विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी

Proba-3 Mission: ESA सूर्य ग्रहण और फॉर्मेशन फ्लाइंग

Proba-3 Mission: ESA सूर्य ग्रहण और फॉर्मेशन फ्लाइंग

चर्चा में क्यों?

यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी (European Space Agency - ESA) ने अपने प्रोबा-3 (Proba-3) सूर्य-ग्रहण मिशन (solar-eclipse mission) के साथ कठिनाइयों की सूचना दी है जब फरवरी 2026 के मध्य में दो अंतरिक्ष यान (spacecraft) में से एक के साथ संपर्क टूट गया था। दिसंबर 2024 में लॉन्च किया गया मिशन, कृत्रिम सूर्य ग्रहण (artificial solar eclipses) बनाने और सूर्य के बाहरी वायुमंडल (outer atmosphere) का अध्ययन करने के लिए सटीक गठन (precise formation) में उड़ान भरने वाले दो उपग्रहों (satellites) पर निर्भर करता है।

पृष्ठभूमि

प्रोबा-3 ईएसए (ESA) का पहला सटीक फॉर्मेशन-फ्लाइंग मिशन (precision formation-flying mission) है। इसमें दो छोटे उपग्रह होते हैं: ऑक्युल्टर (Occulter), जो सूर्य के चमकीले फोटोस्फीयर (photosphere) को अवरुद्ध करने के लिए एक डिस्क (disc) ले जाता है, और कोरोनाग्राफ (Coronagraph), जो बेहोश कोरोना (faint corona) का निरीक्षण करने के लिए एक दूरबीन (telescope) रखता है। उपग्रहों को 5 दिसंबर 2024 को भारत में सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र (Satish Dhawan Space Centre) से पीएसएलवी-एक्सएल (PSLV-XL) रॉकेट पर लॉन्च किया गया था। एपोगी (apogee - पृथ्वी से लगभग 60,000 किमी) पर लगभग 150 मीटर से अलग होने पर, वे कुल सूर्य ग्रहण (total solar eclipse) का अनुकरण (simulate) करने के लिए एक ही विशाल उपकरण (single giant instrument) की तरह काम करते हैं।

तकनीकी नवाचार (Technological innovations)

  • फॉर्मेशन फ्लाइंग (Formation flying): मिशन सेंसर (sensors) के एक सूट का उपयोग करके मिलीमीटर-स्तर सापेक्ष स्थिति (millimetre-level relative positioning) को प्रदर्शित करता है। इनमें ऑक्युल्टर (Occulter) पर कैमरे (cameras) शामिल हैं जो कोरोनाग्राफ (Coronagraph) पर चमकती एल ई डी (flashing LEDs) को ट्रैक (track) करते हैं, एक छाया-स्थिति सेंसर (shadow-position sensor) जो कोरोनाग्राफ को ओक्युल्टर की छाया (shadow) में रखता है और मिलीमीटर सटीकता (precision) के साथ दूरी मापने में सक्षम एक लेजर-आधारित (laser-based) फाइन लेटरल एंड लोंगिट्यूडिनल सेंसर (Fine Lateral and Longitudinal Sensor) शामिल है।
  • स्वायत्त नियंत्रण (Autonomous control): जमीन नियंत्रकों (ground controllers) द्वारा दोनों उपग्रहों को एक साथ करीब लाने के बाद, ऑन-बोर्ड सॉफ्टवेयर (on-board software) नेविगेशन (navigation), मार्गदर्शन (guidance) और नियंत्रण का प्रबंधन करता है, जब जोड़ी पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण (gravity) से दूर होती है तो प्रणोदक उपयोग (propellant use) को कम करती है।
  • विज्ञान लक्ष्य: बार-बार कृत्रिम ग्रहण (artificial eclipses) बनाकर, वैज्ञानिकों को यह जवाब देने की उम्मीद है कि सूर्य का कोरोना सतह (surface) से काफी अधिक गर्म क्यों है, जो सौर हवा (solar wind) को गति देता है और कोरोनल मास इजेक्शन (coronal mass ejections) कैसे ट्रिगर (triggered) होते हैं। यह तकनीक भविष्य के मिशनों को भी सूचित कर सकती है, जैसे एक्सोप्लैनेट शिकारी (exoplanet hunters) जो तारों की रोशनी (starlight) को अवरुद्ध करने के लिए ओक्युल्टर का उपयोग करते हैं।

वर्तमान स्थिति और महत्व

मई 2025 में दोनों अंतरिक्ष यानों ने मिलीमीटर सटीकता (millimetric precision) के साथ कई घंटों तक सफलतापूर्वक उड़ान भरी (formation flying)। उन्होंने जून 2025 में अपनी पहली कृत्रिम सूर्य-ग्रहण (artificial solar-eclipse) छवियां (images) प्राप्त कीं। हालांकि, मार्च 2026 के अपडेट के अनुसार, 14 फरवरी को एक विसंगति (anomaly) के बाद कोरोनाग्राफ (Coronagraph) अभिविन्यास (orientation) खो बैठा, जिसके कारण इसके सौर पैनल (solar panels) सूर्य से दूर हो गए और इसकी बैटरी (batteries) खत्म हो गई। ईएसए टीमें (ESA teams) कारण की जांच कर रही हैं और पुनर्प्राप्ति (recovery) में सहायता के लिए ऑक्युल्टर (Occulter) को करीब लाने के तरीके तलाश रही हैं। यह घटना गहरे अंतरिक्ष (deep space) में कई उपग्रहों को नियंत्रित (controlling) करने की चुनौतियों (challenges) को रेखांकित करती है और मिशन की प्रयोगात्मक प्रकृति (experimental nature) पर प्रकाश डालती है।

स्रोत: Space.com · ESA

Sign in Today’s news
Current affairs Daily news Daily quiz News Blitz Shorts Economic Survey 2025-26 Subjects
Polity Economy Geography Environment History Science & Tech Intl. Relations Internal Security Art & Culture Social Issues
All subjects Exam info UPSC Syllabus Prelims syllabus Mains syllabus Exam pattern Eligibility & attempts OBC & EWS checker Resources Free downloads Booklist 2026 Previous year papers Video notes YouTube channel