समाचार में क्यों?
5 June 2026 को केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री ने दिल्ली में एक Indian Oil Corporation के रिटेल आउटलेट पर E85 ईंधन लॉन्च किया। E85 एक उच्च-इथेनॉल मिश्रण (high-ethanol blend) है जिसमें 80-85 प्रतिशत इथेनॉल और 14-19 प्रतिशत पेट्रोल होता है। यह लॉन्च भारत के इथेनॉल सम्मिश्रण कार्यक्रम (ethanol blending programme) का हिस्सा है और इससे ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन और आयातित तेल पर निर्भरता को कम करने की उम्मीद है。
पृष्ठभूमि
भारत की जैव ईंधन नीति (biofuel policy) का उद्देश्य पेट्रोल में इथेनॉल मिश्रण को 2014 के कुछ प्रतिशत से बढ़ाकर 2026 में लगभग 20 प्रतिशत और आने वाले वर्षों में इससे अधिक करना है। इथेनॉल मुख्य रूप से गन्ने और अनाज से उत्पादित एक नवीकरणीय ईंधन (renewable fuel) है। पेट्रोल के साथ इथेनॉल मिलाने से कृषि उपज अधिशेष (surplus agricultural produce) को खपाने में मदद मिलती है, किसानों की आय बढ़ती है और जीवाश्म-ईंधन (fossil-fuel) आयात कम होता है। फ्लेक्स-फ्यूल वाहन (Flex-fuel vehicles) E20 (20 प्रतिशत इथेनॉल) से लेकर E85 तक इथेनॉल और पेट्रोल के अलग-अलग मिश्रणों पर चल सकते हैं। वैश्विक स्तर पर, ब्राजील और संयुक्त राज्य अमेरिका जैसे देश पहले से ही उच्च-इथेनॉल मिश्रण का उपयोग करते हैं। भारत अब फ्लेक्स-फ्यूल वाहनों के घरेलू निर्माण को बढ़ावा दे रहा है और ईंधन विकल्पों का विस्तार कर रहा है。
संरचना और लाभ
- संरचना (Composition): E85 में 80-85 प्रतिशत इथेनॉल, एक बायोजेनिक अल्कोहल (biogenic alcohol), और 14-19 प्रतिशत पेट्रोल होता है। उच्च इथेनॉल सांद्रता (high ethanol concentrations) को संभालने के लिए डिज़ाइन किए गए केवल फ्लेक्स-फ्यूल वाहनों को ही इस ईंधन का उपयोग करना चाहिए।
- कम कीमत (Lower price): E85 की कीमत पारंपरिक पेट्रोल से लगभग ₹20 प्रति लीटर कम है, जो उपभोक्ताओं के लिए बचत की पेशकश करता है और इथेनॉल की मांग का समर्थन करता है।
- उच्च ऑक्टेन (Higher octane): लगभग 108 के रिसर्च ऑक्टेन नंबर (research octane number) के साथ, E85 इंजन नॉकिंग (engine knocking) का विरोध करता है और बेहतर इंजन प्रदर्शन को सक्षम करता है।
- स्वच्छ दहन (Cleaner combustion): अधिक इथेनॉल का उपयोग करने से पार्टिकुलेट उत्सर्जन कम होता है और पेट्रोल की तुलना में ग्रीनहाउस गैसों (greenhouse gases) में 61 प्रतिशत की कमी आती है। इथेनॉल कम कार्बन मोनोऑक्साइड और हाइड्रोकार्बन उत्सर्जन के साथ जलता है।
- ग्रामीण लाभ: इथेनॉल की अधिक मांग का अर्थ है गन्ना उत्पादकों और अनाज किसानों के लिए अधिक आय। यह डिस्टिलरी में रोजगार भी पैदा कर सकता है और ग्रामीण अर्थव्यवस्थाओं (rural economies) का समर्थन कर सकता है।
लॉन्च योजना (Roll-out plan)
- प्रारंभिक लॉन्च 48 सार्वजनिक क्षेत्र के रिटेल आउटलेट्स (retail outlets) को कवर करता है। अधिकारी December 2026 तक 500 आउटलेट और December 2027 तक 5,000 आउटलेट तक वितरण का विस्तार करने की योजना बना रहे हैं।
- ऑटोनिर्माताओं (Automakers) को E20 से E85 तक के मिश्रणों पर चलने में सक्षम फ्लेक्स-फ्यूल वाहनों (flex-fuel vehicles) का उत्पादन करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि E20 के साथ कोई बड़ी इंजन विफलता नहीं देखी गई है और E85 फील्ड परीक्षणों (field trials) से गुजरेगा।
- भारत का लक्ष्य वित्तीय वर्ष 2030-31 तक पेट्रोल में इथेनॉल की हिस्सेदारी को लगभग 26 प्रतिशत तक बढ़ाना है, जिससे कच्चे तेल के आयात और विदेशी मुद्रा (foreign exchange) के बहिर्वाह (outflow) को कम किया जा सके।
निष्कर्ष
E85 ईंधन स्वच्छ परिवहन (cleaner transportation) और ऊर्जा स्वतंत्रता की दिशा में एक कदम है। सफल रूप से अपनाना फ्लेक्स-फ्यूल वाहनों (flex-fuel vehicles) की उपलब्धता, फीडस्टॉक की पर्याप्त आपूर्ति और इथेनॉल उत्पादन बुनियादी ढांचे में निरंतर निवेश पर निर्भर करेगा。