समाचार में क्यों?
भारत की बायोमेडिकल शोध परिषद ने आगे के विकास के लिए Emcure Pharmaceuticals को SHetA2 का लाइसेंस दिया है। यह प्रायोगिक उम्मीदवार उच्च जोखिम वाले human papillomavirus से जुड़े कैंसर-पूर्व (precancerous) ग्रीवा परिवर्तनों (cervical changes) को लक्षित करता है। प्रयोगशाला और पशु अध्ययन इसके जैविक तंत्र का समर्थन करते हैं। यह अभी तक एक स्वीकृत सर्वाइकल कैंसर (cervical cancer) दवा नहीं है।
पृष्ठभूमि
Indian Council of Medical Research (ICMR) बायोमेडिकल रिसर्च के लिए भारत का सर्वोच्च संगठन है।
यह केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय (Union Health Ministry) के तहत Department of Health Research के अंतर्गत काम करता है।
21 जुलाई 2026 को, परिषद ने आगे के उत्पाद विकास के लिए तीन प्रौद्योगिकी लाइसेंसों (technology licences) की घोषणा की।
एक लाइसेंस ने Emcure Pharmaceuticals को SHetA2 के विकास के अधिकार स्थानांतरित किए।
Human papillomavirus क्या है?
Human papillomavirus, या HPV, डीऑक्सीराइबोन्यूक्लिक एसिड (deoxyribonucleic acid), या DNA ले जाने वाले संबंधित वायरस का वर्णन करता है।
कई प्रकार अंतरंग त्वचा संपर्क (intimate skin contact) के माध्यम से फैलते हैं और जननांग पथ (genital tract) को संक्रमित कर सकते हैं।
अधिकांश संक्रमण प्राकृतिक रूप से ठीक हो जाते हैं, लेकिन लगातार बने रहने वाले उच्च जोखिम वाले संक्रमण असामान्य ग्रीवा कोशिकाओं (cervical cells) का निर्माण कर सकते हैं।
HPV प्रकार 16 और 18 दुनिया भर में सर्वाइकल कैंसर के एक बड़े हिस्से का कारण बनते हैं।
Cervical intraepithelial neoplasia क्या है?
Cervical intraepithelial neoplasia, या CIN, का अर्थ ग्रीवा की सतह की परत (cervical surface lining) के भीतर असामान्य कैंसर-पूर्व परिवर्तन (precancerous changes) है।
यह स्वचालित रूप से आक्रामक कैंसर नहीं है, और कुछ निम्न-श्रेणी के परिवर्तन बिना उपचार के गायब हो जाते हैं।
लगातार बने रहने वाले उच्च-श्रेणी के घावों के समय के साथ कैंसर बनने की संभावना अधिक होती है।
जांच (Screening) से डॉक्टरों को इन परिवर्तनों को आक्रामक रूप लेने से पहले पहचानने और प्रबंधित करने की अनुमति मिलती है।
SHetA2 क्या है?
SHetA2 एक स्मॉल-मॉलिक्यूल (small-molecule) चिकित्सीय उम्मीदवार है जिसे भारत-अमेरिका शोध सहयोग के माध्यम से विकसित किया गया है।
भारतीय कार्य में National Institute of Cancer Prevention and Research शामिल था।
संयुक्त राज्य अमेरिका के सहयोग में Oklahoma विश्वविद्यालय में Stephenson Cancer Center शामिल था।
परिषद इस तकनीक को HPV-संबंधित बीमारी के लिए अपने प्रकार के पहले (first-in-class) लक्षित उम्मीदवार के रूप में वर्णित करती है।
उम्मीदवार अंततः एक मौखिक फॉर्मूलेशन या योनि सपोसिटरी (vaginal suppository) का उपयोग कर सकता है।
हालांकि, एक संभावित खुराक रूप सुरक्षा, प्रभावकारिता या नियामक अनुमोदन (regulatory approval) स्थापित नहीं करता है।
मॉलिक्यूल कैसे काम कर सकता है?
कोशिकाओं में हीट-शॉक प्रोटीन (heat-shock proteins) होते हैं जो अन्य प्रोटीनों को सही ढंग से फोल्ड करने, स्थिर करने और काम करने में मदद करते हैं।
महत्वपूर्ण लक्ष्यों में मोर्टालिन (mortalin), हीट-शॉक कॉग्नेट प्रोटीन 70 और ग्लूकोज-विनियमित प्रोटीन 78 शामिल हैं।
ये लक्ष्य हीट-शॉक प्रोटीन 70 परिवार से संबंधित हैं, जिसे आमतौर पर HSP70 के रूप में छोटा किया जाता है।
उच्च जोखिम वाला HPV एक E7 ऑन्कोप्रोटीन (oncoprotein) पैदा करता है जो सामान्य कोशिका-चक्र (cell-cycle) नियंत्रण को बाधित करता है।
प्रयोगशाला अध्ययनों से पता चलता है कि SHetA2 E7 और चयनित HSP70 प्रोटीन के बीच संपर्क को बाधित करता है।
इस क्रिया ने प्रायोगिक मॉडल में E7 के स्तर, कोशिका-चक्र की प्रगति और ट्यूमर-कोशिका व्यवहार्यता (tumour-cell viability) को कम कर दिया।
शोधकर्ताओं ने इन प्रभावों को सेल कल्चर (cell cultures) और माउस ज़ेनोग्राफ्ट (mouse xenografts) में देखा, न कि पूर्ण जनसंख्या परीक्षणों में।
क्या साक्ष्य मौजूद हैं?
