ख़बरों में क्यों?
कतर के रास लाफन (Ras Laffan) तरलीकृत प्राकृतिक गैस (LNG) हब पर हमलों के बाद भारत के सेमीकंडक्टर और मुद्रित सर्किट बोर्ड (printed circuit board) उद्योगों ने हीलियम गैस की संभावित कमी को लेकर चिंता जताई है। यह सुविधा, जो दुनिया के सबसे बड़े हीलियम उत्पादन स्थलों में से एक है, मार्च 2026 में पश्चिम एशिया में क्षेत्रीय शत्रुता के दौरान प्रभावित हुई थी। विश्लेषकों का अनुमान है कि इस व्यवधान से वैश्विक हीलियम आपूर्ति का लगभग 14 प्रतिशत हिस्सा प्रभावित हुआ है और कीमतों में भारी उछाल आया है। इस कमी से चिप निर्माण और वैज्ञानिक अनुसंधान बाधित होने का खतरा है, जिससे विविध आपूर्ति श्रृंखलाओं (supply chains) की मांग बढ़ गई है।
पृष्ठभूमि
हीलियम एक रंगहीन, गंधहीन अक्रिय गैस (inert gas) है जो ब्रह्मांड का दूसरा सबसे हल्का तत्व है। इसे पहली बार 1868 में पहचाना गया था जब खगोलविदों ने सूर्य ग्रहण के दौरान एक पीली वर्णक्रमीय रेखा (spectral line) देखी थी, और इसका नाम सूर्य के ग्रीक शब्द, हेलियोस (Helios) के नाम पर रखा गया था। 2 की परमाणु संख्या के साथ, हीलियम में असाधारण गुण होते हैं: यह बहुत कम तापमान पर भी गैसीय अवस्था में रहता है, अन्य तत्वों के साथ प्रतिक्रिया नहीं करता है और सामान्य वायुमंडलीय दबाव पर ठोस नहीं किया जा सकता है। ये विशेषताएं इसे उच्च-तकनीकी अनुप्रयोगों में अपरिहार्य (indispensable) बनाती हैं।
मुख्य तथ्य
- स्रोत और भंडार: प्राकृतिक गैस उत्पादन के उप-उत्पाद (by-product) के रूप में हीलियम निकाला जाता है। सबसे बड़ा भंडार संयुक्त राज्य अमेरिका, अल्जीरिया और रूस में है। झारखंड में भारत के राजमहल ज्वालामुखी बेसिन (Rajmahal volcanic basin) में अरबों साल पुराना एक महत्वपूर्ण फंसा हुआ जलाशय (trapped reservoir) है।
- औद्योगिक उपयोग: अपने कम क्वथनांक (boiling point) और अक्रिय प्रकृति के कारण, हीलियम का उपयोग रॉकेट ईंधन टैंकों पर दबाव डालने, MRI स्कैनर और पार्टिकल एक्सेलेरेटर (particle accelerators) में सुपरकंडक्टिंग मैग्नेट को ठंडा करने, ईंधन लाइनों को साफ करने और सेमीकंडक्टर निर्माण के लिए नियंत्रित वातावरण बनाने में किया जाता है।
- आपूर्ति की भेद्यता (Vulnerability): वैश्विक हीलियम उत्पादन मुट्ठी भर सुविधाओं में केंद्रित है। कतर के रास लाफन संयंत्र को नुकसान जैसी बाधाएं रातोरात बाजार से बड़ी मात्रा में गैस को हटा सकती हैं, जिससे कीमतों में अस्थिरता और निरंतर आपूर्ति पर निर्भर उद्योगों में कमी हो सकती है।
- सुरक्षा नोट: हीलियम अपने आप में गैर-विषाक्त (non-toxic) है लेकिन यह ऑक्सीजन को विस्थापित (displaces) करता है, इसलिए शुद्ध हीलियम को सांस के रूप में लेने से श्वासावरोध (asphyxiation) हो सकता है। यह उन कुछ तत्वों में से एक है जिन्हें सामान्य दबाव पर ठोस नहीं किया जा सकता है, हालांकि यह निरपेक्ष शून्य (absolute zero) के करीब तापमान पर सुपरफ्लुइड (superfluid) बन जाता है।
महत्व
- प्रौद्योगिकी पर प्रभाव: सेमीकंडक्टर फैब, MRI निर्माता और एयरोस्पेस फर्में स्थिर हीलियम आपूर्ति पर निर्भर करती हैं। निरंतर कमी उत्पादन को धीमा कर सकती है और उपभोक्ताओं के लिए लागत बढ़ा सकती है।
- विविधीकरण (Diversification) की आवश्यकता: हालिया संकट आपूर्ति स्रोतों में विविधता लाने, वैकल्पिक उत्पादन सुविधाएं विकसित करने और औद्योगिक प्रक्रियाओं से हीलियम के पुनर्चक्रण (recycling) का पता लगाने के महत्व को रेखांकित करता है।
- भारत की तैयारी: चूंकि देश अपने सेमीकंडक्टर पारिस्थितिकी तंत्र को विकसित कर रहा है, इसलिए बाहरी झटकों से उद्योगों को बचाने के लिए रणनीतिक भंडार और अनुबंध (contracts) आवश्यक होंगे।
स्रोत: New Indian Express, Reuters