समाचार में क्यों?
Indian Air Force ने हाल ही में स्वदेशी Netra AEW&C सिस्टम को अंतिम परिचालन मंजूरी प्रदान की। यह 25 June 2026 को हुआ और इस परियोजना के लिए एक प्रमुख मील का पत्थर है। इसका मतलब है कि विमान और रडार को निगरानी मिशनों के लिए पूरी तरह से तैनात किया जा सकता है।
पृष्ठभूमि
Netra एक airborne early warning and control (AEW&C) प्लेटफॉर्म है। इसे Defence Research and Development Organisation (DRDO) और Centre for Airborne Systems द्वारा विकसित किया गया था। काम 2000 के दशक की शुरुआत में शुरू हुआ और 2011 में पहले प्रोटोटाइप ने उड़ान भरी। इस सिस्टम में एक ब्राज़ीलियाई Embraer EMB‑145 जेट का उपयोग किया गया है, जिस पर स्थानीय रूप से निर्मित active electronically scanned array (AESA) रडार लगा है। रडार धड़ के ऊपर एक पृष्ठीय गुंबद के अंदर स्थित है। इससे पहले, 2017 और 2019 में Indian Air Force को केवल कुछ इकाइयां ही सौंपी गई थीं। अंतिम परिचालन मंजूरी इस बात की पुष्टि करती है कि डिज़ाइन, प्रदर्शन और उपयोगकर्ता परीक्षण पूरे हो चुके हैं।
प्रमुख विशेषताएँ
- विस्तृत कवरेज: AESA रडार लगभग 240 डिग्री पर निगरानी प्रदान करता है। यह ऊंचाई के आधार पर 250 km और 375 km के बीच की सीमा में लड़ाकू विमानों और अन्य लक्ष्यों का पता लगा सकता है। Netra Mk‑1A और Mk‑2 कार्यक्रमों के तहत नियोजित अपग्रेड का लक्ष्य पूर्ण 360-डिग्री कवरेज और 500 km से अधिक की सीमा प्रदान करना है।
- बहु-भूमिका: Netra एक साथ दर्जनों लक्ष्यों को ट्रैक कर सकता है। यह इंटरसेप्टर का मार्गदर्शन करके हवाई रक्षा का समर्थन करता है और जटिल अभियानों के दौरान मित्र विमानों का प्रबंधन कर सकता है। यह command and control और signals intelligence कार्य भी करता है।
- स्वदेशी डिज़ाइन: यह परियोजना एक विदेशी एयरफ्रेम पर भारतीय रडार, संचार और डेटा लिंक को एकीकृत करती है। यह आयातित हवाई चेतावनी प्रणालियों पर निर्भरता को कम करता है और स्थानीय विशेषज्ञता का निर्माण करता है।
- परिचालन उपयोग: Netra ने 2019 में Balakot पर भारत के हवाई हमलों के दौरान भूमिका निभाई थी। तब से इसका उपयोग तटीय निगरानी और संयुक्त अभ्यास के लिए किया जा रहा है। अंतिम मंजूरी का मतलब है कि बेड़े को अब अधिक व्यापक रूप से तैनात किया जा सकता है।
महत्व
- फोर्स मल्टीप्लायर: हवाई चेतावनी प्लेटफॉर्म शत्रुतापूर्ण विमानों और मिसाइलों की प्रारंभिक चेतावनी देते हैं। वे मित्र लड़ाकू विमानों के बड़े संरचनाओं के प्रबंधन में भी मदद करते हैं। यह उन्हें आधुनिक हवाई युद्ध के लिए आवश्यक बनाता है।
- आत्मनिर्भरता: भारत में वर्तमान में पर्याप्त हवाई निगरानी प्लेटफार्मों की कमी है। Netra और इसके उत्तराधिकारी परिस्थितिजन्य जागरूकता में सुधार करेंगे और विदेशी AWACS प्रणालियों पर निर्भरता कम करेंगे।
- भविष्य का विकास: Airbus A321 या C‑295 विमानों का उपयोग करके भारी AEW&C प्रणालियों पर काम शुरू हो गया है। इन वेरिएंट्स को बड़े रडार ले जाने चाहिए और बेहतर रेंज और सहनशक्ति प्रदान करनी चाहिए।
निष्कर्ष
Netra की अंतिम मंजूरी यह दर्शाती है कि भारत परिष्कृत हवाई सेंसर विकसित कर सकता है। अपग्रेड और अतिरिक्त इकाइयों के साथ, यह प्रणाली राष्ट्रीय सुरक्षा को बढ़ाएगी और रक्षा में Atmanirbhar Bharat के दृष्टिकोण का समर्थन करेगी।