समाचार में क्यों?
पर्यावरण समूहों ने मेघालय में Nongkhyllem Wildlife Sanctuary के अंदर प्रस्तावित ₹23.60 करोड़ के इकोटूरिज्म प्रोजेक्ट (ecotourism project) का विरोध किया है। उनका तर्क है कि नया बुनियादी ढांचा (infrastructure) अभयारण्य के नाजुक पारिस्थितिक तंत्र (fragile ecosystems) को नुकसान पहुंचा सकता है और इसके दुर्लभ वन्यजीवों (rare wildlife) को खतरे में डाल सकता है।
पृष्ठभूमि
Nongkhyllem Wildlife Sanctuary पूर्वी हिमालय (Eastern Himalayan) जैव विविधता हॉटस्पॉट (biodiversity hotspot) के भीतर मेघालय के री-भोई (Ri-Bhoi) जिले में स्थित है। इसे 1981 में Wildlife Protection Act के तहत अधिसूचित (notified) किया गया था और यह लगभग 29 वर्ग किलोमीटर में फैला है। परिदृश्य में लहरदार मैदान और कम ऊंचाई वाली पहाड़ियाँ हैं, जिसमें उमट्रेव नदी (Umtrew River) इसकी पश्चिमी सीमा बनाती है। निर्माण गतिविधि को सीमित करते हुए 2017 में इस क्षेत्र को पर्यावरण-संवेदनशील क्षेत्र (eco-sensitive zone) घोषित किया गया था।
पारिस्थितिक महत्व और चिंताएं
- समृद्ध जैव विविधता: यह अभयारण्य लुप्तप्राय रफस-नेक्ड हॉर्नबिल (rufous-necked hornbill) सहित 400 से अधिक पक्षी प्रजातियों की मेजबानी करता है। क्लाउडेड तेंदुआ (clouded leopard), एशियाई हाथी (Asian elephant) और हिमालयी काला भालू (Himalayan black bear) जैसे स्तनधारी भी जंगल में निवास करते हैं।
- छोटा आकार: लगभग 29 वर्ग किमी के क्षेत्रफल वाला यह अभयारण्य, आवास (habitats) को परेशान किए बिना बड़ी पर्यटक सुविधाओं को अवशोषित करने के लिए बहुत छोटा है।
- पर्यावरण-संवेदनशील स्थिति: चूँकि इस क्षेत्र को पर्यावरण-संवेदनशील घोषित किया गया था, इसलिए विकास कार्य संरक्षित क्षेत्र के भीतर होने के बजाय उसके आस-पास होना चाहिए। विरोधियों का कहना है कि होमस्टे (homestays) और सामुदायिक बुनियादी ढांचे (community infrastructure) के लिए आस-पास के गांवों में धन का निवेश किया जाना चाहिए।
- प्रबंधन की गुणवत्ता: 2021 प्रबंधन प्रभावशीलता मूल्यांकन (Management Effectiveness Evaluation) के तहत Nongkhyllem को पूर्वोत्तर भारत में सबसे अच्छी तरह से प्रबंधित संरक्षित क्षेत्र का दर्जा दिया गया था। संरक्षणवादियों (conservationists) को डर है कि निर्माण इस उपलब्धि को कमजोर कर सकता है।
- याचिका और मांगें: ग्रीन-टेक फाउंडेशन (Green-Tech Foundation) ने पर्यटन मंत्री से परियोजना को रद्द करने की याचिका दायर की। वे सरकार से अभयारण्य के अंदर निर्माण किए बिना स्थानीय लोगों के लिए स्थायी आजीविका (sustainable livelihoods) विकसित करने के लिए कहते हैं।
निष्कर्ष
इकोटूरिज्म से रोजगार पैदा हो सकता है लेकिन इससे नाजुक पारिस्थितिक तंत्र (fragile ecosystems) से समझौता नहीं होना चाहिए। Nongkhyllem पर बहस सावधान योजना की आवश्यकता पर प्रकाश डालती है जो सामुदायिक विकास के साथ संरक्षण (conservation) को संतुलित करती है।