समाचार में क्यों?
Bihar और Jharkhand ने Sone River के पानी को साझा करने के लिए आंतरिक मंजूरी पूरी कर ली है। केंद्र सरकार ने August 2026 के दौरान एक समझौते पर हस्ताक्षर करने का प्रस्ताव दिया। Bihar को पुराने संयुक्त हिस्से से 5.75 million acre-feet प्राप्त होगा। Jharkhand को शेष 2 million acre-feet प्राप्त होगा।
पृष्ठभूमि
Sone River, जिसे Son भी लिखा जाता है, इसके दक्षिणी दाहिने किनारे से Ganga में प्रवेश करने वाली एक प्रमुख सहायक नदी है।
यह नदी Madhya Pradesh में अमरकंटक (Amarkantak) के पास, Narmada और Johila के उद्गम स्थल (headwaters) के करीब से निकलती है।
हालाँकि, Narmada पश्चिम की ओर बहती है जबकि Sone अंततः पूर्व की ओर बहती है।
नदी का मार्ग
- Sone अमरकंटक में लगभग 1,067 metres से शुरू होती है, फिर Madhya Pradesh में उत्तर-पश्चिम की ओर बहती है।
- कैमूर रेंज (Kaimur Range) नदी को तेजी से पूर्व की ओर मोड़ देती है।
- इसके बाद यह Uttar Pradesh और Jharkhand के पास या वहां से होकर बहती है।
- नदी Bihar में प्रवेश करती है और एक विस्तृत रेतीले चैनल (sandy channel) में फैल जाती है।
- अंत में, यह पटना (Patna) के पश्चिम में मनेर (Maner) के पास Ganga में मिल जाती है।
प्रमुख भौगोलिक तथ्य
| विशेषता | विवरण |
|---|---|
| स्रोत क्षेत्र | अमरकंटक उच्चभूमि (Amarkantak highlands), Madhya Pradesh |
| स्रोत की ऊंचाई | लगभग 1,067 metres |
| अनुमानित लंबाई | लगभग 800 kilometres |
| जल निकासी प्रणाली (Drainage system) | Ganga नदी प्रणाली |
| संगम | पटना (Patna) के पश्चिम में, मनेर (Maner) के पास |
| नदी का स्वरूप | चौड़ी, रेतीली और दृढ़ता से मौसमी |
आधिकारिक लंबाई विधि के अनुसार भिन्न होती है, जिसमें River Basin Atlas लगभग 784 kilometres का समर्थन करता है।
Bansagar Control Board 820.74 kilometres देता है, इसलिए "लगभग 800 kilometres" झूठी सटीकता से बचाता है।
चैनल (channel) इतना चौड़ा और रेतीला क्यों है?
Sone पुरानी चट्टानों को पार करती है, जबकि तेज मानसूनी बाढ़ बड़ी मात्रा में रेत और अन्य तलछट (sediment) ले जाती है।
सूखे महीनों के दौरान, गिरता हुआ निर्वहन (discharge) सक्रिय चैनल को रेतीले नदी के तल (riverbed) के केवल एक हिस्से पर कब्जा करने के लिए छोड़ देता है।
इस मौसमी विषमता ने कभी नेविगेशन को मुश्किल बना दिया था।
महत्वपूर्ण सहायक नदियाँ
| सहायक समूह | उदाहरण |
|---|---|
| उत्तरी और ऊपरी सहायक नदियाँ | Johila, Banas और Chhoti Mahanadi |
| दक्षिणी पठार की सहायक नदियाँ | Gopad, Rihand, Kanhar और North Koel |
Rihand और North Koel खनिज-समृद्ध पठारों को बहाती हैं, जबकि Rihand Dam एक सहायक नदी पर है, Sone पर नहीं।
प्रमुख परियोजनाएं
| परियोजना | नदी | मुख्य भूमिका |
|---|---|---|
| Bansagar Dam | मुख्य Sone | सिंचाई, जलविद्युत (hydropower) और जल नियमन |
| Indrapuri Barrage | मुख्य Sone | पानी को Bihar के नहर नेटवर्क में मोड़ता है |
| Rihand Dam | Rihand सहायक नदी | जलाशय भंडारण और जलविद्युत (hydropower) |
Sone सिंचाई का एक संक्षिप्त इतिहास
1873–74 के दौरान, ब्रिटिश इंजीनियरों ने देहरी (Dehri) में एक एनीकट (anicut), या निम्न जल-मार्ग परिवर्तन अवरोध (low water-diversion barrier) का निर्माण किया।
इसकी नहरों ने दक्षिणी Bihar की सिंचाई की, इससे पहले कि Indrapuri Barrage ने प्रणाली को बदल दिया और उसका विस्तार किया।
निर्माण 1960 के दशक के दौरान शुरू हुआ, और 1968 में कमीशनिंग हुई।
1,407-metre की इस संरचना को Bihar Tourism द्वारा दुनिया का चौथा सबसे लंबा बैराज (barrage) बताया गया है।
1973 का Bansagar Agreement
Madhya Pradesh, Uttar Pradesh और अविभाजित Bihar ने 16 September 1973 को इस जल-बंटवारे समझौते पर हस्ताक्षर किए।
| 1973 समझौते के तहत राज्य | आवंटित पानी |
|---|---|
| Madhya Pradesh | 5.25 million acre-feet |
| Uttar Pradesh | 1.25 million acre-feet |
| अविभाजित Bihar | 7.75 million acre-feet |
केंद्र सरकार ने January 1976 के दौरान Bansagar Control Board की स्थापना की।
बोर्ड (Board) अंतरराज्यीय परियोजना और संबंधित समझौते की जिम्मेदारियों का समन्वय करता है।
million acre-feet क्या है?
