात्रता, उद्देश्य और वित्तपोषण सीमा

समाचार में क्यों?

संस्कृति मंत्रालय (Culture Ministry) ने Lok Sabha में Museum Grant Scheme की व्याख्या की। इसने वर्तमान पात्रता श्रेणियों और अधिकतम वित्तीय सहायता की सूचना दी। यह योजना नए संग्रहालयों, आधुनिकीकरण (Modernisation), डिजिटलीकरण और कर्मचारियों के प्रशिक्षण का समर्थन करती है। उत्तर में हाल के वर्षों के प्रस्तावों और अनुदानों (Grants) को भी सूचीबद्ध किया गया।

पृष्ठभूमि

एक संग्रहालय (Museum) सांस्कृतिक, ऐतिहासिक, कलात्मक या वैज्ञानिक महत्व वाली वस्तुओं को संरक्षित करता है।

यह उन वस्तुओं पर शोध भी करता है, उनकी व्याख्या करता है और उन्हें प्रस्तुत करता है, भौतिक साक्ष्यों (Physical evidence) को समझने योग्य सार्वजनिक कहानियों से जोड़ता है।

दस्तावेजीकरण (Documentation) और सार्वजनिक पहुंच के बिना केवल संरक्षण अधूरा है।

योजना कैसे विकसित हुई?

Culture Ministry ने 2013 से पहले क्षेत्रीय और स्थानीय संग्रहालयों का समर्थन किया।

वर्तमान Museum Grant Scheme के ढांचे ने 2013 के संशोधनों के माध्यम से आकार लिया।

बाद के दिशानिर्देशों ने डिजिटलीकरण, आभासी (Virtual) संग्रहालयों और पेशेवर प्रशिक्षण (Professional training) का विस्तार किया, जबकि वर्तमान दिशानिर्देश 2026 की वित्तपोषण (Funding) स्थिति को नियंत्रित करते हैं।

इतिहास चेतावनी: पुरानी सहायता व्यवस्थाएं 2013 से पहले मौजूद थीं। 2013 को एक ढांचागत संशोधन (Framework revision) कहना अधिक स्पष्ट है।

यह किस प्रकार की योजना है?

Museum Grant Scheme एक Central Sector Scheme है जिसे सीधे केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय (Union Ministry of Culture) द्वारा प्रशासित (Administered) किया जाता है।

एक Central Sector Scheme को अपना पूरा बजट Union Government से प्राप्त होता है।

लाभार्थी संस्थान अभी भी योजना नियमों के तहत मिलान हिस्सा (Matching shares) प्रदान कर सकते हैं।

मुख्य अंतर: "Central Sector" बजट वर्गीकरण का वर्णन करता है। इसका अर्थ यह नहीं है कि प्रत्येक परियोजना को पूर्ण केंद्रीय वित्तपोषण प्राप्त होता है।

मुख्य उद्देश्य

  • क्षेत्रीय, राज्य और जिला स्तरों पर नए संग्रहालय स्थापित करना, और मौजूदा संग्रहालयों को मजबूत और आधुनिक बनाना।
  • प्रत्येक वर्ष राज्य की राजधानी में कम से कम एक केंद्र या राज्य सरकार का संग्रहालय विकसित करना।
  • व्यापक ऑनलाइन पहुंच के लिए संग्रहों का डिजिटलीकरण (Digitise) करना, और ऑनलाइन, विषय-आधारित (Theme-based) तथा अनुभवात्मक (Experiential) संग्रहालय बनाना।
  • संग्रहालय पेशेवरों (Professionals) को विशेष कौशल में प्रशिक्षित करना।

सहायता कौन प्राप्त कर सकता है?

  • केंद्र और राज्य सरकार के विभाग आवेदन कर सकते हैं, और Public Sector Undertakings समर्थित (Supported) संग्रहालयों का प्रबंधन कर सकते हैं।
  • स्वायत्त निकाय (Autonomous bodies) और स्थानीय निकाय (Local bodies) पात्र हैं, और शैक्षणिक संस्थान उपयुक्त संग्रहालय परियोजनाएं प्रस्तुत कर सकते हैं।
  • पंजीकृत सोसायटी और योग्य सार्वजनिक ट्रस्ट (Public trusts) आवेदन कर सकते हैं।

निजी लाभ कमाने वाले संग्रह योग्य नहीं हैं, जबकि आवेदकों को स्वामित्व, क्षमता, संग्रह और दीर्घकालिक स्थिरता (Long-term sustainability) दिखानी होगी।

योजना किन संग्रहों को कवर कर सकती है?

  • पुरावशेष (Antiquities) और पुरातात्विक सामग्री
  • सिक्के और अन्य मुद्राशास्त्रीय (Numismatic) संग्रह
  • चित्रकारी, लोक कला और शिल्प
  • मानवशास्त्रीय (Ethnological) और सामुदायिक संग्रह
  • कपड़ा, टिकट और संबंधित सामग्री
  • विषय-आधारित (Theme-based) और आभासी (Virtual) प्रदर्शनियां
  • राष्ट्रीय महत्व वाली परियोजनाएं

तीन कार्यात्मक घटक (Three functional components)

घटक (Component) उद्देश्य (Purpose)
विकास और स्थापना नए संग्रहालय बनाता है और मौजूदा संग्रहालयों में सुधार करता है
डिजिटलीकरण (Digitisation) संग्रहों का दस्तावेजीकरण करता है और उन्हें ऑनलाइन सुलभ बनाता है
क्षमता निर्माण (Capacity building) संग्रहालय पेशेवरों को विशेष कार्य में प्रशिक्षित करता है

