चर्चा में क्यों?
भारतीय जीवन बीमा निगम (Life Insurance Corporation of India - LIC) के बोर्ड ने इक्विटी शेयरों के अपने पहले बोनस इश्यू (bonus issue) को मंजूरी दे दी है। शेयरधारकों को उनके पास मौजूद प्रत्येक शेयर के लिए एक अतिरिक्त शेयर (1:1 का अनुपात) मिलेगा। आवश्यक अनुमोदन के बाद नए शेयरों को जून 2026 के मध्य तक जमा किए जाने की उम्मीद है।
पृष्ठभूमि
एक बोनस इश्यू, जिसे स्क्रिप इश्यू (scrip issue) या पूंजीकरण इश्यू (capitalisation issue) के रूप में भी जाना जाता है, में मौजूदा शेयरधारकों को उनके होल्डिंग के अनुपात में मुफ्त अतिरिक्त शेयर जारी करना शामिल है। कंपनी नए शेयर बनाने के लिए अपने भंडार (reserves) या अधिशेष (surplus) के एक हिस्से को पूंजीकृत (capitalises) करती है। हालांकि शेयरों की संख्या बढ़ जाती है, लेकिन प्रत्येक शेयर का बाजार मूल्य इस तरह समायोजित हो जाता है कि शेयरधारक की होल्डिंग का कुल मूल्य समान रहता है।
विवरण
- एलआईसी का कदम: निगम लगभग 632 करोड़ नए शेयर जारी करेगा, जिससे इसकी चुकता शेयर पूंजी (paid-up share capital) दोगुनी हो जाएगी। बोनस को इसके बड़े मुक्त भंडार से वित्तपोषित किया जाएगा, जिसका अनुमान ₹12 लाख करोड़ से अधिक है।
- उद्देश्य: कंपनियां अक्सर शेयरधारकों को पुरस्कृत करने, तरलता (liquidity) में सुधार करने और नए निवेशकों को आकर्षित करने के लिए बोनस शेयर पेश करती हैं। बोनस इश्यू स्वामित्व को पतला (dilute) नहीं करते हैं क्योंकि प्रत्येक निवेशक की आनुपातिक हिस्सेदारी (proportionate holding) अपरिवर्तित रहती है।
- स्टॉक स्प्लिट (stock split) से अंतर: स्टॉक स्प्लिट में, मौजूदा शेयरों को छोटे अंकित मूल्य (face-value) इकाइयों में विभाजित किया जाता है (उदाहरण के लिए, एक ₹10 का शेयर पांच ₹2 का शेयर बन जाता है)। एक बोनस इश्यू अंकित मूल्य (face value) को कम किए बिना नए शेयर बनाता है और आंतरिक भंडार का उपयोग करता है।
- निवेशकों पर प्रभाव: बोनस के बाद, प्रत्येक शेयरधारक के पास दोगुने शेयर होंगे, लेकिन शेयर की कीमत तदनुसार समायोजित (adjust) होने की संभावना है। अल्पावधि में प्रति शेयर लाभांश (Dividends per share) कम हो सकता है, लेकिन कुल लाभांश भुगतान (total dividend payout) कंपनी के प्रदर्शन से जुड़ा रहता है।
स्रोत: Economic Times · Livemint · Investopedia