भूगोल

Ojos del Salado: सबसे ऊँचा सक्रिय ज्वालामुखी और एंडीज पर्वत

Ojos del Salado: सबसे ऊँचा सक्रिय ज्वालामुखी और एंडीज पर्वत

ख़बरों में क्यों?

लैटिन अमेरिकी शोधकर्ताओं के हालिया अभियान ने दुनिया का ध्यान तब खींचा जब उन्होंने एंडीज (Andes) में नेवाडो ओजोस डेल सालाडो पर एक उच्च-ऊंचाई वाले क्रेटर झील (high-altitude crater lake) को मापा। उनके निष्कर्ष बताते हैं कि शिखर के पास की छोटी झील हिमांक तापमान (freezing temperatures) के बावजूद तरल (liquid) रहती है। इस अध्ययन ने चिली-अर्जेंटीना सीमा (Chile-Argentina border) पर फैले इस दूरस्थ ज्वालामुखी (remote volcano) में नए सिरे से रुचि जगाई है।

पृष्ठभूमि

नेवाडो ओजोस डेल सालाडो एंडीज में चिली और अर्जेंटीना के बीच की सीमा पर स्थित एक सुप्त ज्वालामुखी (dormant volcano) है। यह लगभग 6,893 मीटर तक बढ़ता है, जो इसे पृथ्वी पर सबसे ऊंचा सक्रिय ज्वालामुखी (highest active volcano) और एकॉनकागुआ (Aconcagua) के बाद पश्चिमी गोलार्ध (Western Hemisphere) का दूसरा सबसे ऊंचा पर्वत बनाता है। यह पर्वत अतिव्यापी लावा गुंबदों (overlapping lava domes) और प्रवाह की विशेषता वाले एक ज्वालामुखी परिसर (volcanic complex) का हिस्सा है। अटाकामा रेगिस्तान (Atacama Desert) के किनारे पर ज्वालामुखी के स्थित होने के कारण आसपास का परिदृश्य बेहद शुष्क (arid) है।

विशिष्ट विशेषताएं (Distinctive features)

  • क्रेटर झील (Crater lake): समुद्र तल से लगभग 6,480-6,500 मीटर की ऊंचाई पर एक छोटी क्रेटर झील स्थित है, जिसे पानी का दुनिया का सबसे ऊंचा स्थायी निकाय (permanent body) माना जाता है। इसका अस्तित्व सतह के नीचे भू-तापीय गर्मी (geothermal warmth) को दर्शाता है।
  • जुड़वां शिखर (Twin summits): ज्वालामुखी में एक काठी (saddle) द्वारा अलग की गई दो मुख्य चोटियां हैं। चिली का शिखर (Chilean summit) थोड़ा ऊंचा है और इसके किनारे पर झील है।
  • ज्वालामुखी इतिहास (Volcanic history): जबकि ओजोस डेल सालाडो को सक्रिय माना जाता है, इसके अंतिम पुष्टि किए गए विस्फोट (eruption) को एक सहस्राब्दी (millennium) से अधिक समय बीत चुका है। मामूली फ्यूमरोलिक गतिविधि (fumarolic activity) से पता चलता है कि पहाड़ के नीचे गर्मी बनी हुई है।
  • पहली चढ़ाई (First ascent): पहली दर्ज की गई चढ़ाई 1937 में पोलिश पर्वतारोहियों (mountaineers) द्वारा की गई थी। आज, पर्वतारोही अक्सर ज्वालामुखी के उत्तर में एक राजमार्ग से आते हैं, हालांकि उच्च ऊंचाई और शुष्क हवा काफी चुनौतियां पैदा करती हैं।

महत्व

  • भूवैज्ञानिक रुचि (Geological interest): ओजोस डेल सालाडो का अध्ययन करने से ज्वालामुखियों (volcanologists) को उच्च-ऊंचाई वाले वातावरण में मैग्मा की गतिशीलता (magma dynamics) और ज्वालामुखियों और रेगिस्तानी जलवायु (desert climates) के बीच बातचीत को समझने में मदद मिलती है।
  • चरम पारिस्थितिकी तंत्र (Extreme ecosystem): क्रेटर झील में कम ऑक्सीजन और उच्च यूवी विकिरण (UV radiation) के अनुकूल सूक्ष्मजीव (microbes) हो सकते हैं, जो पृथ्वी पर जीवन की सीमाओं और मंगल (Mars) पर जीवन की संभावना के बारे में अंतर्दृष्टि प्रदान करते हैं।
  • पर्वतारोहण चुनौती (Mountaineering challenge): अपनी ऊंचाई और दूरदर्शिता के कारण, ज्वालामुखी ग्रह पर सबसे ऊंचे ज्वालामुखी को फतह करने की चाह रखने वाले पर्वतारोहियों को आकर्षित करता है। ऊंचाई की बीमारी (altitude sickness) से बचने के लिए उचित अनुकूलन (acclimatisation) आवश्यक है।

स्रोत: The Hindu

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