ख़बरों में क्यों?
कैलगरी विश्वविद्यालय (University of Calgary) के शोधकर्ताओं ने ग्लियोब्लास्टोमा (glioblastoma), जो एक घातक मस्तिष्क कैंसर है, के मानक उपचार में विटामिन B3 की उच्च खुराक (high doses) जोड़ने वाले परीक्षण के शुरुआती परिणामों की सूचना दी है। उन्होंने पाया कि नियासिन (niacin) ट्यूमर द्वारा दबा दी गई प्रतिरक्षा कोशिकाओं (immune cells) को पुनर्जीवित कर सकता है, और 82 प्रतिशत प्रतिभागियों में छह महीने में कोई बीमारी की प्रगति नहीं देखी गई – जो कि पहले के अध्ययनों की तुलना में 28 प्रतिशत का सुधार है। वैज्ञानिक इस बात पर जोर देते हैं कि यह थेरेपी प्रयोगात्मक है और चिकित्सकीय देखरेख के बिना नियासिन की उच्च खुराक खतरनाक हो सकती है।
पृष्ठभूमि
विटामिन B3, जिसे नियासिन भी कहा जाता है, की पहचान 1930 के दशक में हुई थी जब शोधकर्ताओं ने पाया कि इस विटामिन की कमी से पेलाग्रा (pellagra) होता है, जो जिल्द की सूजन (dermatitis), दस्त और डिमेंशिया (dementia) द्वारा चिह्नित एक बीमारी है। इसके दो मुख्य रूप हैं - निकोटिनिक एसिड (nicotinic acid) और निकोटिनामाइड (nicotinamide) - शरीर इन दोनों का उपयोग निकोटिनामाइड एडेनिन डाइन्यूक्लियोटाइड (NAD) बनाने के लिए करता है, जो 400 से अधिक एंजाइम प्रतिक्रियाओं में शामिल एक अणु है। नियासिन भोजन को ऊर्जा में बदलने, डीएनए बनाने और सुधारने और कोलेस्ट्रॉल और वसा को संश्लेषित (synthesise) करने में मदद करता है। यह पानी में घुलनशील है, इसलिए अतिरिक्त मात्रा मूत्र में उत्सर्जित हो जाती है। नियासिन से भरपूर खाद्य पदार्थों में मांस, मछली, अंडे, साबुत अनाज, नट्स और फलियां शामिल हैं। इसकी गंभीर कमी से पेलाग्रा होता है, लेकिन अनाज के फोर्टिफिकेशन और विविध आहार ने इस स्थिति को दुर्लभ बना दिया है।
कार्य और चिकित्सीय शोध
- ऊर्जा चयापचय (Energy metabolism): नियासिन NAD और NADP कोएंजाइम बनाता है, जो एंजाइमों को कार्बोहाइड्रेट, वसा और प्रोटीन को उपयोग करने योग्य ऊर्जा में बदलने में मदद करते हैं।
- डीएनए मरम्मत और एंटीऑक्सीडेंट प्रभाव: यह क्षतिग्रस्त डीएनए की मरम्मत करने में सहायता करता है और मुक्त कणों (free radicals) को बेअसर करके एंटीऑक्सीडेंट के रूप में कार्य करता है।
- कोलेस्ट्रॉल नियंत्रण: उच्च खुराक वाले निकोटिनिक एसिड का उपयोग "अच्छे" एचडीएल (HDL) कोलेस्ट्रॉल को बढ़ाने और "खराब" एलडीएल (LDL) कोलेस्ट्रॉल को कम करने के लिए किया गया है, हालांकि बड़े नैदानिक परीक्षणों (clinical trials) ने सीमित लाभ और महत्वपूर्ण दुष्प्रभाव दिखाए हैं।
- ग्लियोब्लास्टोमा परीक्षण: कैलगरी अध्ययन सर्जरी, रेडियोथेरेपी और कीमोथेरेपी में नियंत्रित-रिलीज़ (controlled-release) नियासिन जोड़ता है। शुरुआती परिणामों से पता चलता है कि नियासिन प्रतिरक्षा कोशिकाओं को फिर से जीवंत कर सकता है ताकि वे ट्यूमर कोशिकाओं पर हमला कर सकें। शोधकर्ताओं ने चेतावनी दी है कि उच्च खुराक केवल चिकित्सकीय मार्गदर्शन में ही ली जानी चाहिए क्योंकि नियासिन से लीवर की क्षति, अल्सर और उच्च रक्त शर्करा हो सकता है।
निष्कर्ष
विटामिन B3 मानव स्वास्थ्य के लिए आवश्यक है और संतुलित आहार से आसानी से प्राप्त किया जा सकता है। ग्लियोब्लास्टोमा का आशाजनक परीक्षण दर्शाता है कि विटामिन कैंसर थेरेपी को कैसे बढ़ा सकते हैं, लेकिन उच्च खुराक के साथ स्वयं-दवा करना जोखिम भरा है। नियासिन का कोई भी चिकित्सीय उपयोग सावधानीपूर्वक पर्यवेक्षित चिकित्सा योजना का हिस्सा होना चाहिए।