समाचार में क्यों?
33rd ASEAN Regional Forum की बैठक 23 July 2026 को मनीला (Manila) में हुई। भारत के विदेश मंत्री ने मंत्रिस्तरीय बैठक में देश का प्रतिनिधित्व किया। उन्होंने आतंकवाद और इसके वित्तपोषण के प्रति शून्य सहिष्णुता (zero tolerance) का आह्वान किया। उन्होंने सुरक्षित और खुले अंतरराष्ट्रीय शिपिंग लेन पर भी जोर दिया।
पृष्ठभूमि
Association of Southeast Asian Nations (ASEAN) अपने राजनीतिक-सुरक्षा वार्ता मंच (political-security dialogue platform) सहित कई क्षेत्रीय निकायों का नेतृत्व करता है।
यह मंच ASEAN Regional Forum (ARF) है।
ASEAN मंत्रियों ने 25 July 1994 को बैंकॉक की पहली बैठक से पहले, July 1993 में फोरम (Forum) पर सहमति व्यक्त की।
इसके प्रतिभागियों में दक्षिण पूर्व एशियाई (Southeast Asian) राज्य और महत्वपूर्ण बाहरी शक्तियां शामिल हैं।
फोरम (Forum) क्यों बनाया गया था?
शीत युद्ध (Cold War) के कारण एशिया-प्रशांत (Asia-Pacific) संबंधों में आए बदलाव के बाद, देशों को नियमित राजनीतिक-सुरक्षा चर्चा के लिए एक समावेशी स्थान की आवश्यकता थी।
प्रतिभागियों के अलग-अलग गठबंधन और हित थे, लेकिन क्रमिक बातचीत गलतफहमी को कम कर सकती थी और सहयोग का निर्माण कर सकती थी।
दो आधिकारिक उद्देश्य
- साझा राजनीतिक और सुरक्षा चिंताओं पर रचनात्मक बातचीत को बढ़ावा देना।
- पूरे क्षेत्र में विश्वास-निर्माण और निवारक कूटनीति (preventive diplomacy) का समर्थन करना।
विश्वास-निर्माण (Confidence-building) सरकारों के बीच पारदर्शिता और नियमित संपर्क बढ़ाता है।
निवारक कूटनीति (Preventive diplomacy) विवादों को हिंसक होने से रोकने के लिए प्रारंभिक परामर्श, मध्यस्थता समर्थन और व्यावहारिक सहयोग का उपयोग करती है।
तीन-चरण विकासवादी दृष्टिकोण
| चरण | उद्देश्य |
|---|---|
| चरण I | प्रतिभागियों के बीच विश्वास-निर्माण के उपायों को बढ़ावा देना। |
| चरण II | निवारक कूटनीति (preventive diplomacy) के लिए तंत्र विकसित करना। |
| चरण III | संघर्षों को दूर करने के लिए दृष्टिकोण विकसित करना। |
फोरम अधिक मांग वाले सहयोग का प्रयास करने से पहले विश्वास का निर्माण करते हुए, एक क्रमिक, गैर-टकराव वाली गति का अनुसरण करता है।
ARF कैसे काम करता है?
- ASEAN अध्यक्ष उस कैलेंडर वर्ष के दौरान फोरम का नेतृत्व करता है।
- विदेश मंत्री सालाना मिलते हैं, जबकि वरिष्ठ अधिकारी चर्चा और अनुवर्ती कार्य तैयार करते हैं।
- निर्णयों के लिए आम तौर पर सर्वसम्मति (consensus) की आवश्यकता होती है, लेकिन मंत्रिस्तरीय बैठकों के बीच सहकारी गतिविधियां जारी रहती हैं।
- ASEAN Secretariat एक समर्पित ARF Unit के माध्यम से इस काम का समर्थन करता है।
June 2004 के दौरान स्थापित, ARF Unit रिकॉर्ड बनाए रखती है और प्रशासनिक रूप से अध्यक्ष का समर्थन करती है।
सर्वसम्मति मूल्य और सीमाएं दोनों लाती है
| लाभ | सीमा |
|---|---|
| प्रत्येक प्रतिभागी शामिल रहता है। | एक गंभीर आपत्ति कड़ी भाषा (stronger language) को रोक सकती है। |
| राजनीतिक असहमति के दौरान भी बातचीत जारी रह सकती है। | निर्णय सतर्क या सामान्य हो सकते हैं। |
| स्वैच्छिक सहयोग धीरे-धीरे विश्वास का निर्माण कर सकता है। | फोरम (Forum) में बाध्यकारी प्रवर्तन (enforcement) शक्तियों का अभाव है। |
Track I और Track II
Track I कूटनीति (diplomacy) में सरकारी प्रतिनिधि शामिल होते हैं, जबकि Track II कूटनीति में विद्वान और नीति विशेषज्ञ शामिल होते हैं।
Track II चर्चाएं स्वतंत्र रूप से विचारों का परीक्षण करती हैं, जिन पर सरकारें बाद में आधिकारिक चैनलों के माध्यम से विचार कर सकती हैं।
प्रतिभागी: एक महत्वपूर्ण 2026 परिवर्तन
आधिकारिक पृष्ठ (official page) में 27 प्रतिभागियों को सूचीबद्ध किया गया था, इससे पहले कि मंत्रियों ने 23 July को United Kingdom को 28वें के रूप में स्वीकार किया।
प्रवेश (admission) मौजूदा विस्तार रोक (expansion moratorium) का एक अपवाद था।
28 प्रतिभागी कौन हैं?