| साक्ष्य चरण (Evidence stage) | यह क्या स्थापित करता है | यह क्या स्थापित नहीं करता है |
|---|---|---|
| प्रयोगशाला कोशिकाएं (Laboratory cells) | यह मॉलिक्यूल HPV-संबंधित जैविक मार्गों को प्रभावित कर सकता है। | यह मरीजों में सुरक्षित उपचार साबित नहीं कर सकता है। |
| पशु मॉडल (Animal models) | शोधकर्ता ट्यूमर प्रतिक्रिया और प्रारंभिक विषाक्तता (toxicity) संकेतों का परीक्षण कर सकते हैं। | पशुओं के परिणाम मनुष्यों में पूरी तरह से दोहराए नहीं जा सकते हैं। |
| प्रारंभिक मानव परीक्षण (Early human trial) | एक Phase I अध्ययन सुरक्षा और उपयुक्त खुराक की जांच करता है। | यह अभी तक ग्रीवा-घाव की प्रभावकारिता (cervical-lesion efficacy) साबित नहीं करता है। |
| प्रौद्योगिकी लाइसेंस (Technology licence) | एक कंपनी आगे के विकास, निर्माण और व्यावसायीकरण (commercialisation) के काम को जारी रख सकती है। | लाइसेंस कोई मार्केटिंग प्राधिकरण (marketing authorisation) नहीं है। |
वर्तमान परीक्षण की स्थिति क्या है?
एक चल रहा संयुक्त राज्य अमेरिका का Phase I अध्ययन उन्नत या आवर्तक ठोस ट्यूमर (advanced or recurrent solid tumours) में SHetA2 की जांच करता है।
Phase I परीक्षण मुख्य रूप से सुरक्षा, सहनशीलता, औषध विज्ञान (pharmacology) और एक उपयुक्त खुराक सीमा की जांच करते हैं।
यह परीक्षण सर्वाइकल कैंसर-पूर्व (cervical precancer) के लिए एक पूर्ण प्रभावकारिता अध्ययन नहीं है।
परिषद के प्रौद्योगिकी संक्षिप्त विवरण ने मई 2026 के दौरान SHetA2 को Technology Readiness Level 5 पर रखा।
चिकित्सा और रोकथाम अलग-अलग हैं
- HPV टीकाकरण हानिकारक सेलुलर परिवर्तन शुरू होने से पहले ही कई उच्च जोखिम वाले संक्रमणों को रोकता है।
- नियमित सर्वाइकल जांच से स्पष्ट प्रारंभिक लक्षणों के बिना लोगों में असामान्य कोशिकाओं का पता चलता है।
- स्थापित उच्च-श्रेणी के घावों के लिए सावधानीपूर्वक एब्लेशन (ablation) या उपयुक्त शल्य चिकित्सा (surgical removal) द्वारा हटाने की आवश्यकता हो सकती है।
- लगातार संक्रमण के कारण सेलुलर परिवर्तन होने के बाद SHetA2 एक भविष्य के चिकित्सीय विकल्प की तलाश करता है।
प्रौद्योगिकी हस्तांतरण (technology transfer) क्यों मायने रखता है?
सार्वजनिक प्रयोगशालाएं अक्सर उम्मीदवारों की खोज करती हैं लेकिन उनमें बड़े नैदानिक और विनिर्माण कार्यक्रमों के लिए क्षमता का अभाव होता है।
लाइसेंसिंग एक औद्योगिक भागीदार को बाद के विकास चरणों के लिए परिभाषित अधिकार और जिम्मेदारियां देती है।
नियामकों (Regulators) को अभी भी नैदानिक साक्ष्य, विनिर्माण गुणवत्ता और अंतिम उत्पाद अनुप्रयोग की समीक्षा करनी चाहिए।
प्रारंभिक परीक्षा तथ्य
- HPV एक विविध DNA वायरस समूह है, कोई एकल जीवाणु नहीं है।
- CIN पहले से ही पुष्टि किए गए आक्रामक कैंसर के बजाय कैंसर-पूर्व ग्रीवा परिवर्तनों का वर्णन करता है।
- Phase I नैदानिक परीक्षण मुख्य रूप से प्रारंभिक सुरक्षा और उपयुक्त खुराक का अध्ययन करते हैं।
- प्रौद्योगिकी लाइसेंसिंग और नियामक उत्पाद अनुमोदन (regulatory product approval) दो अलग-अलग विकास चरण बने हुए हैं।
- टीकाकरण बीमारी को रोकता है, जबकि चिकित्सीय दवा पहले से मौजूद स्थिति का इलाज करती है।
निष्कर्ष
SHetA2 एक आशाजनक अनुवाद संबंधी (translational) परियोजना है, लेकिन सावधानीपूर्वक परीक्षणों से इसके नैदानिक मूल्य को स्थापित किया जाना चाहिए।