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WHO Haemophilia Resolution: रक्तस्राव विकार, उपचार अंतर और स्वास्थ्य

WHO Haemophilia Resolution: रक्तस्राव विकार, उपचार अंतर और स्वास्थ्य

चर्चा में क्यों?

विश्व स्वास्थ्य संगठन (World Health Organization) के कार्यकारी बोर्ड ने एक प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है जिसमें सदस्य देशों से हीमोफीलिया और अन्य वंशानुगत रक्तस्राव विकारों (inherited bleeding disorders) के निदान और उपचार में सुधार करने का आग्रह किया गया है। इस कदम का उद्देश्य देखभाल तक पहुँच में स्पष्ट असमानताओं को दूर करना है।

पृष्ठभूमि

हीमोफीलिया एक अनुवांशिक विकार (genetic disorder) है जिसमें रक्त में पर्याप्त थक्के (clotting) के कारक का अभाव होता है, जिससे लंबे समय तक रक्तस्राव होता है। यह मुख्य रूप से पुरुषों को प्रभावित करता है, जबकि महिलाएं वाहक (carriers) होती हैं जो लक्षणों का अनुभव भी कर सकती हैं। अनुपचारित रोगियों को जोड़ों में क्षति, आंतरिक रक्तस्राव और प्रारंभिक मृत्यु का सामना करना पड़ता है। अनुमानों के अनुसार, दुनिया भर में हीमोफीलिया से पीड़ित लोगों में से केवल एक-तिहाई लोगों का औपचारिक रूप से निदान किया जाता है, और 70 प्रतिशत से अधिक लोगों को अपर्याप्त चिकित्सा प्राप्त होती है या कोई चिकित्सा प्राप्त नहीं होती है।

प्रस्ताव के प्रमुख प्रावधान

  • जागरूकता बढ़ाना: सरकारों से कलंक को कम करने और शुरुआती परीक्षण (early testing) को प्रोत्साहित करने के लिए स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं और जनता को रक्तस्राव विकारों के बारे में शिक्षित करने का आह्वान किया गया है।
  • निदान का विस्तार (Expanding diagnostics): सदस्य राज्यों को विशेष रूप से कम आय वाले देशों में थक्के कारक जांच (clotting factor assays) और आनुवंशिक जांच की पेशकश करने के लिए प्रयोगशाला नेटवर्क को मजबूत करना चाहिए।
  • उपचार सुनिश्चित करना: यह प्रस्ताव थक्के कारक सांद्रण (clotting factor concentrates), जीन उपचारों (gene therapies) और व्यापक देखभाल को सुलभ और सस्ती बनाने पर जोर देता है। आपूर्ति शृंखलाएँ सुरक्षित होनी चाहिए ताकि रोगियों को निर्बाध उपचार प्राप्त हो सके।
  • महिलाओं और लड़कियों के लिए समानता: दस्तावेज़ में कहा गया है कि महिलाओं और लड़कियों को अक्सर निदान और उपचार में देरी का सामना करना पड़ता है। कार्यक्रमों में लिंग पूर्वाग्रहों को दूर किया जाना चाहिए और महिला रोगियों को सहायता प्रदान करनी चाहिए।
  • समयरेखा और निगरानी: WHO 2028 तक एक कार्यान्वयन योजना तैयार करेगा और वैश्विक ध्यान बनाए रखने के लिए आधिकारिक विश्व हीमोफीलिया दिवस (World Haemophilia Day) को मान्यता दे सकता है।

महत्व

  • स्वास्थ्य समानता: चिकित्सा तक पहुंच हीमोफीलिया को एक दुर्बल करने वाली स्थिति से प्रबंधनीय स्थिति (manageable one) में बदल देती है। प्रस्ताव का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि भूगोल या आय के कारण कोई भी मरीज अनुपचारित न रहे।
  • डेटा संग्रह: बेहतर निगरानी से रक्तस्राव विकारों के वास्तविक बोझ का पता चलेगा और संसाधन आवंटन का मार्गदर्शन होगा।
  • वैश्विक एकजुटता: अंतर्राष्ट्रीय सहयोग दवाओं की सामूहिक खरीद, विशेषज्ञों के प्रशिक्षण और सस्ती उपचारों पर शोध को सक्षम कर सकता है।

स्रोत: The Hindu

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