चर्चा में क्यों?
नेशनल इंस्टीट्यूशन फॉर ट्रांसफॉर्मिंग इंडिया, या नीति आयोग (NITI Aayog) ने भारत का पहला निवेश अनुकूलता सूचकांक (Investment Friendliness Index) जारी किया। गुजरात ने कुल 56.6 अंकों के साथ राष्ट्रीय स्तर पर पहला स्थान प्राप्त किया। महाराष्ट्र और तमिलनाडु क्रमशः दूसरे और तीसरे स्थान पर रहे। यह सूचकांक सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की तुलना करता है।
पृष्ठभूमि
व्यवसाय निवेश का स्थान चुनने से पहले कई स्थितियों पर विचार करते हैं; वे सड़कों, बिजली, भूमि, कौशल, नियमों, अदालतों और सरकारी स्थिरता की जांच करते हैं।
इनमें से कई स्थितियां राज्य और स्थानीय सरकारों पर निर्भर करती हैं।
एक राष्ट्रीय रैंकिंग ताकत दिखा सकती है और व्यावहारिक सुधार अंतराल की पहचान कर सकती है।
सूचकांक की उत्पत्ति कैसे हुई?
- नीति आयोग ने जुलाई 2024 के दौरान अपनी नौवीं गवर्निंग काउंसिल की बैठक आयोजित की।
- प्रधान मंत्री ने उस बैठक में निवेश के अनुकूल चार्टर (Investment-Friendly Charter) का अनुरोध किया।
- केंद्रीय बजट 2025-26 में फिर निवेश अनुकूलता सूचकांक की घोषणा की गई।
- नीति आयोग ने अनुसंधान और हितधारकों के परामर्श के बाद विधि का निर्माण किया।
- पहली रिपोर्ट 17 जुलाई 2026 को जारी की गई।
नीति आयोग केंद्र सरकार की शीर्ष सार्वजनिक नीति संस्था है।
यह 1 जनवरी 2015 को शुरू हुआ और इसने योजना आयोग का स्थान लिया।
यह न तो कोई संवैधानिक निकाय है और न ही कोई वैधानिक आयोग है।
सूचकांक क्या मापता है?
निवेश अनुकूलता सूचकांक को संक्षेप में IFI कहा जाता है; IFI यह मापता है कि कोई अधिकार क्षेत्र (jurisdiction) निवेश को कितनी अच्छी तरह सक्षम और बनाए रखता है।
यह भारत के 28 राज्यों और आठ केंद्र शासित प्रदेशों को कवर करता है; ढांचे में आठ स्तंभों में 84 संकेतक (indicators) हैं।
बासठ संकेतक मौजूदा आधिकारिक या प्रकाशित स्रोतों से द्वितीयक डेटा (secondary data) का उपयोग करते हैं; बाईस संकेतक निवेशक धारणा सर्वेक्षण (investor perception survey) का उपयोग करते हैं।
सर्वेक्षण में 1,850 निवेशकों को शामिल किया गया और 2,503 प्रतिक्रियाएं प्राप्त हुईं।
स्कोर का अर्थ: IFI प्राप्त वास्तविक निवेश को रैंक नहीं करता है; यह सक्षम वातावरण (enabling environment) को रैंक करता है।
कुछ स्तंभों में कमजोरियों के बावजूद कोई राज्य बड़े निवेश प्राप्त कर सकता है।
इसी तरह, अनुकूल माहौल हर प्रस्तावित निवेश की गारंटी नहीं देता है।
आठ स्तंभ कौन से हैं?
