चर्चा में क्यों?
20 मार्च 2026 को भारत के वित्त मंत्रालय ने माइक्रोफाइनेंस संस्थानों-2.0 के लिए क्रेडिट गारंटी योजना (Credit Guarantee Scheme for Microfinance Institutions‑2.0 - CGSMFI‑2.0) शुरू की। ₹20,000 करोड़ की योजना बैंकों और वित्तीय संस्थानों द्वारा गैर-बैंकिंग माइक्रोफाइनेंस संस्थानों (NBFC‑MFIs) और माइक्रोफाइनेंस संस्थानों (MFIs) को दिए गए ऋणों पर सरकार समर्थित गारंटी (government-backed guarantees) प्रदान करती है ताकि ये ऋणदाता कम आय वाले उधारकर्ताओं को किफायती ऋण (affordable credit) की आपूर्ति जारी रख सकें। यह योजना 30 जून 2026 तक या जब तक ₹20,000 करोड़ के ऋणों पर गारंटी जारी नहीं हो जाती, तब तक चलती है।
पृष्ठभूमि
माइक्रोफाइनेंस संस्थान उन परिवारों को छोटे ऋण प्रदान करते हैं जिनके पास औपचारिक बैंकिंग तक पहुंच नहीं है। हाल के वर्षों में इस क्षेत्र को उच्च ब्याज दरों, बढ़ते उधारकर्ता ऋणग्रस्तता (borrower indebtedness) और वसूली प्रथाओं (recovery practices) की जांच का सामना करना पड़ा है। बैंकों द्वारा MFIs को उधार देना धीमा हो गया, विशेष रूप से छोटे संस्थानों के लिए, जिससे उनके लिए उधारकर्ताओं की सेवा करना मुश्किल हो गया। COVID-19 महामारी के दौरान सरकार ने 75 अरब रुपये की क्रेडिट गारंटी योजना की पेशकश की थी। CGSMFI‑2.0 क्षेत्र में विश्वास को पुनर्जीवित करने के लिए उस अनुभव पर आधारित है।
CGSMFI-2.0 की मुख्य विशेषताएं
- गारंटी कवरेज (Guarantee coverage): नेशनल क्रेडिट गारंटी ट्रस्टी कंपनी (National Credit Guarantee Trustee Company - NCGTC) छोटे MFIs के लिए डिफ़ॉल्ट राशि का 80%, मध्यम MFIs के लिए 75% और बड़े MFIs के लिए 70% कवर करेगी।
- ब्याज दर सीमा (Interest rate caps): ऋणदाताओं को अपनी ब्याज दरों को या तो बाहरी बेंचमार्क उधार दर (external benchmark lending rate - EBLR) या धन-आधारित उधार दर की सीमांत लागत (marginal cost of funds‑based lending rate - MCLR) प्लस 2% प्रतिवर्ष पर सीमित करना होगा। उधारकर्ताओं को ऋण देते समय, MFIs को पिछले छह महीनों में अपनी औसत उधार दर से कम से कम 1 प्रतिशत बिंदु कम ब्याज लेना होगा।
- गारंटी शुल्क (Guarantee fee): पहले वर्ष में स्वीकृत राशि पर और बाद के वर्षों में बकाया राशि पर 0.50% प्रति वर्ष का कम शुल्क देय है।
- ऋण आकार और अवधि (Loan sizes and tenure): छोटे MFIs को ऋण ₹1 अरब, मध्यम MFIs को ₹2 अरब और बड़े MFIs को ₹3 अरब तक सीमित है, जिसकी अधिकतम अवधि तीन वर्ष (एक वर्ष की मोहलत और दो साल का पुनर्भुगतान) है।
- समावेशिता आवश्यकताएं (Inclusivity requirements): गारंटीकृत ऋणों का कम से कम 5% छोटे MFIs के लिए और 10% मध्यम MFIs के लिए होना चाहिए। संवितरण (Disbursals) एक ऋणदाता की बकाया ऋण पुस्तिका के 20% से अधिक नहीं हो सकता। इस योजना से लगभग 3.6 मिलियन छोटे उधारकर्ताओं को ऋण देने की सुविधा की उम्मीद है।
महत्व
क्रेडिट जोखिम (credit risk) साझा करके, CGSMFI-2.0 बैंकों और अन्य वित्तीय संस्थानों को उन MFIs को ऋण देने के लिए प्रोत्साहित करता है जो अन्यथा धन जुटाने के लिए संघर्ष कर सकते हैं। बदले में ये MFIs किफायती दरों पर घरों और छोटे उद्यमों को माइक्रोलॉन (microloans) प्रदान कर सकते हैं, जिससे वित्तीय समावेशन (financial inclusion) और आजीविका का समर्थन होता है। स्तरीय गारंटी कवरेज (tiered guarantee coverage) दूरस्थ क्षेत्रों में सेवा देने वाले छोटे संस्थानों को ऋण देने के लिए प्रोत्साहित करता है।
निष्कर्ष
माइक्रोफाइनेंस संस्थानों-2.0 के लिए क्रेडिट गारंटी योजना ऋणदाताओं के लिए जोखिम को कम करके और गरीब परिवारों के लिए उधार लेने की लागत को कम करके तनाव में एक क्षेत्र को पुनर्जीवित करने का प्रयास करती है। इसकी सफलता उधारकर्ता सुरक्षा (borrower protection) और स्थायी ऋण प्रथाओं (sustainable lending practices) को संबोधित करने के लिए प्रभावी निगरानी और निरंतर सुधारों पर निर्भर करेगी।