रक्षा

P-8I Aircraft Maintenance: भारतीय नौसेना, आत्मनिर्भर भारत और ASW संचालन

P-8I Aircraft Maintenance: भारतीय नौसेना, आत्मनिर्भर भारत और ASW संचालन

समाचार में क्यों?

27 March 2026 को रक्षा मंत्रालय (Ministry of Defence) ने भारतीय नौसेना के P-8I लंबी दूरी के समुद्री गश्ती विमानों (maritime patrol aircraft) पर डिपो-स्तरीय निरीक्षण (depot-level inspections) करने के लिए एक घरेलू फर्म के साथ ₹413 करोड़ के अनुबंध पर हस्ताक्षर किए। इस समझौते में 100 प्रतिशत स्वदेशी कार्य हिस्सा शामिल है और यह Atmanirbhar Bharat पहल का समर्थन करते हुए भारत के भीतर भारी रखरखाव (heavy maintenance) करने की अनुमति देगा।

पृष्ठभूमि

P-8 Poseidon बोइंग (Boeing) द्वारा विकसित एक बहु-मिशन समुद्री गश्ती विमान है। यह एंटी-सबमरीन वारफेयर (ASW), एंटी-सरफेस वारफेयर, इंटेलिजेंस, सर्विलांस एंड रिकॉनिसेंस (ISR), खोज और बचाव तथा समुद्री डोमेन जागरूकता में उत्कृष्ट है। मुख्य विशेषताओं में शामिल हैं:

  • प्रदर्शन: विमान की शीर्ष गति लगभग 490 समुद्री मील (knots) (905 किमी/घंटा), सर्विस सीलिंग 41,000 फीट और चार घंटे से अधिक स्टेशन पर रहने के साथ 1,200 समुद्री मील (nautical miles) से अधिक की सीमा (range) है।
  • सेंसर: एक मल्टी-मोड AN/APY-10 राडार जहाजों और पनडुब्बियों का पता लगाने के लिए सिंथेटिक अपर्चर और इनवर्स सिंथेटिक अपर्चर इमेजिंग कर सकता है। इलेक्ट्रो-ऑप्टिकल/इन्फ्रारेड (EO/IR) कैमरे, सोनोबुओय (sonobuoy) प्रोसेसिंग सिस्टम और एक ध्वनिक सेंसर सुइट पानी के नीचे के लक्ष्यों की पहचान को बढ़ाते हैं।
  • हथियार: P-8 टॉरपीडो, डेप्थ चार्ज, एंटी-शिप मिसाइलें (जैसे AGM-84 Harpoons) और खदानें ले जा सकता है। एक रोटरी सोनोबुओय लॉन्चर और अंडर-विंग हार्डपॉइंट्स लचीले मिशन कॉन्फ़िगरेशन की अनुमति देते हैं।

भारतीय नौसेना P-8I नामक एक अनुकूलित संस्करण (customised variant) संचालित करती है। संशोधनों में 360° कवरेज के लिए टेलीफोनिक्स APS-143 ओशनआई एफ्ट राडार (Telephonics APS-143 OceanEye aft radar), जलमग्न पनडुब्बियों का पता लगाने के लिए एक मैग्नेटिक विसंगति डिटेक्टर (Magnetic Anomaly Detector - MAD) और कई भारतीय-निर्मित प्रणालियां शामिल हैं:

  • BEL Data Link II और Identification Friend or Foe (IFF): भारतीय नौसेना के जहाजों, विमानों और तटीय स्टेशनों के बीच सुरक्षित सामरिक डेटा (tactical data) के आदान-प्रदान को सक्षम करते हैं।
  • सैटेलाइट संचार (Satellite communications): Avantel का SATCOM सिस्टम लाइन-ऑफ़-साइट (beyond-line-of-sight) से परे कनेक्टिविटी प्रदान करता है।
  • ECIL स्पीच सीक्रेसी डिवाइस (ECIL speech secrecy devices): सुरक्षित ध्वनि संचार सुनिश्चित करते हैं।

डिपो-स्तरीय रखरखाव क्यों मायने रखता है

  • लंबी सेवा अवधि: विमान विभिन्न स्तरों के रखरखाव से गुजरते हैं। डिपो-स्तरीय निरीक्षणों में व्यापक रूप से पुर्जों को अलग करना, संरचनात्मक जांच और सिस्टम ओवरहाल शामिल होते हैं जो फ्रंटलाइन बेस पर नहीं किए जा सकते।
  • लागत और क्षमता: देश के भीतर भारी रखरखाव करने से विदेशी मुद्रा की बचत होती है और विमान की सर्विसिंग और मरम्मत में घरेलू क्षमताएं बनती हैं।
  • परिचालन तत्परता (Operational readiness): समय पर निरीक्षण सुनिश्चित करते हैं कि बेड़ा उड़ान भरने योग्य और मिशन के लिए तैयार रहे, जो हिंद महासागर में नौसेना की बढ़ती गतिविधि को देखते हुए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है।

निष्कर्ष

नया अनुबंध जटिल रक्षा प्लेटफार्मों को बनाए रखने में भारत की बढ़ती आत्मनिर्भरता का संकेत देता है। घर पर ही भारी विमान रखरखाव में विशेषज्ञता हासिल करके, नौसेना यह सुनिश्चित कर सकती है कि P-8I बेड़ा भारत के समुद्री हितों को सुरक्षित करने के लिए एक शक्तिशाली उपकरण बना रहे।

स्रोत: Press Information Bureau

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