| स्तंभ (Pillar) | भार (Weight) | मुख्य विचार |
|---|---|---|
| बुनियादी ढांचा (Infrastructure) | 25 प्रतिशत | रसद (Logistics), बिजली, डिजिटल सिस्टम और औद्योगिक सुविधाएं |
| व्यापार का माहौल (Business climate) | 20 प्रतिशत | आर्थिक प्रदर्शन, नवाचार और व्यापार समर्थन |
| संसाधन (Resources) | 15 प्रतिशत | प्राकृतिक संसाधन और कुशल मानव संसाधन |
| सरकारी नीति (Government policy) | 10 प्रतिशत | प्रोत्साहन (Incentives) और अनुमोदन प्रणाली |
| विनियामक सुगमता (Regulatory ease) | 12 प्रतिशत | अनुपालन का बोझ (Compliance burden) और कानूनी माहौल |
| वित्तीय स्वास्थ्य (Financial health) | 7 प्रतिशत | राज्य की राजकोषीय स्थिति की मजबूती |
| संस्थागत वातावरण (Institutional environment) | 6 प्रतिशत | शासन और कानून का शासन |
| पर्यावरण लचीलापन (Environmental resilience) | 5 प्रतिशत | पर्यावरणीय जोखिमों का जोखिम और प्रतिक्रिया |
आठ भार 100 प्रतिशत जोड़ते हैं; बुनियादी ढांचे को 25 प्रतिशत पर सबसे बड़ा भार मिलता है।
पर्यावरण लचीलेपन को पांच प्रतिशत, सबसे छोटा स्तंभ भार मिलता है।
प्रीलिम्स तथ्य (Prelims superlatives): बुनियादी ढांचे का भार सबसे अधिक है; पर्यावरण लचीलेपन का भार सबसे कम है।
अधिकार क्षेत्रों को कैसे वर्गीकृत किया जाता है?
| श्रेणी | स्कोर नियम | अधिकार क्षेत्रों की संख्या |
|---|---|---|
| शीर्ष प्रदर्शनकर्ता (Top Performers) | 50 से ऊपर | 5 |
| अग्रणी (Frontrunners) | 45 से 50 | 15 |
| उभरते प्रदर्शनकर्ता (Emerging Performers) | कम से कम 40 लेकिन 45 से कम | 8 |
| आकांक्षी राज्य (Aspiring States) | 40 से नीचे | 8 |
ठीक 50 का स्कोर अग्रणी (Frontrunners) में आता है; ठीक 45 का स्कोर भी अग्रणी (Frontrunners) में आता है।
यह सीमा विवरण एक कथन-आधारित परीक्षा प्रश्न में मायने रख सकता है।
सूचकांक में किन अधिकार क्षेत्रों ने नेतृत्व किया?
पांच अधिकार क्षेत्रों ने उच्चतम श्रेणी में प्रवेश किया, जिसे शीर्ष प्रदर्शनकर्ता (Top Performers) कहा जाता है।
- गुजरात ने 56.6 अंकों के समग्र स्कोर के साथ राष्ट्रीय स्तर पर पहला स्थान प्राप्त किया।
- महाराष्ट्र ने 53.7 अंकों के समग्र स्कोर के साथ राष्ट्रीय स्तर पर दूसरा स्थान प्राप्त किया।
- तमिलनाडु ने 53.3 अंकों के समग्र स्कोर के साथ राष्ट्रीय स्तर पर तीसरा स्थान प्राप्त किया।
- गोवा ने 53.1 अंकों के समग्र स्कोर के साथ राष्ट्रीय स्तर पर चौथा स्थान प्राप्त किया।
- ओडिशा ने 52.4 अंकों के समग्र स्कोर के साथ राष्ट्रीय स्तर पर पांचवां स्थान प्राप्त किया।
गुजरात का स्कोर मजबूत बंदरगाहों, विश्वसनीय बिजली और एक अनुकूल व्यापारिक माहौल को दर्शाता है।
समग्र स्कोर में बढ़त का मतलब हर संकेतक में नेतृत्व नहीं है।
समूहों (peer groups) का उपयोग क्यों किया जाता है?