| समूह | प्रतिभागी |
|---|---|
| ग्यारह ASEAN सदस्य | Brunei, Cambodia, Indonesia, Laos, Malaysia, Myanmar, Philippines, Singapore, Thailand, Timor-Leste और Vietnam |
| ग्यारह संवाद भागीदार (dialogue partners) | Australia, Canada, China, European Union, India, Japan, New Zealand, Republic of Korea, Russia, United Kingdom और United States |
| छह अन्य प्रतिभागी | Bangladesh, North Korea, Mongolia, Pakistan, Papua New Guinea और Sri Lanka |
ARF में पहले से ही भाग लेने के बाद, Timor-Leste October 2025 के दौरान ASEAN का ग्यारहवां सदस्य बना।
इसलिए, इसकी ASEAN प्रविष्टि ने फोरम की कुल संख्या में वृद्धि नहीं की।
भारत का जुड़ाव
भारत 1992 के दौरान एक क्षेत्रीय संवाद भागीदार (sectoral dialogue partner) बन गया, फिर 1996 के दौरान पूर्ण संवाद भागीदार और ARF भागीदार बन गया।
भारत नियमित रूप से फोरम की गतिविधियों में शामिल होता है, अपनी 'Act East' नीति और व्यापक Indo-Pacific जुड़ाव का समर्थन करता है।
सहयोग के मुख्य क्षेत्र
- आतंकवाद-रोधी (Counter-terrorism) कार्य व्यापक अंतरराष्ट्रीय अपराध (transnational crime) को भी संबोधित करता है।
- समुद्री सहयोग शिपिंग की सुरक्षा करता है, जबकि आपदा अभ्यास (disaster exercises) आपातकालीन प्रतिक्रियाओं में सुधार करते हैं।
- अन्य कार्य अप्रसार (non-proliferation), निरस्त्रीकरण (disarmament) और साइबर सुरक्षा खतरों को कवर करते हैं।
- शांति स्थापना, रक्षा विश्वास-निर्माण और निवारक कूटनीति (preventive diplomacy) क्षेत्रीय जोखिमों को कम करती है।
कार्य योजनाएं और अंतर-सत्रीय (inter-sessional) बैठकें व्यापक संवाद को व्यावहारिक गतिविधियों में बदल देती हैं।
समुद्री सुरक्षा पर ध्यान क्यों दिया जाता है
प्रमुख मार्ग भारतीय और प्रशांत (Pacific) महासागरों को पार करते हैं, जिससे क्षेत्रीय अर्थव्यवस्थाएं निर्बाध समुद्री वाणिज्य पर निर्भर हो जाती हैं।
क्षेत्रीय विवाद (Territorial disputes) बढ़ने के जोखिम को बढ़ाते हैं, जबकि समुद्री डकैती (piracy), तस्करी और हमले चालक दल और माल को खतरे में डालते हैं।
संप्रभुता विवादों को निपटाए बिना भी संवाद संचार (communication) में सुधार कर सकता है।
भारत का आतंकवाद संदेश
भारत ने आतंकवाद के प्रति शून्य सहिष्णुता (zero tolerance) की मांग की, जिसमें वित्तपोषण, सुरक्षित पनाहगाहों और सीमा-पार समर्थन के खिलाफ समन्वित कार्रवाई शामिल है।
भारत ने महाद्वीपीय और समुद्री सुरक्षा चिंताओं को जोड़ते हुए सुरक्षित शिपिंग लेन को आर्थिक स्थिरता से भी जोड़ा।
33वीं बैठक के मुख्य परिणाम
- Philippines ने मनीला (Manila) में मंत्रिस्तरीय बैठक की अध्यक्षता की।
- प्रतिभागियों ने 2026 से 2036 तक ARF के काम का मार्गदर्शन करने वाले Manila Plan of Action को अपनाया।
- मंत्रियों ने 2026–27 की गतिविधियों को मंजूरी दी और उभरते खतरों के साथ-साथ समुद्री सुरक्षा पर चर्चा की।
- United Kingdom फोरम का 28वां प्रतिभागी बन गया।
ASEAN-नेतृत्व वाले सुरक्षा मंचों को भ्रमित न करें
| तंत्र (Mechanism) | मुख्य प्रतिभागी | प्राथमिक स्वरूप (Primary character) |
|---|---|---|
| ASEAN Regional Forum | 28 व्यापक क्षेत्रीय भागीदार | समावेशी राजनीतिक-सुरक्षा वार्ता |
| East Asia Summit | ASEAN सदस्य और चयनित नेता | नेताओं के नेतृत्व में रणनीतिक सहयोग |
| ASEAN Defence Ministers’ Meeting-Plus | ASEAN रक्षा मंत्री और आठ भागीदार | व्यावहारिक रक्षा सहयोग |
तीनों तंत्र ओवरलैप (overlap) करते हैं, लेकिन सदस्यता और कार्य भिन्न होते हैं।
निष्कर्ष
ARF शांति लागू नहीं कर सकता, लेकिन निरंतर बातचीत अविश्वास और खतरनाक गलत अनुमान को कम कर सकती है।