अर्थव्यवस्था

NMET: नेशनल मिनरल एक्सप्लोरेशन एंड डेवलपमेंट ट्रस्ट

NMET: नेशनल मिनरल एक्सप्लोरेशन एंड डेवलपमेंट ट्रस्ट
Study next

Convert reading into recall

Read once, then use one quick app action while the topic is fresh. Links open in a new tab.

1 Start True/False practice 2-min recall check Open
Read for
Exam hook Prelims fact Mains angle
Other useful actions
N Save key points Build a revision note S Watch related Shorts Quick visual recap App Open News in Web App Browse related current affairs

चर्चा में क्यों?

एक संसदीय स्थायी समिति ने हाल ही में सरकार से राष्ट्रीय खनिज अन्वेषण और विकास ट्रस्ट (NMET) को मजबूत करने और समुद्री खनिजों का दोहन करने के लिए एक समर्पित अपतटीय अन्वेषण नीति (offshore exploration policy) बनाने का आग्रह किया। पैनल ने बताया कि भारत की पहली अपतटीय ब्लॉक नीलामी (offshore block auction) 2023 में कोई लेने वाला नहीं था, जो नीतिगत कमियों को उजागर करता है।

पृष्ठभूमि

NMET की स्थापना 2015 में खान और खनिज (विकास और विनियमन) अधिनियम के तहत की गई थी। खनन कंपनियाँ मुख्य खनिजों पर रॉयल्टी का अतिरिक्त 3 प्रतिशत ट्रस्ट को देती हैं। इस निधि का उपयोग क्षेत्रीय और विस्तृत अन्वेषण तथा खनिज क्षेत्र में क्षमता निर्माण (capacity building) के लिए किया जाता है। इसमें एक शासी निकाय (Governing Body) है जिसकी अध्यक्षता केंद्रीय खान मंत्री करते हैं और एक कार्यकारी समिति (Executive Committee) है जिसका नेतृत्व मंत्रालय के सचिव करते हैं।

NMET के कार्य

  • अन्वेषण का वित्तपोषण (Funding exploration): पॉलीमेटैलिक नोड्यूल्स (polymetallic nodules) और फॉस्फोराइट्स (phosphorites) जैसे गहरे और अपतटीय खनिजों (offshore minerals) सहित खनिज संसाधनों की पहचान और आकलन करने के लिए सर्वेक्षणों का समर्थन करता है।
  • अनुसंधान और विकास (Research and development): टिकाऊ खनन (sustainable mining), खनिज लाभकारीकरण (mineral beneficiation) और नई प्रौद्योगिकियों पर अध्ययन का वित्तपोषण करता है।
  • क्षमता निर्माण (Capacity building): अन्वेषण क्षमता में सुधार के लिए राष्ट्रीय और राज्य भूवैज्ञानिक एजेंसियों (geological agencies) को प्रशिक्षण और अनुदान प्रदान करता है।
  • पारदर्शिता को बढ़ावा देना (Promoting transparency): निजी निवेश को आकर्षित करने के लिए सुनिश्चित करता है कि अन्वेषण डेटा (exploration data) सार्वजनिक रूप से साझा किया जाए।

समिति द्वारा उठाए गए मुद्दे

  • नीतिगत स्पष्टता (Policy clarity): एक समर्पित अपतटीय खनन नीति की कमी ने निवेशकों को पानी के भीतर खनिजों (undersea minerals) की खोज से रोक दिया है।
  • संसाधन क्षमता (Resource potential): भारत के पास समुद्र तल (seabed) पर कोबाल्ट, निकल और दुर्लभ पृथ्वी धातुओं (rare earth metals) का महत्वपूर्ण भंडार है। इनका दोहन आयात निर्भरता को कम कर सकता है और बैटरी उद्योगों का समर्थन कर सकता है।
  • निधि का उपयोग (Fund utilisation): समिति ने NMET के फंड प्रवाह में अधिक पारदर्शिता और अन्वेषण व्यय के लिए बहु-वर्षीय रोडमैप (multi‑year roadmap) की सिफारिश की।

सरकार से अपतटीय अन्वेषण को प्रोत्साहित करने और अन्वेषकों (explorers) के लिए NMET फंड को अधिक सुलभ बनाने के लिए नियमों में संशोधन करने की उम्मीद है।

स्रोत: बिजनेस-स्टैंडर्ड

Finished reading?

Do one recall action now

Practice first while the topic is fresh. Save the key points or use Shorts when you want a quick recap.

1 Start True/False practice 2-min recall check N Save key points Build a revision note S Watch related Shorts Quick visual recap App Open News in Web App Browse related current affairs
Home Current Affairs 📰 Daily News 🎬 Watch Shorts 📊 Economic Survey 2025-26 Subjects 📚 All Subjects ⚖️ Indian Polity 💹 Economy 🌍 Geography 🌿 Environment 📜 History Exam Info 📋 Syllabus 2026 📝 Prelims Syllabus ✍️ Mains Syllabus ✅ Eligibility Resources 📖 Booklist 📊 Exam Pattern 📄 Previous Year Papers ▶️ YouTube Channel
Sign In / Open Web App