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Tetanus Resurgence: वैक्सीन बूस्टर और सार्वजनिक स्वास्थ्य चिंताएँ

Tetanus Resurgence: वैक्सीन बूस्टर और सार्वजनिक स्वास्थ्य चिंताएँ

चर्चा में क्यों?

हाल ही में संयुक्त राज्य अमेरिका के कुछ हिस्सों में टिटनेस (Tetanus) के मामले सामने आए हैं। सार्वजनिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों को चिंता है कि टीकाकरण और बूस्टर कवरेज में कमी से संक्रमण बढ़ सकता है। यह खबर नियमित टीकाकरण (routine immunisation) के प्रति सतर्क रहने की आवश्यकता पर प्रकाश डालती है।

पृष्ठभूमि

टिटनेस, जिसे लॉकजॉ (lockjaw) भी कहा जाता है, क्लॉस्ट्रिडियम टेटानी (Clostridium tetani) जीवाणु के कारण होने वाली एक गंभीर बीमारी है। ये बैक्टीरिया मिट्टी और जानवरों के अपशिष्ट में रहते हैं। वे पंचर घावों या जलने के माध्यम से शरीर में प्रवेश करते हैं और एक विष (toxin) पैदा करते हैं जो तंत्रिका तंत्र (nervous system) को प्रभावित करता है। इस विष के कारण मांसपेशियों में दर्दनाक जकड़न होती है, विशेष रूप से जबड़े और गर्दन में। प्रारंभिक उपचार के बिना यह बीमारी अक्सर घातक होती है।

टीकाकरण ने टिटनेस को दुर्लभ बना दिया है। संयुक्त राज्य अमेरिका में हर साल 50 से कम मामले सामने आते हैं, लेकिन मृत्यु दर (fatality rate) अधिक बनी हुई है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (World Health Organisation) की रिपोर्ट है कि अस्वच्छ प्रसव प्रथाओं के कारण नवजात टिटनेस (neonatal tetanus) अभी भी दुनिया भर में हजारों शिशुओं की जान लेता है। टिटनेस के लिए सक्रिय प्रतिरक्षा (Active immunity) केवल टिटनेस टॉक्सोइड-युक्त टीकों (tetanus toxoid-containing vaccines) के टीकाकरण के माध्यम से प्राप्त की जाती है, क्योंकि बीमारी से बचने के बाद भी प्रतिरक्षा (immunity) नहीं मिलती है; टिटनेस इम्यून ग्लोब्युलिन (tetanus immune globulin) द्वारा अल्पकालिक निष्क्रिय प्रतिरक्षा (passive immunity) भी प्रदान की जा सकती है और, नवजात शिशुओं में, मातृ एंटीबॉडी (maternal antibodies) द्वारा। हर 10 साल में नियमित वयस्क बूस्टर टीडी (Td - tetanus-diphtheria) या टीडीएपी (Tdap) हो सकता है, जिसमें वयस्कता में कम से कम एक बार टीडीएपी (Tdap) दिया जाता है। सुरक्षा बनाए रखने के लिए हर दस साल में बूस्टर शॉट्स की सिफारिश की जाती है क्योंकि समय के साथ प्रतिरक्षा कम हो जाती है।

मुख्य बिंदु

  • टिटनेस संक्रामक (contagious) नहीं है; यह तब विकसित होता है जब बीजाणु (spores) टूटी हुई त्वचा में प्रवेश करते हैं।
  • लक्षणों में जबड़े की जकड़न, मांसपेशियों में ऐंठन, निगलने में कठिनाई और दौरे (seizures) शामिल हैं।
  • खराब स्वच्छता वाले क्षेत्रों में शिशु और माताएं विशेष रूप से असुरक्षित हैं।
  • टीकाकरण टिटनेस, डिप्थीरिया और पर्टुसिस (tetanus, diphtheria and pertussis) से बचाता है। हर दशक में बूस्टर शॉट्स आवश्यक हैं।
  • लक्षण प्रकट होने के बाद इसका कोई इलाज नहीं है; उपचार ऐंठन को नियंत्रित करने और विष को हटाने पर केंद्रित है।

निष्कर्ष

टिटनेस घातक हो सकता है लेकिन इसे पूरी तरह से रोका जा सकता है। हाल के मामले हमें याद दिलाते हैं कि जीवन भर टीके और बूस्टर महत्वपूर्ण हैं। स्वच्छ प्रसव प्रथाओं और नियमित टीकाकरण को सुनिश्चित करने से जीवन बचाया जा सकता है और इस दर्दनाक बीमारी को लौटने से रोका जा सकता है।

स्रोत: TOI
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