ख़बरों में क्यों?
संयुक्त राज्य अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम के बाद, International Maritime Organisation (IMO) ने फारस की खाड़ी (Persian Gulf) में जहाजों पर फंसे लगभग 11,000 नाविकों को निकालने की योजना की घोषणा की। जहाजों को होर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से सुरक्षित निकालने के लिए IMO ईरान, ओमान, संयुक्त राज्य अमेरिका और अन्य तटीय राज्यों के साथ समन्वय करेगा। यह चरणबद्ध अभियान उच्च-जोखिम वाले जल से चालक दल को निकालेगा और सामान्य शिपिंग मार्गों को बहाल करेगा।
पृष्ठभूमि
IMO संयुक्त राष्ट्र की एक विशेष एजेंसी है जो अंतर्राष्ट्रीय शिपिंग को विनियमित (regulating) करने के लिए जिम्मेदार है। 1948 में इंटर-गवर्नमेंटल मैरीटाइम कंसल्टेटिव ऑर्गनाइजेशन (IMCO) के रूप में स्थापित, इसने 1959 में अपनी पहली सभा आयोजित की और 1982 में इसका नाम बदलकर International Maritime Organisation कर दिया गया। आज इसके 176 सदस्य राज्य हैं, जिनमें लगभग सभी संयुक्त राष्ट्र सदस्य और कुक द्वीप समूह (Cook Islands) शामिल हैं। IMO जहाज सुरक्षा, रक्षा और समुद्री प्रदूषण की रोकथाम के लिए वैश्विक मानक विकसित करता है। समुद्र में जीवन की सुरक्षा (Safety of Life at Sea - SOLAS) कन्वेंशन और जहाजों से प्रदूषण की रोकथाम के लिए अंतर्राष्ट्रीय कन्वेंशन (MARPOL) जैसी प्रमुख संधियाँ यहीं से उत्पन्न हुईं।
मिशन और हालिया योजना
- नियामक भूमिका (Regulatory role): IMO जहाज के डिजाइन, निर्माण और संचालन पर नियम निर्धारित करता है ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि शिपिंग सुरक्षित और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार रहे। विश्व व्यापार का 80 प्रतिशत से अधिक हिस्सा समुद्र मार्ग से होता है, इसलिए सुसंगत मानक (harmonised standards) वैश्विक वाणिज्य का समर्थन करते हैं।
- संरचना: संगठन का संचालन सभी सदस्यों की एक सभा (Assembly) और सभा द्वारा चुनी गई एक परिषद (Council) द्वारा किया जाता है। लंदन में मुख्यालय से एक महासचिव (Secretary-General) सचिवालय का नेतृत्व करता है।
- निकासी अभियान (Evacuation operation): हालिया संघर्ष विराम के बाद, IMO के महासचिव ने घोषणा की कि संघर्ष क्षेत्र से जहाजों को बाहर निकालने के लिए सुरक्षा की गारंटी हासिल कर ली गई है। होर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के माध्यम से उनके मार्ग को समन्वित करने के लिए चालक दल से व्यक्तिगत रूप से संपर्क किया जाएगा, जहाँ तैरती खदानें (floating mines) और क्षतिग्रस्त जहाज खतरे पैदा करते हैं।
- मानवीय फोकस: IMO ने उन नाविकों के लिए चिंता व्यक्त की जिन्होंने महीनों तक खतरे का सामना किया है। योजना का उद्देश्य जीवन के और नुकसान को रोकना और यह सुनिश्चित करना है कि समुद्री व्यापार हमले के डर के बिना फिर से शुरू हो सके।
निष्कर्ष
यह निकासी एक नियामक और नाविकों के कल्याण के संरक्षक के रूप में IMO की दोहरी भूमिका को उजागर करती है। खाड़ी में सभी पक्षों के साथ काम करके, संगठन संघर्ष क्षेत्रों में भी समुद्री सुरक्षा को बनाए रखने और वैश्विक व्यापार के प्रवाह को बनाए रखने का प्रयास करता है।