चर्चा में क्यों?
चूंकि बाजार अस्थिर (volatile) बने हुए हैं, निवेशक बैंक जमा (bank deposits) के विकल्प के रूप में आर्बिट्रेज म्यूचुअल फंड (arbitrage mutual funds) की खोज कर रहे हैं। इन फंड्स को उनके कम जोखिम और संभावित कर लाभ (tax advantages) के लिए बढ़ावा दिया जाता है।
पृष्ठभूमि
एक आर्बिट्रेज म्यूचुअल फंड नकद (cash) और डेरिवेटिव (derivatives) बाजारों के बीच मूल्य अंतर से लाभ प्राप्त करने का प्रयास करता है। फंड मैनेजर नकद बाजार (cash market) में एक स्टॉक खरीदता है और साथ ही इसे वायदा बाजार (futures market) में उच्च कीमत पर बेचता है। यह रणनीति बाजार की चाल की परवाह किए बिना एक छोटा लाभ लॉक कर देती है। भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (Securities and Exchange Board of India - SEBI) के नियमों के तहत इक्विटी-उन्मुख योजना (equity-oriented scheme) के रूप में अर्हता प्राप्त करने के लिए, फंड को इक्विटी और इक्विटी-संबंधित उपकरणों में कम से कम 65 प्रतिशत संपत्ति का निवेश करना चाहिए। बेकार पड़ी नकदी को अक्सर अल्पकालिक ऋण उपकरणों (short-term debt instruments) में रखा जाता है।
चूंकि कराधान (taxation) के लिए आर्बिट्रेज फंड को इक्विटी फंड की तरह माना जाता है, एक साल के बाद होने वाले लाभ को दीर्घकालिक (long-term) माना जाता है और ₹1.25 लाख तक छूट दी जाती है (इससे ऊपर के लाभ पर 12.5 प्रतिशत कर लगाया जाता है)। अल्पकालिक लाभ पर 20 प्रतिशत कर लगता है। ये विशेषताएं तीन महीने से एक साल तक पैसा लगाने वाले निवेशकों के लिए फंड को आकर्षक बनाती हैं। हालांकि, रिटर्न बाजार की अस्थिरता और आर्बिट्रेज के अवसरों की उपलब्धता पर निर्भर करता है।
लाभ
- कम जोखिम: एक साथ खरीद-बिक्री (buy-sell) रणनीति बाजार के जोखिम को कम (hedge) करती है और स्थिर रिटर्न देने का लक्ष्य रखती है।
- कर दक्षता: लाभ पर इक्विटी की तरह कर लगाया जाता है, जिससे ऋण फंड (debt funds) की तुलना में कर-पश्चात रिटर्न (post-tax returns) आकर्षक हो जाता है।
- तरलता (Liquidity): निवेशक आवश्यकता पड़ने पर यूनिट्स को जल्दी भुना (redeem) सकते हैं, जिससे अल्पकालिक निवेश के लिए लचीलापन मिलता है।
- विविधीकरण (Diversification): इक्विटी और ऋण उपकरणों दोनों में निवेश विभिन्न परिसंपत्ति वर्गों (asset classes) में जोखिम को फैलाता है।
सीमाएं
- बाजार शांत होने पर रिटर्न कम हो सकता है क्योंकि मूल्य अंतर कम हो जाता है।
- व्यय अनुपात (Expense ratios) समग्र रिटर्न को कम कर सकते हैं, विशेष रूप से बहुत कम समय की होल्डिंग के लिए।
- आर्बिट्रेज फंड दीर्घकालिक धन सृजन (long-term wealth creation) के लिए डिज़ाइन नहीं किए गए हैं और वे कई वर्षों में मुद्रास्फीति (inflation) को मात नहीं दे सकते हैं।
- कर नियमों या विनियमों में बदलाव उनके आकर्षण को प्रभावित कर सकते हैं।
- सार्थक लाभ देने के लिए इस रणनीति को कम से कम कुछ महीनों की आवश्यकता होती है; बहुत अल्पकालिक निवेश से बहुत कम लाभ हो सकता है।
निष्कर्ष
आर्बिट्रेज म्यूचुअल फंड इक्विटी और ऋण के बीच एक मध्य मार्ग प्रदान करते हैं। वे छोटी अवधि के लिए कम जोखिम वाले, कर-कुशल रिटर्न चाहने वाले निवेशकों के अनुकूल हैं। हालांकि, किसी को उनकी सीमाओं को समझना चाहिए और उच्च विकास (high growth) की उम्मीद नहीं करनी चाहिए।