चर्चा में क्यों?
बिहार सरकार ने भागलपुर से लगभग 125 क्विंटल जीआई-टैग (GI-tagged) वाले जर्दालू आम राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को भेजे। यह पहल राष्ट्रीय नेताओं को इस सुगंधित फल को भेंट करने की एक लंबी परंपरा का पालन करती है। प्रधानमंत्री ने हाल ही में अपने मन की बात रेडियो कार्यक्रम में इस आम की प्रशंसा की थी।
पृष्ठभूमि
जर्दालू (जिसे जरदालू भी कहा जाता है) भागलपुर जिले के उपजाऊ बागों में उगायी जाने वाली आम की एक अनूठी किस्म है। इस फल की त्वचा हल्के पीले रंग की होती है, इसमें तेज सुगंध और मुलायम मीठा गूदा होता है। इसका नाम फारसी शब्द ज़र्द (zard) से आया है, जिसका अर्थ पीला है। स्थानीय किंवदंतियों के अनुसार इसकी उत्पत्ति लगभग दो शताब्दी पहले मधुबन (Madhuban) के बगीचों में हुई थी, जब पारखियों (connoisseurs) ने इसकी सुगंध के लिए पौधों का चयन किया था。
इस आम को 2018 में भौगोलिक संकेत (geographical indication - GI) टैग मिला था। यह टैग फल की प्रतिष्ठा की रक्षा करता है और उत्पादकों को इसे प्रीमियम मूल्य पर बाजार में बेचने की अनुमति देता है। हर साल मधुबन फार्म में बाग प्रबंधक आमों का सावधानीपूर्वक चयन, ग्रेडिंग और पैकिंग करते हैं और उन्हें प्रमुख नेताओं को भेजते हैं। यह प्रथा बिहार की बागवानी विरासत (horticultural heritage) को प्रदर्शित करती है और स्थानीय किसानों की आय को बढ़ाती है।
मुख्य बिंदु
- जर्दालू आम हल्के पीले रंग की त्वचा और मीठे रसदार गूदे के साथ मध्यम आकार के होते हैं।
- फलों की कटाई मई और जून में की जाती है और वे अपनी प्राकृतिक सुगंध के लिए बेशकीमती होते हैं।
- जीआई टैग यह सुनिश्चित करता है कि केवल भागलपुर में उगाए गए आमों को ही जर्दालू के रूप में बेचा जा सकता है।
- गणमान्य व्यक्तियों को आम भेजना इस किस्म को बढ़ावा देता है और एक पुरानी परंपरा का सम्मान करता है।
- यह प्रथा क्षेत्रीय फसलों के बारे में जागरूकता पैदा करती है और किसानों को विरासत की किस्मों को संरक्षित करने के लिए प्रोत्साहित करती है।
निष्कर्ष
जर्दालू आम बिहार की समृद्ध बागवानी विरासत का प्रतीक हैं। इन्हें राष्ट्रीय नेताओं को उपहार में देकर राज्य अपने किसानों का सम्मान करता है और पारंपरिक किस्मों की ओर ध्यान आकर्षित करता है। जीआई सुरक्षा प्रामाणिकता (authenticity) सुनिश्चित करती है और उत्पादकों को बाजारों में बेहतर मूल्य प्राप्त करने में मदद करती है।