कला और संस्कृति

त्रिपुरा सारिंदा: GI-पंजीकृत बोड स्ट्रिंग लोक संगीत वाद्ययंत्र

त्रिपुरा सारिंदा: GI-पंजीकृत बोड स्ट्रिंग लोक संगीत वाद्ययंत्र
Study next

Convert reading into recall

Read once, then use one quick app action while the topic is fresh. Links open in a new tab.

1 Start True/False practice 2-min recall check Open
Read for
Exam hook Prelims fact Mains angle
Other useful actions
N Save key points Build a revision note S Watch related Shorts Quick visual recap App Open News in Web App Browse related current affairs

समाचार में क्यों?

त्रिपुरा के कारीगर Debabrata Das ने Indie Haat 2026 में Sarinda का प्रदर्शन किया। यह राष्ट्रीय हस्तशिल्प प्रदर्शनी 10 से 19 July तक नई दिल्ली में चली। उनके प्रदर्शन में त्रिपुरा के पारंपरिक बांस के वाद्ययंत्र शामिल थे। नव पंजीकृत Geographical Indication ने विशेष ध्यान आकर्षित किया।

पृष्ठभूमि

Tripura Sarinda नामक पारंपरिक बोड स्ट्रिंग वाद्ययंत्र को स्थानीय रूप से Sarinda Uakhrap के नाम से भी जाना जाता है।

पीढ़ियों से, समुदायों ने लोकगीतों, नृत्यों और सभाओं के दौरान इसके तारों, रेज़ोनेटर (resonator) और बो (bow) का उपयोग किया है।

वाद्ययंत्र ध्वनि कैसे उत्पन्न करता है?

  1. वादक वाद्ययंत्र को शरीर से सटाकर सीधा पकड़ता है।
  2. एक बो (bow) तारों के पार चलती है, जिससे वे कंपन करते हैं और ध्वनि उत्पन्न करते हैं।
  3. खोखला कक्ष (hollow chamber) कंपन को मजबूत करता है, जबकि उंगलियों की गति स्ट्रिंग (तार) की लंबाई और पिच को बदल देती है।

यह विधि अन्य बोड वाद्ययंत्रों (bowed instruments) के समान है, लेकिन क्षेत्रीय आकार, सामग्री और बजाने की परंपराएं इसकी पहचान बनाती हैं।

पारंपरिक निर्माण

भाग भूमिका और सामग्री
बॉडी (Body) कारीगर बांस या लकड़ी को मुख्य वाद्ययंत्र बॉडी के रूप में आकार देते हैं।
रेज़ोनेटर (Resonator) एक खोखला निचला कक्ष स्ट्रिंग के कंपन को मजबूत करता है।
झिल्ली (Membrane) अनुनाद कक्ष (resonating chamber) में एक पतला आवरण फैला हो सकता है।
तार (Strings) उदाहरणों में धातु, मुगा (muga) धागा या पारंपरिक रूप से जानवरों की आंत (animal gut) का उपयोग किया जाता है।
ट्यूनिंग पेग्स (Tuning pegs) पेग्स तारों को कसते या ढीला करते हैं और उनकी पिच को बदलते हैं।
बो (Bow) घोड़े के बालों वाला बो तारों को रगड़कर ध्वनि उत्पन्न करता है।

पारंपरिक विवरण में तीन तारों और पेग्स का उल्लेख है, हालांकि हस्तनिर्मित (handmade) उपकरण कारीगरों के बीच भिन्न हो सकते हैं।

रिपोर्ट किए गए उदाहरण आमतौर पर लगभग 65 से 70 centimetres लंबे होते हैं।

सामग्री स्पष्टीकरण: विवरण में बांस और आकार की लकड़ी दोनों का उल्लेख है। हस्तनिर्मित उदाहरणों में सामग्रियों को जोड़ा जा सकता है या विभिन्न स्थानीय प्रथाओं का पालन किया जा सकता है।

Geographical Indication क्या है?