संग्रहालय विकास के लिए श्रेणियां

श्रेणी व्यापक कवरेज
Category I राज्य की राजधानियों में केंद्र या राज्य सरकार के संग्रहालय, जिसमें उपक्रम (Undertaking) संग्रहालय शामिल हैं
Category II अन्य केंद्र या राज्य सरकार के संग्रहालय, जिसमें उपक्रम संग्रहालय शामिल हैं
Category III अनुमोदित गैर-सरकारी संस्थानों द्वारा प्रबंधित अन्य पात्र संग्रहालय

विकास के लिए अधिकतम सहायता

श्रेणी और परियोजना अधिकतम सहायता
Category I संग्रहालय ₹15 करोड़
नया Category II संग्रहालय ₹10 करोड़
मौजूदा Category II संग्रहालय ₹8 करोड़
नया Category III संग्रहालय ₹5 करोड़
मौजूदा Category III संग्रहालय ₹4 करोड़

ये आंकड़े सीमाएं हैं (Ceilings), हकदारी (Entitlements) नहीं, क्योंकि विशेषज्ञ समिति (Expert Committee) प्रत्येक परियोजना और विस्तृत अनुमान (Detailed estimate) की जांच करती है।

मिलान-हिस्सा नियम (Matching-share rule) क्या है?

Category II और III का समर्थन सामान्यतः 80 प्रतिशत को कवर करता है, जबकि आवेदक शेष 20 प्रतिशत की व्यवस्था करता है।

सिक्किम सहित पूर्वोत्तर राज्यों को 90 प्रतिशत मिल सकता है, जबकि आवेदक शेष दस प्रतिशत प्रदान करता है।

Category I अपने अलग से बताए गए अधिकतम सहायता नियम (Maximum assistance rule) का पालन करता है।

विकास अनुदान कैसे जारी किए जाते हैं?

केंद्रीय हिस्सा 2:1:1 के अनुपात में जारी किया जाता है।

  • पहली किस्त (Instalment) 50 प्रतिशत के बराबर है, और दूसरी किस्त 25 प्रतिशत के बराबर है।
  • अंतिम किस्त 25 प्रतिशत के बराबर है।

बाद की किस्तों के लिए प्रगति और उपयोग रिकॉर्ड (Utilisation records) की आवश्यकता होती है, जबकि अंतिम रिलीज़ (Final release) से पहले एक भौतिक निरीक्षण (Physical inspection) होता है।

डिजिटलीकरण और प्रशिक्षण की सीमाएं

घटक (Component) सरकारी श्रेणी अन्य संग्रहालय
डिजिटलीकरण ₹50 लाख तक ₹25 लाख तक
क्षमता निर्माण ₹50 लाख तक ₹25 लाख तक

2026 के संसदीय उत्तर ने इन वर्तमान घटक सीमाओं (Component ceilings) का उल्लेख किया।

डिजिटलीकरण क्या समर्थन कर सकता है?

  • पेशेवर फोटोग्राफी (Professional photography) और वस्तु दस्तावेजीकरण
  • डिजिटल कैटलॉग और ऑनलाइन संग्रह पहुंच
  • सर्वर, स्कैनर, कैमरे और आवश्यक कंप्यूटर
  • इंटरैक्टिव कियोस्क (Interactive kiosks) और त्वरित-प्रतिक्रिया कोड (Quick-response codes)
  • ऑनलाइन पुस्तकालय और संग्रहालय की वेबसाइटें

JATAN क्या है?

JATAN: Virtual Museum Builder एक संग्रह-प्रबंधन सॉफ्टवेयर (Collection-management software) है जिसका उपयोग डिजिटल दस्तावेजीकरण के लिए किया जाता है।

Centre for Development of Advanced Computing ने इसे पुणे में विकसित किया।

डिजिटल रिकॉर्ड Museums of India के राष्ट्रीय रिपॉजिटरी (Repository) को भर सकते हैं।

यह दूरस्थ उपयोगकर्ताओं (Remote users) को प्रलेखित संग्रहों (Documented collections) को खोजने और अध्ययन करने की अनुमति देता है।

अनुदान आम तौर पर किसे वित्तपोषित नहीं कर सकता है?

  • यह जमीन या कलाकृतियां नहीं खरीद सकता है, और यह आम तौर पर आवर्ती वेतन (Recurring salaries) और बिजली के बिलों को पूरा नहीं कर सकता है।
  • सिविल कार्य स्वीकृत अनुदान के 60 प्रतिशत से अधिक नहीं हो सकते हैं, और यह दीर्घकालिक संचालन और रखरखाव योजना की जगह नहीं ले सकता है।

निगरानी आवश्यकताएँ (Monitoring requirements)

  • अनुदान प्राप्तकर्ताओं (Grantees) को निर्धारित अंतराल पर प्रगति की रिपोर्ट करनी चाहिए, और उपयोग प्रमाणपत्र (Utilisation certificates) को खर्च की व्याख्या करनी चाहिए।
  • परियोजनाओं का भौतिक निरीक्षण किया जा सकता है, और संग्रहालयों को पूरा होने के बाद पांच साल तक वार्षिक फुटफॉल (Footfall) की रिपोर्ट करनी होती है।
  • समर्थित संस्थानों को Culture Ministry का आभार व्यक्त करना चाहिए।
प्रारंभिक परीक्षा फोकस: यह योजना Culture Ministry की है। यह विकास, डिजिटलीकरण और पेशेवर प्रशिक्षण का समर्थन करती है।

निष्कर्ष

यह योजना सार्वजनिक पहुंच में सुधार कर सकती है जब अनुदान एक साथ संरक्षण और स्थायी संग्रहालय प्रबंधन का समर्थन करते हैं।

स्रोत

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