Defence

Yoga Sangam 2026: Indian Coast Guard की पहल और इतिहास

Yoga Sangam 2026: Indian Coast Guard की पहल और इतिहास

चर्चा में क्यों?

21 जून 2026 को भारतीय तटरक्षक बल (Indian Coast Guard - ICG) ने अपनी "योग संगम 2026" (Yoga Sangam 2026) पहल के साथ 12वां अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस (International Day of Yoga) मनाया। स्वस्थ बुढ़ापे के लिए योग (Yoga for Healthy Ageing) विषय के तहत हजारों अधिकारियों (officers), नाविकों (sailors) और परिवार के सदस्यों ने जहाजों पर और तटीय प्रतिष्ठानों में योग किया। नोएडा (Noida) में एक केंद्रीय कार्यक्रम में 1,000 से अधिक प्रतिभागियों (participants) ने भाग लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य उन कर्मियों (personnel) के बीच शारीरिक फिटनेस, मानसिक स्पष्टता (mental clarity) और लचीलापन (resilience) को बढ़ावा देना था जो अक्सर उच्च-तनाव वाले समुद्री वातावरण (high-stress maritime environments) में काम करते हैं।

पृष्ठभूमि

भारत के समुद्री हितों (maritime interests) की रक्षा करने और समुद्री कानूनों (sea laws) को लागू करने के लिए भारतीय तटरक्षक बल (Indian Coast Guard) की स्थापना की गई थी। 1960 के दशक में बड़े पैमाने पर तस्करी (smuggling) के बाद, सरकार ने एक अलग समुद्री कानून प्रवर्तन एजेंसी (maritime law enforcement agency) की आवश्यकता की जांच करने के लिए 1970 में नाग समिति (Nag Committee) और 1975 में रुस्तमजी समिति (Rustamji Committee) का गठन किया। केंद्रीय मंत्रिमंडल (Union Cabinet) ने 1977 में तटरक्षक बल (Coast Guard) के निर्माण को मंजूरी दी। यह 1 फरवरी 1977 को चालू हुआ और औपचारिक रूप से 19 अगस्त 1978 को प्रधान मंत्री मोरारजी देसाई (Prime Minister Morarji Desai) द्वारा इसका उद्घाटन (inaugurated) किया गया था।

ICG का मिशन भारत के महासागर (ocean) और अपतटीय धन (offshore wealth) की रक्षा करना, संकट में फंसे नाविकों की सहायता करना, समुद्री कानूनों (maritime laws) को लागू करना, समुद्री पर्यावरण (marine environment) को संरक्षित करना और वैज्ञानिक डेटा (scientific data) एकत्र करना है। इसका आदर्श वाक्य वयम् रक्षामः (Vayam Rakshamah) है जिसका अर्थ है "हम रक्षा करते हैं" (We Protect)।

योग संगम 2026 की मुख्य विशेषताएं

  • समग्र स्वास्थ्य (Holistic health): इस कार्यक्रम में लचीलेपन (flexibility), श्वास (breathing) और मानसिक फोकस (mental focus) को बेहतर बनाने में योग की भूमिका पर जोर दिया गया, जो नाविकों और बचाव दलों (rescue teams) के लिए आवश्यक हैं जो समुद्र में कठिन परिस्थितियों का सामना करते हैं।
  • व्यापक भागीदारी (Wide participation): जहाजों पर, तटीय मुख्यालयों (coastal headquarters) में और प्रशिक्षण केंद्रों (training centres) पर एक साथ योग सत्र (Yoga sessions) आयोजित किए गए। ICG कर्मियों के परिवारों ने भी भाग लिया।
  • नेतृत्व समर्थन (Leadership support): ICG के महानिदेशक (Director General) ने जोर देकर कहा कि नियमित योग अभ्यास से कर्मियों को तनाव प्रबंधित करने में मदद मिलती है, सहनशक्ति (endurance) में सुधार होता है और चोट लगने का खतरा (injury risk) कम होता है। उन्होंने सभी से योग को अपनी दिनचर्या में शामिल करने का आग्रह किया।
  • मनोबल को मजबूत करना (Strengthening morale): योग को अपनाकर, ICG मानसिक संतुलन बनाए रखते हुए आपात स्थितियों (emergencies) का जवाब देने में सक्षम एक लचीला बल (resilient force) बनाने का प्रयास करता है।

भारतीय तटरक्षक बल की भूमिका

  • महासागर संपदा का संरक्षण: ICG अपतटीय तेल प्रतिष्ठानों (offshore oil installations), मछली पकड़ने के मैदान (fishing grounds) और खनिज संसाधनों (mineral resources) की सुरक्षा करता है।
  • खोज और बचाव (Search and rescue): यह संकट में जहाजों और नावों की सहायता करता है और प्राकृतिक आपदाओं (natural disasters) के दौरान निकासी (evacuation) का समन्वय करता है।
  • कानून प्रवर्तन (Law enforcement): बल सीमा शुल्क (customs), आप्रवासन (immigration), मत्स्य पालन (fisheries) और प्रदूषण (pollution) से संबंधित समुद्री कानूनों (maritime laws) को लागू करता है।
  • पर्यावरण प्रबंधन (Environmental stewardship): यह तेल रिसाव (oil spills) को रोकने और समुद्री पारिस्थितिक तंत्र (marine ecosystems) की रक्षा करने का काम करता है।
  • वैज्ञानिक डेटा संग्रह: ICG समुद्र संबंधी (oceanographic) और मौसम संबंधी अनुसंधान (meteorological research) का समर्थन करता है जो नेविगेशन (navigation) और मौसम पूर्वानुमान (weather forecasting) में सहायता करता है।

निष्कर्ष

योग संगम 2026 (Yoga Sangam 2026) ने इस बात पर प्रकाश डाला कि कैसे पारंपरिक कल्याण अभ्यास (traditional wellness practices) आधुनिक समुद्री कार्यों (modern maritime operations) के पूरक हो सकते हैं। अपने कर्मियों के बीच योग को बढ़ावा देकर, भारतीय तटरक्षक बल उन लोगों की शारीरिक और मानसिक भलाई (physical and mental well-being) में निवेश कर रहा है जो देश के जल की रक्षा करते हैं। इस तरह की पहल एक बल में मनोबल (morale) और तत्परता (readiness) को बढ़ाती है जिसका काम अक्सर ज़ोरदार और अप्रत्याशित (strenuous and unpredictable) होता है।

स्रोत

PIB

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