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दो दशकों का अवलोकन कार्य समाप्त करने के बाद स्विफ़्ट दूरबीन वायुमंडल में लौटी

First brief 5 Nov, 1:55 pm IST Updated 5 Nov, 1:55 pm IST 0 developments 1 min read
Swift space observatory; NASA visualisation
NASA / A. Manrique Gutierrez · Public domain

Where it stands

अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा (NASA) की नील गेहरेल्स स्विफ़्ट वेधशाला (Neil Gehrels Swift Observatory) 4 नवंबर 2026 को इंडोनेशिया के उत्तरी सुमात्रा के ऊपर पृथ्वी के वायुमंडल में दोबारा प्रवेश कर गई। इस अंतरिक्ष यान ने लगभग 22 वर्ष शक्तिशाली ब्रह्मांडीय विस्फोटों और दूसरे खगोलीय पिंडों का अध्ययन किया था। स्विफ़्ट का वैज्ञानिक काम अक्टूबर में समाप्त हो गया था, क्योंकि उसकी कक्षा नीचे आती जा रही थी। उस ऊँचाई पर वायुमंडलीय खिंचाव (atmospheric drag) ने यान को इतना विचलित किया कि उसकी दूरबीनें लक्ष्यों पर स्थिर नहीं रह पाईं। उसकी कक्षा ऊपर उठाने का एक व्यावसायिक प्रयास कक्षा को ऊपर उठाए बिना समाप्त हो गया था। इस दूरबीन का महत्व उसकी तेज़ी में था। वह थोड़े समय के गामा-किरण विस्फोट का पता लगा सकती थी, उसकी स्थिति तय कर सकती थी और अपने दूसरे उपकरणों को मंद पड़ते स्रोत की ओर घुमा सकती थी। वह दूसरी वेधशालाओं को सतर्क भी करती थी। वैज्ञानिक इस मिशन के संग्रहीत अवलोकनों का उपयोग जारी रख सकते हैं, भले ही स्विफ़्ट अब नए अवलोकन नहीं जुटा सकती।

Background

गामा-किरण विस्फोट किसी दूर की ब्रह्मांडीय घटना से निकलने वाली उच्च-ऊर्जा विकिरण की संक्षिप्त, तीव्र चमक है। इसकी मंद पड़ती पश्चदीप्ति (afterglow) में यह जानकारी हो सकती है कि इसे किसने पैदा किया। उस बदलते प्रकाश को पकड़ने के लिए वेधशालाओं को तेज़ी से प्रतिक्रिया देनी पड़ती है। स्विफ़्ट में तीन उपकरण थे, जो प्रकाश स्पेक्ट्रम के अलग-अलग हिस्सों का अवलोकन करते थे। इसका विस्फोट-संसूचक किसी घटना की स्थिति तय कर सकता था और तेज़ अनुवर्ती अवलोकन शुरू करा सकता था। वह स्थिति साझा करने से दूसरी दूरबीनें उसी स्रोत की जाँच कर पाती थीं, जब पश्चदीप्ति अभी दिखाई दे रही होती थी। यह यान निम्न पृथ्वी कक्षा में काम करता था, जहाँ हवा की थोड़ी मात्रा भी प्रतिरोध पैदा करती है। यह खिंचाव कक्षीय ऊर्जा घटाता है और यान को नीचे खींचता है। स्विफ़्ट की गिरती कक्षा ने अंततः स्थिर अवलोकनों को असंभव कर दिया। इसका भौतिक पुनः प्रवेश वैज्ञानिक काम के पहले ही समाप्त होने के बाद हुआ।

How it developed

  1. 4 November 2026
    How it started

    वैज्ञानिक काम पहले समाप्त होने के बाद नासा ने पुनः प्रवेश की पुष्टि की

    नासा ने बताया कि अमेरिकी स्पेस फ़ोर्स ने पुष्टि की है कि स्विफ़्ट 4 नवंबर 2026 को उत्तरी सुमात्रा क्षेत्र के ऊपर वायुमंडल में लौटी। इसका अंतिम वैज्ञानिक अवलोकन 20 अक्टूबर को हुआ था। स्विफ़्ट को 2004 में दो वर्ष के नियोजित मुख्य मिशन के लिए प्रक्षेपित किया गया था। इसने लगभग 22 वर्ष काम किया और अवलोकनों का एक सार्वजनिक संग्रह छोड़ा। नासा ब्रह्मांडीय घटनाओं पर तेज़ प्रतिक्रिया बनाए रखने के लिए दूसरे मिशनों के उपयोग के तरीकों पर विचार कर रहा है।

Why it matters for UPSC

GS3 · Space technologyGS3 · Scientific research

GS3 के लिए अलग-अलग तरंगदैर्घ्यों पर तेज़ अवलोकनों को थोड़े समय की ब्रह्मांडीय घटनाओं के अध्ययन से जोड़ें। समझाएँ कि वायुमंडलीय खिंचाव किसी उपग्रह की कक्षा और कार्य-जीवन को कैसे प्रभावित करता है।

Key terms

गामा-किरण विस्फोट (Gamma-ray burst)किसी ब्रह्मांडीय घटना से निकलने वाली गामा विकिरण की संक्षिप्त, शक्तिशाली चमक। अलग-अलग प्रकार के विस्फोट अलग-अलग घटनाओं से पैदा हो सकते हैं, जिनमें विशाल तारों का ढहना और न्यूट्रॉन तारों का आपस में विलय शामिल हैं। स्विफ़्ट उनकी स्थिति का पता लगाती थी, ताकि अनुवर्ती अवलोकन जल्दी शुरू हो सकें।
पश्चदीप्ति (Afterglow)प्रारंभिक चमकीले विस्फोट के बाद जारी रहने वाला प्रकाश, जो समय के साथ मंद पड़ता है। इसे अलग-अलग तरंगदैर्घ्यों पर देखने से शोधकर्ताओं को स्रोत का अध्ययन करने में मदद मिलती है। स्विफ़्ट की तेज़ प्रतिक्रिया से इस मंद पड़ते संकेत को पकड़ना आसान हुआ।
तरंगदैर्घ्य (Wavelength)किसी तरंग के क्रमिक शिखरों के बीच की दूरी। अलग-अलग तरंगदैर्घ्य परास प्रकाश स्पेक्ट्रम के अलग-अलग हिस्सों से मेल खाते हैं। स्विफ़्ट के उपकरण गामा-किरण, एक्स-रे और पराबैंगनी या दृश्य-प्रकाश अवलोकनों को साथ जोड़ते थे।
वायुमंडलीय खिंचाव (Atmospheric drag)कक्षा में घूमते अंतरिक्ष यान के सामने आने वाले विरल वायुमंडल से पैदा होने वाला प्रतिरोध। यह कक्षीय ऊर्जा घटाता है, जिससे कक्षा नीचे आती है। स्विफ़्ट के अंतिम चरण की ऊँचाई पर इसने दूरबीन के स्थिर अवलोकनों को भी बाधित किया।
कक्षा ऊँची करने की प्रक्रिया (Orbital reboost)वह कक्षीय प्रक्रिया, जो अंतरिक्ष यान में ऊर्जा जोड़कर उसकी कक्षा ऊपर उठाती है। स्विफ़्ट के लिए नियोजित व्यावसायिक प्रयास उसकी कक्षा ऊपर नहीं उठा सका। बाद में यान ने वैज्ञानिक काम समाप्त किया और वायुमंडल में लौट आया।
Sources (2)
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