एक acre-foot एक फुट गहरे पानी वाले एक एकड़ को कवर करता है, जो लगभग 1.233 मिलियन लीटर के बराबर है।
एक million acre-feet (MAF) का अर्थ है दस लाख ऐसे मानक जल आयतन।
एक नए विभाजन की आवश्यकता क्यों हुई?
Jharkhand 15 November 2000 को Bihar से अलग हो गया, लेकिन 1973 के समझौते में एक संयुक्त Bihar हिस्सा था।
लापता आंतरिक विभाजन ने दोनों उत्तराधिकारी राज्यों के लिए एक लंबे समय से चली आ रही प्रशासनिक और योजना संबंधी समस्या पैदा कर दी।
वर्तमान फॉर्मूले (formula) तक कैसे पहुंचा गया?
| चरण | विकास |
|---|---|
| 10 July 2025 | Eastern Zonal Council ने अनसुलझे आवंटन पर चर्चा की। |
| केंद्रीय समीक्षा | Central Water Commission के माध्यम से अध्यक्षित एक समिति ने इसकी जांच की। |
| समिति की सिफारिश | सदस्यों ने सर्वसम्मति से 5.75–2.00 MAF विभाजन का समर्थन किया। |
| January 2026 | Bihar की कैबिनेट ने प्रस्तावित फॉर्मूले को मंजूरी दी। |
| July 2026 | Jharkhand की कैबिनेट ने भी मंजूरी पूरी कर ली। |
| 14 July 2026 | केंद्रीय मंत्रालय ने अगस्त में हस्ताक्षर समारोह का प्रस्ताव रखा। |
प्रस्तावित नया विभाजन
| उत्तराधिकारी राज्य | प्रस्तावित हिस्सा | पुराने Bihar हिस्से का भाग |
|---|---|---|
| Bihar | 5.75 MAF | लगभग 74.2 per cent |
| Jharkhand | 2.00 MAF | लगभग 25.8 per cent |
| कुल (Total) | 7.75 MAF | संपूर्ण मूल आवंटन |
यह फॉर्मूला केवल अविभाजित Bihar के आवंटन को विभाजित करता है, जिससे Madhya Pradesh और Uttar Pradesh के मूल हिस्से अपरिवर्तित रहते हैं।
परिणाम एक बातचीत समझौता (negotiated agreement) है, कोई न्यायाधिकरण (tribunal) पुरस्कार नहीं।
समझौता क्यों मायने रखता है?
- यह योजना की अनिश्चितता को दूर करता है और शुष्क मौसम (dry-season) नहर प्रबंधन में सुधार कर सकता है।
- यह प्रस्तावित Indrapuri Reservoir Project का समर्थन कर सकता है।
- यह दो उत्तराधिकारी राज्यों के बीच जल लेखांकन (water accounting) को स्पष्ट करता है।
- यह एक अंतरराज्यीय मुद्दे के लिए एक बातचीत मार्ग (negotiated path) प्रदर्शित करता है।
प्रस्तावित जलाशय भोजपुर (Bhojpur), बक्सर (Buxar), रोहतास (Rohtas), कैमूर (Kaimur) और औरंगाबाद (Aurangabad) सहित आठ Bihar जिलों का समर्थन कर सकता है।
पटना (Patna), गया (Gaya) और अरवल (Arwal) को भी लाभ होने की उम्मीद है।
निष्कर्ष
एक स्पष्ट Sone आवंटन मूल अंतरराज्यीय समझौते को संरक्षित करते हुए सिंचाई योजना का समर्थन कर सकता है।