ख़बरों में क्यों?
केंद्र सरकार ने केंद्रीकृत लोक शिकायत निवारण और निगरानी प्रणाली (Centralised Public Grievance Redress and Monitoring System - CPGRAMS) के साथ एकीकृत (integrated) एक कृत्रिम बुद्धिमत्ता-सक्षम वॉयस असिस्टेंट (artificial intelligence‑enabled voice assistant) समाधान दीदी (Samadhan Didi) लॉन्च किया है। चैटबॉट (chatbot) नागरिकों को सरकारी सेवाओं तक पहुंच को सरल बनाते हुए, अपनी भाषा में बोलकर शिकायत दर्ज करने की अनुमति देता है।
पृष्ठभूमि
CPGRAMS केंद्र और राज्य सरकार के विभागों के खिलाफ सार्वजनिक शिकायतों को प्राप्त करने और निगरानी करने के लिए 2007 में बनाया गया एक ऑनलाइन मंच है। 2014 में शिकायतों की संख्या लगभग दो लाख से बढ़कर प्रति वर्ष 25 लाख से अधिक हो गई है, जिसमें निपटान दर (disposal rates) 95 प्रतिशत से अधिक है। फिर भी कई नागरिक भाषा की बाधाओं (language barriers) से जूझते हैं या अनिश्चित होते हैं कि किस विभाग से संपर्क करें। सरकार की भाषा प्रौद्योगिकी पहल भाषिणी (Bhashini) का उद्देश्य भारतीय भाषाओं के लिए वाक्-से-पाठ (speech‑to‑text) और अनुवाद उपकरण (translation tools) विकसित करना है, जिससे AI-सक्षम सेवाओं (AI‑enabled services) का मार्ग प्रशस्त हो सके।
समाधान दीदी (Samadhan Didi) कैसे काम करती है
- वॉयस-फर्स्ट इंटरफ़ेस (Voice‑first interface): नागरिक कॉल कर सकते हैं या मोबाइल ऐप का उपयोग कर सकते हैं और अपनी पसंद की भाषा में अपनी शिकायत बोल सकते हैं। AI सिस्टम सुनता है, समस्या को समझता है और जरूरत पड़ने पर स्पष्टीकरण (clarifications) मांगता है।
- स्वचालित वर्गीकरण (Automatic classification): प्राकृतिक-भाषा प्रसंस्करण (natural‑language processing) का उपयोग करके चैटबॉट सही मंत्रालय या विभाग और शिकायत की श्रेणी की पहचान करता है। यह फिर CPGRAMS में शिकायत दर्ज करता है, जिससे उपयोगकर्ता को मेनू नेविगेट करने या लिखित एप्लिकेशन ड्राफ्ट (draft written applications) करने की आवश्यकता नहीं होती है।
- बहु-भाषा समर्थन (Multi‑language support): लॉन्च के समय समाधान दीदी हिंदी और अंग्रेजी का समर्थन करती है; भोजपुरी, गारो, खासी, मिजो और बोधी सहित अन्य भारतीय भाषाओं को जोड़ा जा रहा है। व्यक्तिगत डेटा (personal data) की सुरक्षा के लिए सिस्टम एक सुरक्षित सरकारी वातावरण (secure government environment) के भीतर काम करता है।
- विस्तार योजनाएं: अधिकारी चैटबॉट (chatbot) को राज्य के शिकायत पोर्टलों (state grievance portals) के साथ एकीकृत करने और इसे सभी 22 अनुसूचित भाषाओं और अधिक बोलियों (dialects) में विस्तारित करने की योजना बना रहे हैं। इसका उद्देश्य साक्षरता (literacy) या डिजिटल कौशल की परवाह किए बिना प्रत्येक नागरिक के लिए शिकायत निवारण को सुलभ बनाना है।
निष्कर्ष
समाधान दीदी समावेशी शासन (inclusive governance) की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। ध्वनि पहचान (voice recognition) और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (artificial intelligence) का उपयोग करके, सरकार उन लोगों को सशक्त (empowers) बनाती है जो निरक्षर (illiterate) हो सकते हैं या शिकायत निवारण के लिए औपचारिक प्रक्रियाओं (formal procedures) से अपरिचित हो सकते हैं। जैसे-जैसे अधिक भाषाओं और क्षेत्रों को जोड़ा जाता है, यह मंच नागरिक-केंद्रित डिजिटल सेवाओं (citizen‑centric digital services) के लिए एक मॉडल बन सकता है।