एक Geographical Indication (GI) उन वस्तुओं की पहचान करता है जिनकी गुणवत्ता, प्रतिष्ठा या विशेषता किसी विशेष स्थान से जुड़ी होती है।

भारत इन नामों को 1999 के एक कानून के माध्यम से बचाता है, जिसे 2003 के दौरान चेन्नई में एक रजिस्ट्री के माध्यम से लागू किया गया था।

GI पंजीकरण कोई पेटेंट नहीं है

सुरक्षा यह किसकी रक्षा करता है
Geographical Indication एक उत्पाद का नाम और उसके क्षेत्र से जुड़े गुण
पेटेंट (Patent) कानूनी पेटेंट शर्तों को पूरा करने वाला एक नया आविष्कार
ट्रेडमार्क (Trademark) एक वाणिज्यिक स्रोत को दूसरे से अलग करने वाला संकेत
कॉपीराइट (Copyright) मूल साहित्यिक, कलात्मक और संबंधित रचनात्मक अभिव्यक्ति

एक GI सामूहिक रूप से पात्र क्षेत्रीय उत्पादकों का होता है, बिना एक व्यक्ति को हर समान उपकरण का स्वामित्व दिए।

आधिकारिक पंजीकरण समयरेखा

तिथि विकास
18 March 2024 Nabadiganta Welfare Society ने आवेदन संख्या 1198 दायर किया।
26 November 2025 आवेदन GI Journal संख्या 210 में छपा।
27 March 2026 रजिस्ट्री ने पंजीकरण प्रमाण पत्र जारी किया।
June 2026 त्रिपुरा ने सार्वजनिक रूप से पूर्ण GI मान्यता का जश्न मनाया।
July 2026 उपकरण राष्ट्रीय Indie Haat प्रदर्शनी में दिखाई दिया।

यह Class 15 पंजीकरण दस वर्षों के लिए वैध रहता है और इसे आगे दस साल की अवधि के लिए नवीनीकृत किया जा सकता है।

GI मान्यता कैसे मदद कर सकती है?

  • यह भ्रामक व्यावसायिक उपयोग के खिलाफ पंजीकृत क्षेत्रीय नाम की रक्षा करता है।
  • यह वास्तविक स्थानीय निर्माताओं के लिए मान्यता में सुधार कर सकता है।
  • यह पारंपरिक उत्पादन ज्ञान को रिकॉर्ड करता है और युवा कारीगरों और संगीतकारों के प्रशिक्षण का समर्थन कर सकता है।
  • यह बेहतर प्रदर्शनी और बाजार के अवसर पैदा कर सकता है।

पंजीकरण उत्पादक संगठन, गुणवत्ता नियंत्रण और बाजार तक पहुंच के बिना आय या निरंतर अभ्यास की गारंटी नहीं दे सकता है।

त्रिपुरा के मान्यता प्राप्त GI उत्पाद

राज्य की रिपोर्टें Sarinda को त्रिपुरा के चौथे GI-मान्यता प्राप्त उत्पाद के रूप में वर्णित करती हैं।

  • Tripura Queen Pineapple राज्य की बागवानी विरासत का प्रतिनिधित्व करता है।
  • Tripura Pachra-Rignai Textile एक स्वदेशी कपड़ा परंपरा की रक्षा करता है।
  • Matabari Peda त्रिपुर सुंदरी मंदिर (Tripura Sundari Temple) से जुड़ी एक मिठाई की रक्षा करता है।
  • Tripura Sarinda क्षेत्रीय वाद्ययंत्र के नाम की रक्षा करता है।
प्रारंभिक परीक्षा पर ध्यान: Tripura Sarinda एक बोड स्ट्रिंग (bowed string) वाद्ययंत्र है। इसका GI आवेदन संख्या 1198 है, जो Class 15 के तहत है।

निष्कर्ष

GI टैग Sarinda की पहचान की रक्षा कर सकता है, जबकि इसके संगीत को बनाए रखने के लिए जीवंत अभ्यास (living practice) आवश्यक है।

स्रोत

Finished reading?

Do one recall action now

Practice first while the topic is fresh. Save the key points or use Shorts when you want a quick recap.

1 Start True/False practice 2-min recall check N Save key points Build a revision note S Watch related Shorts Quick visual recap App Open News in Web App Browse related current affairs
Home Current Affairs 📰 Daily News 🎬 Watch Shorts 📊 Economic Survey 2025-26 Subjects 📚 All Subjects ⚖️ Indian Polity 💹 Economy 🌍 Geography 🌿 Environment 📜 History Exam Info 📋 Syllabus 2026 📝 Prelims Syllabus ✍️ Mains Syllabus ✅ Eligibility Resources 📖 Booklist 📊 Exam Pattern 📄 Previous Year Papers ▶️ YouTube Channel
Sign In / Open Web App