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PM-FCT: डिजिटल हेल्थ पासपोर्ट, लाभ और कार्यान्वयन

PM-FCT: डिजिटल हेल्थ पासपोर्ट, लाभ और कार्यान्वयन

समाचार में क्यों?

28 June 2026 को Union Home and Cooperation Minister ने गांधीनगर, गुजरात में PM Family Care Tracker (PM‑FCT) पायलट प्रोजेक्ट लॉन्च किया। इस डिजिटल प्लेटफॉर्म का उद्देश्य वास्तविक समय की निगरानी (real-time monitoring) और समय पर हस्तक्षेप (intervention) के माध्यम से यह सुनिश्चित करना है कि गर्भवती महिलाओं, माताओं और बच्चों को सभी योग्य स्वास्थ्य और कल्याण लाभ मिलें। यह कल्याण वितरण (welfare delivery) को मजबूत करने के लिए प्रौद्योगिकी (technology) का उपयोग करने के भारत के अभियान का हिस्सा है।

पृष्ठभूमि

भारत ने मातृ और बाल स्वास्थ्य, पोषण और शिक्षा के लिए कई योजनाएं लागू की हैं। सुधारों के बावजूद, अंतराल बने हुए हैं क्योंकि रिकॉर्ड विभिन्न मंत्रालयों में बिखरे हुए हैं और कुछ लाभार्थी छूट जाते हैं। PM‑FCT जन्म और मृत्यु पंजीकरण, स्वास्थ्य विभागों, पोषण कार्यक्रमों और शिक्षा प्रणालियों के डेटा को एकीकृत करके इसे हल करता है। यह गर्भावस्था से लेकर किशोरावस्था तक व्यक्तियों को ट्रैक करने के लिए विशिष्ट पहचानकर्ता (unique identifier) के रूप में Birth Registration Number का उपयोग करता है। शुरुआत में गांधीनगर Lok Sabha क्षेत्र में एक पायलट के रूप में लॉन्च किए गए इस प्लेटफॉर्म का मूल्यांकन के बाद राज्यव्यापी और राष्ट्रीय स्तर पर विस्तार किया जा सकता है।

PM‑FCT कैसे काम करता है

  • डेटा एकीकरण: यह प्लेटफॉर्म मौजूदा डेटाबेस जैसे ICDS, Reproductive and Child Health (RCH), Poshan Tracker और स्कूल स्वास्थ्य रिकॉर्ड को मिलाता है। यह गर्भाधान (conception) से लेकर 18 वर्ष की आयु तक लाभार्थियों को ट्रैक करता है।
  • Health Passport: प्रत्येक परिवार को एक डिजिटल Health Passport मिलता है जिसमें प्रसव पूर्व देखभाल (antenatal care), टीकाकरण, पोषण, विकास के मील के पत्थर (growth milestones), स्कूल नामांकन और किशोर स्वास्थ्य सेवाओं का रिकॉर्ड होता है। अधिकारी प्रगति की निगरानी के लिए डैशबोर्ड देख सकते हैं।
  • स्वचालित अलर्ट: यदि कोई बच्चा पोलियो का टीका लगाने से चूक जाता है या स्कूल छोड़ देता है, तो सिस्टम स्थानीय अधिकारियों और निर्वाचित प्रतिनिधियों को अलर्ट भेजता है। यह त्वरित अनुवर्ती कार्रवाई (follow-up) को प्रेरित करता है ताकि कोई भी योग्य लाभार्थी न छूटे।
  • योजनाओं में एकीकरण: यह प्लेटफॉर्म जननी सुरक्षा योजना (Janani Suraksha Yojana), PM Poshan, Mission Vatsalya, PM CARES for Children और National Child Labour Project सहित लगभग 16 कल्याणकारी योजनाओं को जोड़ता है। एकीकृत डैशबोर्ड प्रशासकों को उच्च जोखिम वाले गर्भधारण और कुपोषित बच्चों की पहचान करने और हस्तक्षेप की योजना बनाने में मदद करते हैं।

लाभ और महत्व

  • समग्र निगरानी: बच्चे के गर्भ में आने से लेकर वयस्क होने तक नज़र रखकर, यह सिस्टम स्वास्थ्य, पोषण और शिक्षा के लिए शुरू से अंत तक का डेटा प्रदान करता है। यह सेवा वितरण को प्रतिक्रियाशील (reactive) के बजाय सक्रिय (proactive) बनाता है।
  • अंतराल में कमी: एकीकृत रिकॉर्ड दोहराव (duplication) को कम करते हैं और यह सुनिश्चित करते हैं कि लाभ सही लोगों तक पहुंचे। स्वचालित अलर्ट स्कूल छोड़ने और टीकाकरण छूटने से रोकने में मदद करते हैं।
  • नीति नियोजन: वास्तविक समय के डैशबोर्ड नीति निर्माताओं को उन क्षेत्रों की पहचान करने की अनुमति देते हैं जहां शिशु मृत्यु दर, कुपोषण या स्कूल छोड़ने की दर अधिक है और तदनुसार संसाधनों को लक्षित करते हैं।
  • पायलट दृष्टिकोण: गांधीनगर में शुरुआत करने से अधिकारियों को तकनीक को परिष्कृत करने, गोपनीयता के मुद्दों को संबोधित करने और देश भर में विस्तार करने से पहले सिस्टम को अनुकूलित करने का अवसर मिलता है।

निष्कर्ष

PM Family Care Tracker परिवार-केंद्रित निगरानी प्रणाली बनाने के लिए कई कल्याणकारी डेटाबेस को जोड़ता है। समय पर अलर्ट देकर और स्वास्थ्य, पोषण तथा शिक्षा रिकॉर्ड को एकीकृत करके, इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि प्रत्येक योग्य महिला और बच्चे को उनके हक का लाभ मिले। यदि यह सफल होता है, तो यह प्लेटफॉर्म पूरे भारत में प्रौद्योगिकी-संचालित कल्याण वितरण के लिए एक मॉडल बन सकता है।

स्रोत: TH

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