समाचार में क्यों?
महाराष्ट्र के ताडोबा-अंधारी टाइगर रिजर्व (Tadoba-Andhari Tiger Reserve) ने 1 मई 2026 को अपनी वार्षिक जनगणना (annual census) की, जब हजारों स्वयंसेवक पार्क भर में मचानों (machans - watchtowers) में बैठे। जनगणना में 42 बाघों (tigers) और 13 तेंदुओं (leopards) सहित 5,765 वन्यजीवों के देखे जाने (wildlife sightings) को दर्ज किया गया। शाकाहारी जानवरों (Herbivores) जैसे कि चित्तीदार हिरण (spotted deer), लंगूर और सांभर (sambar) का दबदबा रहा। अधिकारियों का कहना है कि यह डेटा आवास प्रबंधन (habitat management) और संरक्षण रणनीतियों (conservation strategies) को सूचित करेगा।
पृष्ठभूमि
ताडोबा-अंधारी टाइगर रिजर्व (TATR) महाराष्ट्र के चंद्रपुर जिले में स्थित है और लगभग 625 वर्ग किमी में फैला है, जो इसे राज्य का सबसे बड़ा और सबसे पुराना राष्ट्रीय उद्यान (national park) बनाता है। रिजर्व का नाम स्थानीय देवता तारू (Taru - Tadoba) और अंधारी नदी (Andhari River) के नाम पर रखा गया है जो इस क्षेत्र से होकर बहती है। इसका परिदृश्य (landscape) विविध है, जिसमें सागौन के जंगल (teak forests), घास के मैदान (meadows), चट्टानें (cliffs), झीलें और नदियाँ (streams) शामिल हैं। ताडोबा झील, कोलसा झील और अंधारी नदी साल भर पानी उपलब्ध कराते हैं और दलदली मगरमच्छों (marsh crocodiles) का समर्थन करते हैं।
जंगल में दक्षिणी उष्णकटिबंधीय शुष्क पर्णपाती पेड़ों (southern tropical dry deciduous trees) जैसे सागौन का वर्चस्व है। कच कुजली और भेरिया जैसे औषधीय पौधे (Medicinal plants) यहाँ उगते हैं। यह रिजर्व बंगाल के बाघों (Bengal tigers), तेंदुओं (leopards), गौर (gaur - भारतीय बाइसन), स्लोथ भालू (sloth bears), ढोल (dholes - जंगली कुत्ते), नीलगाय (nilgai) और 195 से अधिक पक्षी प्रजातियों का घर है। सरीसृपों (Reptiles) में सांप (snakes), अजगर (pythons) और स्टार कछुए (star tortoises) शामिल हैं। इस क्षेत्र को 1995 में प्रोजेक्ट टाइगर (Project Tiger) के तहत लाया गया था, और संरक्षण प्रयास आवास बहाली (habitat restoration), अवैध शिकार विरोधी गश्त (anti-poaching patrols) और सामुदायिक जागरूकता (community awareness) पर केंद्रित हैं।
मुख्य बिंदु
- जनगणना के निष्कर्ष (Census findings): मचान जनगणना (machan census) में 42 बाघ और 13 तेंदुए देखे जाने की सूचना मिली। देखे गए जानवरों में शाकाहारी जानवरों की संख्या आधी से अधिक थी, जो रिजर्व के स्वस्थ शिकार आधार (healthy prey base) को रेखांकित करता है। स्वयंसेवकों ने गौर (gaur), जंगली सुअर (wild boar) और भारतीय मोर (Indian peafowl) भी देखे। नागरिकों की भागीदारी अधिक थी, अधिकांश मचान (watchtowers) पहले से बुक थे।
- जैव विविधता (Biodiversity): बड़ी बिल्लियों (big cats) के अलावा, TATR स्लोथ भालू और हनी बेजर (honey badgers) जैसी दुर्लभ प्रजातियों (rare species) की मेजबानी करता है। 195 से अधिक पक्षी प्रजातियों, जिनमें हनी बज़र्ड (honey buzzards), क्रेस्टेड सर्पेंट ईगल (crested serpent eagles) और पैराडाइज़ फ्लाईकैचर (paradise flycatchers) शामिल हैं, को दर्ज किया गया है।
- पर्यटन और मौसम (Tourism and seasons): जीप सफारी (Jeep safaris) और नाव की सवारी (boat rides) मुख्य रूप से सर्दियों और गर्मियों के दौरान संचालित होती हैं। गर्मियों (मार्च-मई) में पानी के छिद्रों (waterholes) के पास बाघों को देखने की अधिक संभावना होती है, जबकि मानसून (जून-सितंबर) हरियाली (lush greenery) लाता है लेकिन सीमित पर्यटन (limited tourism) होता है। सर्दियाँ (अक्टूबर-फरवरी) आरामदायक मौसम प्रदान करती हैं।
- पहुंच (Access): निकटतम रेलवे स्टेशन चंद्रपुर (Chandrapur) है, जो लगभग 45 किमी दूर है। पार्क तक नागपुर (~150 किमी) से सड़क मार्ग से और नागपुर हवाई अड्डे (Nagpur airport) तक उड़ानों के बाद सड़क मार्ग से पहुंचा जा सकता है।
महत्व
नियमित वन्यजीव जनगणना (wildlife censuses) अधिकारियों को जनसंख्या के रुझान (population trends) की निगरानी करने और रिजर्व की पारिस्थितिकी (ecology) का प्रबंधन करने में मदद करती है। स्वस्थ शाकाहारी संख्या बाघों जैसे शीर्ष शिकारियों (apex predators) को बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण है। TATR के संरक्षण प्रयास पर्यटन (tourism) को वन्यजीव संरक्षण (wildlife protection) के साथ संतुलित करने और स्थानीय समुदायों (local communities) को संरक्षण में शामिल करने के लिए एक मॉडल (model) प्रदान करते हैं।
स्रोत: Devdiscourse