अर्थव्यवस्था

Sulphur: सल्फ्यूरिक एसिड उत्पादन, उर्वरक आपूर्ति और निर्यात प्रतिबंध

Sulphur: सल्फ्यूरिक एसिड उत्पादन, उर्वरक आपूर्ति और निर्यात प्रतिबंध

चर्चा में क्यों?

खाड़ी क्षेत्र (Gulf region) में चल रहे संघर्ष के बाद मध्य पूर्व से शिपमेंट में व्यवधान के कारण वैश्विक सल्फर (Sulphur) आपूर्ति में भारी कमी आई है। भारत, जो अपने आधे से अधिक सल्फर का आयात करता है, उर्वरक और रसायन उद्योगों के लिए घरेलू उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए निर्यात पर प्रतिबंध लगाने पर विचार कर रहा है। कीमतों में वृद्धि हुई है, जिससे किसानों और निर्माताओं के लिए कमी की आशंका पैदा हो गई है।

सल्फर के बारे में (About sulphur)

सल्फर S प्रतीक और परमाणु क्रमांक 16 वाला एक पीला, अधात्विक (non-metallic) तत्व है। यह पृथ्वी पर सबसे प्रचुर मात्रा में पाए जाने वाले तत्वों में से एक है। ऐतिहासिक रूप से ज्वालामुखी निक्षेपों (volcanic deposits) से खनन किया गया, आज अधिकांश सल्फर खट्टे कच्चे तेल (sour crude oil) और प्राकृतिक गैस (natural gas) को परिष्कृत करने के उप-उत्पाद (by-product) के रूप में प्राप्त किया जाता है। प्रमुख उत्पादकों में मध्य पूर्व, कनाडा, संयुक्त राज्य अमेरिका और चीन शामिल हैं।

प्रमुख उपयोग (Major uses)

  • सल्फ्यूरिक एसिड का उत्पादन (Sulphuric acid production): अधिकांश सल्फर को सल्फ्यूरिक एसिड (sulphuric acid) में बदल दिया जाता है, जो दुनिया का सबसे व्यापक रूप से इस्तेमाल किया जाने वाला रसायन है। फॉस्फेट उर्वरक (phosphate fertilisers), डिटर्जेंट, फार्मास्यूटिकल्स, कागज और स्टील पिकलिंग (steel pickling) के निर्माण के लिए सल्फ्यूरिक एसिड आवश्यक है।
  • उर्वरक (Fertilisers): सल्फर एक आवश्यक पौधे का पोषक तत्व है। यह अमोनियम सल्फेट (ammonium sulphate) या सिंगल सुपर फॉस्फेट (single super phosphate) के रूप में उपयोग किए जाने पर फसल की पैदावार और गुणवत्ता में सुधार करता है।
  • खनन और धातु (Mining and metals): सल्फ्यूरिक एसिड का उपयोग हीप लीचिंग (heap leaching) जैसी प्रक्रियाओं के माध्यम से अयस्कों से तांबा, निकल और यूरेनियम जैसी धातुओं को निकालने के लिए किया जाता है।
  • अन्य उद्योग (Other industries): सल्फर का उपयोग रबर को वल्केनाइज (vulcanising) करने, रेयान और नायलॉन फाइबर का उत्पादन करने, पेंट और पिगमेंट (pigments) के निर्माण, सौंदर्य प्रसाधन और फार्मास्यूटिकल्स बनाने और अपशिष्ट जल के उपचार में किया जाता है।

वर्तमान आपूर्ति चिंताएं (Current supply concerns)

  • बाधित शिपमेंट (Disrupted shipments): फरवरी 2026 के अंत से, खाड़ी में सैन्य तनाव ने होर्मुज जलडमरूमध्य के माध्यम से शिपिंग को गंभीर रूप से बाधित कर दिया है, जो मध्य पूर्व से सल्फर निर्यात के लिए एक प्रमुख मार्ग है। यह क्षेत्र वैश्विक सल्फर आपूर्ति का लगभग एक-चौथाई हिस्सा है।
  • भारतीय निर्भरता (Indian dependence): भारत हर साल लगभग 2 मिलियन टन सल्फर का आयात करता है, मुख्य रूप से खाड़ी देशों से, और लगभग 800,000 टन का निर्यात करता है- ज्यादातर चीन को। कम आयात के कारण घरेलू कीमतों में उछाल आया है।
  • संभावित निर्यात प्रतिबंध (Possible export restrictions): भारत में उद्योग समूहों ने सरकार से उर्वरक और एसिड निर्माताओं के लिए पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए सल्फर निर्यात को सीमित करने का आग्रह किया है। इस तरह के प्रतिबंध वैश्विक कीमतें बढ़ा सकते हैं लेकिन घरेलू कृषि की रक्षा कर सकते हैं।

महत्व

  • खाद्य सुरक्षा (Food security): सल्फर युक्त उर्वरक फसल की पैदावार के लिए महत्वपूर्ण हैं। कमी से कृषि उत्पादन और खाद्य कीमतें प्रभावित हो सकती हैं।
  • औद्योगिक प्रभाव (Industrial impact): सल्फ्यूरिक एसिड की तंग आपूर्ति धातु निष्कर्षण और कई रासायनिक प्रक्रियाओं को बाधित कर सकती है, जिससे खनन से लेकर फार्मास्यूटिकल्स तक के उद्योग प्रभावित हो सकते हैं।
  • वैश्विक बाजार (Global markets): निर्यात को प्रतिबंधित करने के लिए भारत और अन्य प्रमुख उपयोगकर्ताओं के निर्णय अंतरराष्ट्रीय सल्फर बाजार में कमी और अस्थिरता को बढ़ा सकते हैं।

स्रोत: Indian Express

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