Geography

Caspian Sea Crisis: अंतर्देशीय जल निकाय, जलवायु परिवर्तन और पैराटेथिस महासागर

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चर्चा में क्यों?

हाल के उपग्रह अध्ययनों (satellite studies) और समाचार रिपोर्टों ने कैस्पियन सागर (Caspian Sea) के जल स्तर में चिंताजनक गिरावट की ओर ध्यान आकर्षित किया है। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि जलवायु परिवर्तन और ऊपर की ओर से पानी निकाले जाने (upstream water extraction) के कारण सदी के अंत तक समुद्र का जल स्तर 30 मीटर तक गिर सकता है।

पृष्ठभूमि

रूस, कजाकिस्तान, तुर्कमेनिस्तान, ईरान और अजरबैजान की सीमाओं से लगा कैस्पियन सागर दुनिया का सबसे बड़ा बंद अंतर्देशीय जल निकाय (enclosed inland water body) है। लगभग 386,000 वर्ग किलोमीटर—जो कि जापान से भी बड़ा क्षेत्र है—में फैले इस सागर में ग्रह के अंतर्देशीय सतही जल (inland surface water) का लगभग एक-तिहाई हिस्सा है। यह लाखों साल पहले तब बना था जब प्राचीन पैराटेथिस महासागर (ancient Paratethys Ocean) का एक हिस्सा कट गया था। यह समुद्र खारा (saline) है, लेकिन महासागरों की तुलना में कम है क्योंकि इसे वोल्गा (Volga) और अन्य नदियों से बड़ी मात्रा में मीठा पानी (freshwater) मिलता है।

मुख्य तथ्य

  • जैव विविधता हॉटस्पॉट: यह समुद्र स्थानिक कैस्पियन सील (Caspian seal) और स्टर्जन (sturgeon) की कई प्रजातियों की मेजबानी करता है, जिनके अंडे (roe) का उपयोग कैवियार (caviar) बनाने के लिए किया जाता है। इसकी आर्द्रभूमियां (wetlands) लाखों प्रवासी पक्षियों का समर्थन करती हैं।
  • संसाधन केंद्र (Resource hub): इसके समुद्र तल (seabed) के नीचे विशाल तेल और गैस के भंडार मौजूद हैं, और इसकी मत्स्य पालन और कृषि इसके तटों के आसपास के समुदायों का भरण-पोषण करते हैं।
  • पर्यावरणीय गिरावट: 1990 के दशक के मध्य से, तापमान बढ़ने के कारण उच्च वाष्पीकरण (evaporation), कम अंतर्वाह (reduced inflow) और सिंचाई के लिए पानी निकालने के कारण कैस्पियन का जल स्तर गिर रहा है। उपग्रह चित्रों से पता चलता है कि उथली खाड़ियों (shallow bays) की जगह नमक के मैदान (salt flats) ले रहे हैं, जिससे मछली प्रजनन के मैदानों (fish breeding grounds) को खतरा है।
  • अनुमानित गिरावट: वैज्ञानिकों का अनुमान है कि 2100 तक समुद्र का 8-30 मीटर पानी कम हो सकता है, जिससे बंदरगाह (ports) ठप हो सकते हैं और क्षेत्रीय जलवायु बदल सकती है।

संभावना

कैस्पियन सागर का सिकुड़ना एक तत्काल क्षेत्रीय चिंता का विषय है। पानी के उपयोग का प्रबंधन करने, जलवायु परिवर्तन को कम करने और संवेदनशील प्रजातियों की रक्षा के लिए तटीय राज्यों (littoral states) के बीच सहयोग की मांग करता है। यह संकट दुनिया भर में अंतर्देशीय समुद्रों (inland seas) और झीलों पर ग्लोबल वार्मिंग के व्यापक प्रभावों पर भी प्रकाश डालता है।

स्रोत: ET

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