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THAAD System: US मिसाइल रक्षा और हिट-टू-किल तकनीक

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चर्चा में क्यों? पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्षों ने मिसाइल रक्षा प्रणालियों (missile defence systems) पर निर्भरता बढ़ा दी है। एक प्रमुख संपत्ति संयुक्त राज्य अमेरिका की टर्मिनल हाई एल्टीट्यूड एरिया डिफेंस (Terminal High Altitude Area Defence - THAAD) है, जिसे सहयोगियों की रक्षा करने और आने वाली बैलिस्टिक मिसाइलों को रोकने के लिए तैनात किया गया है। हाल के हमलों ने ध्यान आकर्षित किया है कि THAAD कैसे संचालित होता है और इसकी क्षमताएं क्या हैं।

पृष्ठभूमि

थाड (THAAD) को अमेरिकी मिसाइल रक्षा एजेंसी द्वारा उनकी उड़ान के अंतिम चरण के दौरान छोटी और मध्यवर्ती दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलों (short- and intermediate-range ballistic missiles) को रोकने के लिए विकसित किया गया था। पारंपरिक इंटरसेप्टर (interceptors) के विपरीत जो एक लक्ष्य के पास विस्फोट करते हैं, THAAD एक "हिट-टू-किल (hit-to-kill)" दृष्टिकोण का उपयोग करता है, उच्च गति पर उनसे टकराकर आने वाली मिसाइलों को नष्ट करता है। प्रणाली पहली बार 2008 में सेवा में आई और इसे कुछ अमेरिकी सहयोगियों को निर्यात किया गया है।

क्षमताएं

  • अवरोधन सीमा (Interception range): THAAD लगभग 150-200 किलोमीटर की दूरी पर और लगभग 150 किलोमीटर की ऊंचाई पर लक्ष्य को संलग्न कर सकता है।
  • रडार: इसका AN/TPY-2 X-बैंड रडार (X-band radar) लगभग 3 000 किलोमीटर दूर तक मिसाइलों का पता लगा सकता है और उन्हें ट्रैक कर सकता है। "फॉरवर्ड-बेस्ड (forward-based)" मोड में यह प्रारंभिक चेतावनी प्रदान करता है, जबकि "टर्मिनल (terminal)" मोड में यह उड़ान के अंतिम चरण के दौरान इंटरसेप्टर का मार्गदर्शन करता है।
  • लॉन्च सिस्टम: प्रत्येक THAAD बैटरी में छह ट्रक-माउंटेड लॉन्चर (truck-mounted launchers) होते हैं, जिनमें से प्रत्येक में आठ इंटरसेप्टर मिसाइलें होती हैं, साथ ही एक रडार और एक अग्नि नियंत्रण केंद्र (fire control centre) होता है।
  • गतिशीलता और एकीकरण (Mobility and integration): सिस्टम को बड़े परिवहन विमानों द्वारा हवाई-लिफ्ट किया जा सकता है, जिससे तेजी से तैनाती हो सकती है। यह पैट्रियट पीएसी-3 (Patriot PAC-3) और एजिस जहाज-आधारित इंटरसेप्टर (Aegis ship-based interceptors) जैसी अन्य मिसाइल रक्षा प्रणालियों के साथ मिलकर एक स्तरित रक्षा बनाने के लिए काम करता है।
  • हिट-टू-किल तकनीक: THAAD इंटरसेप्टर विस्फोटक हथियारों से लैस नहीं हैं। इसके बजाय, वे आने वाली मिसाइलों को नष्ट करने के लिए गतिज ऊर्जा (kinetic energy) पर भरोसा करते हैं, जिससे संपार्श्विक क्षति (collateral damage) कम होती है।

वायुमंडल के बाहर मिसाइलों को रोककर, THAAD एक महत्वपूर्ण रक्षात्मक परत (defensive layer) प्रदान करता है। इसे दक्षिण कोरिया, गुआम और मध्य पूर्व (Middle East) जैसे क्षेत्रों में तैनात किया गया है। हालाँकि, इसे क्रूज मिसाइलों (cruise missiles) या कम-उड़ान वाले ड्रोन का मुकाबला करने के लिए डिज़ाइन नहीं किया गया है, इसलिए व्यापक रक्षा के लिए प्रणालियों के संयोजन की आवश्यकता है।

स्रोत: Times of India explainer on THAAD

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