भारत के अधिकार क्षेत्र आकार, इलाके, जनसंख्या और प्रशासनिक संरचना में भिन्न हैं।
एक हिमालयी राज्य की तुलना केवल एक बड़े औद्योगिक राज्य से करना भ्रामक हो सकता है।
इसलिए IFI अधिक सार्थक तुलनाओं के लिए तीन समूह (peer groups) बनाता है।
| समूह (Peer group) | पहला | दूसरा | तीसरा |
|---|---|---|---|
| बड़े राज्य | गुजरात | महाराष्ट्र | तमिलनाडु |
| पहाड़ी और उत्तर-पूर्वी राज्य | उत्तराखंड | असम | हिमाचल प्रदेश |
| शहर राज्य और केंद्र शासित प्रदेश | गोवा | दिल्ली | चंडीगढ़ |
गोवा को शहर राज्य और केंद्र शासित प्रदेश (City States and Union Territories) समूह के भीतर माना जाता है; यह भारत के संविधान के तहत एक राज्य बना हुआ है।
सहकर्मी-समूह लेबल इसकी संवैधानिक स्थिति को नहीं बदलता है।
सरकारें IFI का उपयोग कैसे कर सकती हैं?
- राज्य प्रोफाइल कमजोर बुनियादी ढांचे या अनुमोदन प्रणालियों की पहचान कर सकते हैं।
- अधिकारी समान संरचनात्मक स्थितियों का सामना कर रहे अधिकार क्षेत्रों के साथ परिणामों की तुलना कर सकते हैं।
- निवेशक प्रतिक्रिया औपचारिक नियमों के भीतर छिपी समस्याओं को प्रकट कर सकती है।
- बाद के संस्करण समय के साथ सुधारों और प्रदर्शन में सुधार को ट्रैक कर सकते हैं।
- राज्य कहीं और उपयोग की जाने वाली सफल प्रथाओं से सीख सकते हैं।
यह दृष्टिकोण राज्यों के बीच सहयोग के साथ प्रतिस्पर्धा को जोड़ता है; ऐसे संतुलन को प्रतिस्पर्धी और सहकारी संघवाद (competitive and cooperative federalism) कहा जाता है।
सूचकांक की सीमाएँ क्या हैं?
- भार पद्धतिगत विकल्पों को दर्शाते हैं और अंतिम रैंकिंग को प्रभावित कर सकते हैं।
- विभिन्न क्षेत्रों और निवेशक प्रकारों में धारणा प्रतिक्रियाएं भिन्न हो सकती हैं।
- राज्य का औसत जिलों के बीच बड़े अंतर को छिपा सकता है।
- एक समग्र संख्या जटिल कानूनी या सामाजिक स्थितियों को सरल बना सकती है।
- रैंकिंग को बाद के संस्करणों के लिए अद्यतन और तुलनीय डेटा की आवश्यकता होती है।
इसलिए, रिपोर्ट को एक साधारण दौड़ बनने के बजाय सुधार का मार्गदर्शन करना चाहिए।
नीति आयोग इसे एक व्यावहारिक सुधार उपकरण के रूप में भी प्रस्तुत करता है।
विकास के लिए IFI क्यों मायने रखता है?
निजी निवेश कारखानों, सेवाओं, प्रौद्योगिकी और रोजगार का विस्तार कर सकता है; हालाँकि, इसकी कुल राशि के साथ-साथ निवेश की गुणवत्ता भी मायने रखती है।
परियोजनाओं को उत्पादक नौकरियां पैदा करनी चाहिए और पर्यावरण सुरक्षा उपायों का पालन करना चाहिए; एक पूर्वानुमानित राज्य (predictable state) कानूनी सुरक्षा को कमजोर किए बिना देरी को कम कर सकता है।
निष्कर्ष
IFI एक सामान्य सुधार मानचित्र प्रस्तुत करता है, लेकिन टिकाऊ निवेश के लिए विश्वास और जिम्मेदार शासन की भी आवश्यकता होती है।