Economy (अर्थव्यवस्था)

PM e-DRIVE Scheme: इलेक्ट्रिक वाहन सब्सिडी, ईवी इन्फ्रास्ट्रक्चर और भारी उद्योग

PM e-DRIVE Scheme: इलेक्ट्रिक वाहन सब्सिडी, ईवी इन्फ्रास्ट्रक्चर और भारी उद्योग

चर्चा में क्यों?

30 मार्च 2026 को भारी उद्योग मंत्रालय (Ministry of Heavy Industries) ने घोषणा की कि इनोवेटिव व्हीकल एनहैंसमेंट (PM e-DRIVE) योजना में प्रधानमंत्री के इलेक्ट्रिक ड्राइव रिवोल्यूशन के तहत इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों के लिए सब्सिडी 31 जुलाई 2026 तक और इलेक्ट्रिक रिक्शा और कार्ट के लिए 31 मार्च 2028 तक जारी रहेगी। जनवरी 2026 तक इस योजना ने 22 लाख से अधिक इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री का समर्थन किया था।

पृष्ठभूमि (Background)

1 अक्टूबर 2024 को लॉन्च किया गया, PM e-DRIVE का उद्देश्य भारत के इलेक्ट्रिक मोबिलिटी में परिवर्तन को तेज करना है। यह इलेक्ट्रिक वाहनों और बुनियादी ढांचे के व्यापक स्पेक्ट्रम को कवर करने के लिए पूर्व प्रोत्साहन कार्यक्रमों पर आधारित है। यह योजना खरीद की कीमतों को कम करने के लिए अग्रिम मांग प्रोत्साहन (upfront demand incentives) प्रदान करती है और चार्जिंग बुनियादी ढांचे और इलेक्ट्रिक बसों के लिए अनुदान प्रदान करती है।

प्रमुख घटक (Key components)

  • मांग प्रोत्साहन (Demand incentives): इलेक्ट्रिक दोपहिया, तिपहिया (ई-रिक्शा और ई-कार्ट सहित), ई-एंबुलेंस, ई-ट्रक और अन्य उभरती श्रेणियों के लिए सब्सिडी। योग्य होने के लिए वाहनों को केंद्रीय मोटर वाहन नियम (Central Motor Vehicle Rules) के तहत पंजीकृत होना चाहिए और उन्नत बैटरी तकनीक से लैस होना चाहिए।
  • पूंजी अनुदान (Capital grants): इलेक्ट्रिक बसें प्राप्त करने और पूरे भारत में सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने के लिए धन (Funding)। सात प्रमुख शहरों में 14,028 ई-बसों को तैनात करने के लिए 4,391 करोड़ रुपये और ईवी सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशनों के लिए 2,000 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।
  • प्रशासन और जागरूकता (Administration and awareness): सूचना, शिक्षा और संचार गतिविधियों के लिए प्रावधान और कार्यान्वयन की देखरेख के लिए एक परियोजना प्रबंधन एजेंसी (project management agency) के लिए समर्थन।
  • शासन (Governance): भारी उद्योग सचिव की अध्यक्षता वाली एक अंतर-मंत्रालयी परियोजना कार्यान्वयन और स्वीकृति समिति, प्रगति की निगरानी करती है और प्रोत्साहनों को समायोजित कर सकती है या परीक्षण एजेंसियों के लिए दिशानिर्देशों को मंजूरी दे सकती है।

हाल के अपडेट (Recent updates)

  • 27 जनवरी 2026 तक, इस योजना के तहत लगभग 22.12 लाख इलेक्ट्रिक वाहन बेचे गए थे, जिसमें 19 लाख से अधिक दोपहिया और लगभग 3 लाख तिपहिया वाहन शामिल थे।
  • यह योजना कुल 28 लाख से अधिक ईवी का समर्थन करती है और 2025 के अंत तक निर्माताओं को प्रोत्साहन के रूप में 1,703 करोड़ रुपये की प्रतिपूर्ति (reimbursed) की है।
  • बेंगलुरु, दिल्ली, मुंबई, हैदराबाद, अहमदाबाद, पुणे और सूरत में 13,800 इलेक्ट्रिक बसें आवंटित की गई हैं, जिनमें से अधिकांश के लिए निविदाएं पहले ही संपन्न हो चुकी हैं।

महत्व (Significance)

  • प्रसार में तेजी (Accelerating adoption): अग्रिम लागत (upfront costs) कम करके, यह योजना उपभोक्ताओं को इलेक्ट्रिक वाहनों पर स्विच करने के लिए प्रोत्साहित करती है, जिससे वायु प्रदूषण और ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन कम होता है।
  • औद्योगिक विकास (Industrial development): बसों और चार्जिंग बुनियादी ढांचे के लिए वित्त पोषण (Funding) घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा देता है और वाहन उत्पादन और सेवा क्षेत्रों में रोजगार पैदा करता है।
  • शहरी गतिशीलता (Urban mobility): इलेक्ट्रिक बसें और रिक्शा भारत की जलवायु प्रतिबद्धताओं के अनुरूप शहरों में स्वच्छ परिवहन विकल्प प्रदान करते हैं।

निष्कर्ष (Conclusion)

PM e-DRIVE के तहत सब्सिडी का विस्तार इलेक्ट्रिक मोबिलिटी में गति बनाए रखने के सरकार के दृढ़ संकल्प को दर्शाता है। एक मजबूत ईवी पारिस्थितिकी तंत्र के निर्माण और दीर्घकालिक पर्यावरणीय लाभ प्राप्त करने के लिए वाहनों, बसों और चार्जिंग बुनियादी ढांचे के लिए निरंतर समर्थन महत्वपूर्ण होगा।

Source: Live Mint

Continue reading on the App

Save this article, highlight key points, and take quizzes.

App Store Google Play
Home Current Affairs 📰 Daily News 📊 Economic Survey 2025-26 Subjects 📚 All Subjects ⚖️ Indian Polity 💹 Economy 🌍 Geography 🌿 Environment 📜 History Exam Info 📋 Syllabus 2026 📝 Prelims Syllabus ✍️ Mains Syllabus ✅ Eligibility Resources 📖 Booklist 📊 Exam Pattern 📄 Previous Year Papers ▶️ YouTube Channel
Web App