रक्षा

Shtil-1 Missiles: भारतीय नौसेना, Rosoboronexport और वायु रक्षा

Shtil-1 Missiles: भारतीय नौसेना, Rosoboronexport और वायु रक्षा

चर्चा में क्यों?

भारत ने भारतीय नौसेना के लिए Shtil-1 वर्टिकल-लॉन्च (vertical-launch) सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलों (surface-to-air missiles) की खरीद के लिए रूस के राज्य हथियार निर्यातक रोसोबोरोनेक्सपोर्ट (Rosoboronexport) के साथ मार्च 2026 की शुरुआत में लगभग ₹21.8 बिलियन (लगभग $238 मिलियन) के अनुबंध पर हस्ताक्षर किए। इस खरीद का उद्देश्य अग्रिम पंक्ति के युद्धपोतों (frontline warships) की स्तरित वायु-रक्षा क्षमता (layered air-defence capability) को मजबूत करना है।

पृष्ठभूमि

Shtil-1 प्रणाली रूस की Buk (बूक) मध्यम दूरी की सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलों का नौसैनिक रूपांतरण है। पहले के भारतीय युद्धपोत (frigates), विशेष रूप से रूसी-डिज़ाइन किए गए तलवार-श्रेणी (Talwar-class) के, पहले से ही प्रशिक्षण योग्य रेल (trainable rails) से लॉन्च की गई Shtil मिसाइलों का उपयोग करते हैं। वर्टिकल-लॉन्च संस्करण, हालांकि, मिसाइलों को लगभग तुरंत किसी भी दिशा में दागे जाने की अनुमति देता है, जो आधुनिक हवाई खतरों के खिलाफ चौतरफा बचाव प्रदान करता है।

Shtil-1 प्रणाली की मुख्य विशेषताएं

  • वर्टिकल लॉन्च: मिसाइलें डेक के नीचे लंबवत कोशिकाओं (vertical cells) में रखी जाती हैं और इन्हें सीधे ऊपर की ओर लॉन्च किया जा सकता है, जिसके बाद वे लक्ष्य की ओर झुकती हैं। यह डिजाइन पुराने रेल-लॉन्च सिस्टम की तुलना में 360-डिग्री कवरेज और तेज प्रतिक्रिया समय (reaction times) प्रदान करता है।
  • मध्यम-दूरी अवरोधन (Medium-range interception): सिस्टम में उपयोग की जाने वाली 9M317ME मिसाइल लगभग 50 किलोमीटर की सीमा और 15 किलोमीटर की ऊंचाई तक विमान, हेलीकॉप्टर, मानव रहित हवाई वाहन (UAVs) और समुद्र में स्किमिंग एंटी-शिप मिसाइलों (sea-skimming anti-ship missiles) को संलग्न कर सकती है।
  • उच्च गति और मार्गदर्शन: मिसाइल मैक 3 (Mach 3) से अधिक गति से यात्रा करती है। यह पैंतरेबाज़ी करने वाले लक्ष्यों (manoeuvring targets) को ट्रैक करने और नष्ट करने के लिए जहाज के फायर-कंट्रोल रडार (fire-control radars) द्वारा निर्देशित अर्ध-सक्रिय रडार होमिंग (semi-active radar homing) का उपयोग करती है।
  • स्तरित रक्षा में भूमिका: एक युद्धपोत पर, Shtil-1 लंबी दूरी की क्षेत्र-रक्षा (area-defence) मिसाइलों और कम दूरी की क्लोज-इन हथियार प्रणालियों के बीच मध्यम दूरी की परत के रूप में कार्य करता है। साथ में, ये परतें एक साथ कई खतरों के खिलाफ व्यापक सुरक्षा प्रदान करती हैं।
  • प्लेटफ़ॉर्म एकीकरण: नई मिसाइलें वर्टिकल लॉन्चर के साथ फिट मौजूदा भारतीय नौसेना युद्धपोतों को लैस करेंगी। प्रत्येक पोत में आम तौर पर लगभग 24 मिसाइलें होती हैं, जो विस्तारित तैनाती (extended deployments) के दौरान निरंतर संचालन को सक्षम करती हैं।

रणनीतिक महत्व

  • उभरते खतरों का मुकाबला: इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में एंटी-शिप मिसाइलें और सशस्त्र ड्रोन (armed drones) बढ़ रहे हैं। भारत के कैरियर बैटल ग्रुप (carrier battle groups), उभयचर कार्य बलों (amphibious task forces) और मर्चेंट शिपिंग को सुरक्षित रखने के लिए उन्नत वायु-रक्षा क्षमताएं आवश्यक हैं।
  • रूसी प्लेटफार्मों के साथ इंटरऑपरेबिलिटी (Interoperability): यह खरीद भारत और रूस के बीच लंबे समय से चली आ रही रक्षा साझेदारी को रेखांकित करती है। कई भारतीय नौसेना के फ्रिगेट और पनडुब्बियां रूसी मूल की हैं, इसलिए संगत मिसाइल सिस्टम प्राप्त करने से लॉजिस्टिक्स और प्रशिक्षण सरल हो जाता है।
  • मिशन तत्परता (Mission readiness) बढ़ाना: मध्यम दूरी के इंटरसेप्टर्स का पर्याप्त भंडार होने से यह सुनिश्चित होता है कि जहाज बिना आपूर्ति के लंबे समय तक समुद्र में रह सकते हैं, संकट के दौरान युद्ध प्रभावशीलता को बनाए रख सकते हैं।

निष्कर्ष

Shtil-1 मिसाइल अनुबंध भारतीय नौसेना की वायु-रक्षा छतरी में एक महत्वपूर्ण निवेश का प्रतिनिधित्व करता है। वर्टिकल-लॉन्च तकनीक को अपनाकर और मिसाइल स्टॉक को फिर से भरकर, भारत विवादित जल (contested waters) में अपने सतह बेड़े (surface fleet) की उत्तरजीविता (survivability) को बढ़ा रहा है।

स्रोत: Army Recognition · Naval Today

Sign in Today’s news
Current affairs Daily news Daily quiz News Blitz Shorts Economic Survey 2025-26 Subjects
Polity Economy Geography Environment History Science & Tech Intl. Relations Internal Security Art & Culture Social Issues
All subjects Exam info UPSC Syllabus Prelims syllabus Mains syllabus Exam pattern Eligibility & attempts OBC & EWS checker Resources Free downloads Booklist 2026 Previous year papers Video notes YouTube channel