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डेमोक्रेट्स ने अमेरिकी कांग्रेस पर नियंत्रण जीता, ट्रंप पर नए अंकुश लगे

First brief 4 Nov, 1:31 pm IST Updated 4 Nov, 1:31 pm IST 0 developments 1 min read
File: United States Capitol
Architect of the Capitol · Public domain

Where it stands

3 नवंबर 2026 के मध्यावधि चुनावों में डेमोक्रेट्स ने संयुक्त राज्य अमेरिका की कांग्रेस के दोनों सदनों में जीत हासिल कर ली है। समाचार एजेंसी एसोसिएटेड प्रेस ने दोनों सदनों पर इस पार्टी को नियंत्रण मिलने की घोषणा की है। अमेरिकी कांग्रेस में प्रतिनिधि सभा (House of Representatives) और सीनेट (Senate) शामिल हैं। आगामी कार्यकाल में मिलने वाले इस बहुमत से राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के राजनीतिक विरोधियों को कानून बनाने, सरकारी खर्च तय करने और उनके प्रशासन के कामकाज की जांच-पड़ताल करने पर अधिक प्रभाव मिलेगा। यह बदलाव इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि ट्रंप के मौजूदा कार्यकाल के दौरान अब तक दोनों सदनों पर रिपब्लिकन पार्टी का नियंत्रण रहा है। किसी भी राष्ट्रपति को नया कानून बनाने के लिए कांग्रेस से उसे पारित कराना पड़ता है। अगली कांग्रेस पर डेमोक्रेट्स का नियंत्रण होने से ट्रंप को ऐसे विधेयकों के लिए अपने राजनीतिक विरोधियों के समर्थन की ज़रूरत होगी जिन्हें वे रोक सकते हैं। सीनेट यह भी तय करती है कि संघीय न्यायाधीशों सहित राष्ट्रपति द्वारा नामित कई प्रमुख पदों के उम्मीदवारों को मंज़ूरी दी जाए या नहीं। प्रतिनिधि सभा और सीनेट की समितियां सरकारी फैसलों की जांच कर सकती हैं और अधिकारियों से सवाल-जवाब कर सकती हैं। इसलिए इन संस्थाओं पर नियंत्रण से यह दोनों बातें प्रभावित होती हैं कि प्रशासन क्या हासिल कर सकता है और उसके कदमों की कितनी बारीकी से जांच होती है। ट्रंप राष्ट्रपति बने रहेंगे। नई कांग्रेस का कार्यकाल 3 जनवरी 2027 से शुरू होगा। इस चुनाव परिणाम से विधायिका में बदलाव होता है, जबकि राष्ट्रपति अपना अलग निर्धारित कार्यकाल पूरा करते हैं। भारत के लिए व्यापार, आव्रजन और सुरक्षा से जुड़े भविष्य के अमेरिकी फैसले आंशिक रूप से सत्ता के इसी विभाजन पर निर्भर करेंगे।

Background

अमेरिका में कानून बनाने की शक्ति को कार्यपालिका की शक्ति से अलग रखा गया है। मतदाता एक निश्चित कार्यकाल के लिए राष्ट्रपति चुनते हैं और कांग्रेस के सदस्यों का चुनाव अलग से करते हैं। राष्ट्रपति के चार साल के कार्यकाल के बीच में होने वाले कांग्रेस चुनावों को मध्यावधि चुनाव (Midterms) कहा जाता है। प्रतिनिधि सभा की सभी 435 सीटों के लिए हर दो साल में चुनाव होते हैं। सीनेटरों का कार्यकाल छह साल का होता है और प्रत्येक नियमित चुनाव में सीनेट की लगभग एक-तिहाई सीटों पर चुनाव होता है। इस चरणबद्ध चुनाव व्यवस्था के कारण मतदाता राष्ट्रपति के पद पर बने रहते हुए भी कांग्रेस का समीकरण बदल सकते हैं। कोई भी संघीय कानून बनाने के लिए सामान्यतः प्रतिनिधि सभा और सीनेट दोनों को एक ही विधेयक को मंज़ूरी देनी होती है। राष्ट्रपति उस पर हस्ताक्षर कर सकते हैं या वीटो (Veto) के ज़रिए उसे अस्वीकार कर सकते हैं। कांग्रेस केवल आवश्यक बड़े बहुमत से ही राष्ट्रपति के वीटो को पलट सकती है। इसलिए कांग्रेस पर नियंत्रण रखने वाला दल अपना राष्ट्रपति न होने पर भी कानून निर्माण को प्रभावित कर सकता है। जब राष्ट्रपति पद एक दल के पास हो और कांग्रेस के किसी भी सदन पर दूसरे दल का नियंत्रण हो, तो सत्ता राजनीतिक विरोधियों के बीच बंट जाती है। वे आपसी बातचीत से समझौते कर सकते हैं, जबकि असहमति होने पर कानूनों या सरकारी खर्च से जुड़े फैसलों में देरी हो सकती है। चुनाव से यह बदलता है कि मोलभाव की ताकत किसके पास है, लेकिन हर नीति को संबंधित कानूनी प्रक्रिया से ही गुज़रना पड़ता है।

How it developed

  1. 3–4 November 2026
    How it started

    चुनाव परिणामों से अमेरिकी कांग्रेस के दोनों सदनों का नियंत्रण डेमोक्रेट्स के पास गया

    3 नवंबर के मतदान के बाद समाचार एजेंसी एसोसिएटेड प्रेस ने प्रतिनिधि सभा और सीनेट दोनों में डेमोक्रेट्स को बहुमत मिलने की घोषणा की। बिज़नेस स्टैंडर्ड ने भी ऐसे अनुमानों की खबर दी जिनमें दोनों सदनों पर डेमोक्रेटिक पार्टी का नियंत्रण दिखाया गया है। इस परिणाम से आगामी कार्यकाल के लिए अमेरिकी विधायिका पर रिपब्लिकन पार्टी का नियंत्रण समाप्त हो रहा है। ट्रंप ने अब तक अपनी ही पार्टी के नियंत्रण वाली कांग्रेस के साथ काम किया है। अब उन्हें विपक्ष के नियंत्रण वाली विधायिका का सामना करना होगा। विधेयकों और सरकारी खर्च से जुड़े विवादों को सुलझाने के लिए अब इस राजनीतिक विभाजन के पार बातचीत करनी होगी। अलग-अलग सीटों की मतगणना और परिणामों के आधिकारिक प्रमाणीकरण की प्रक्रिया अलग से जारी है।

Why it matters for UPSC

GS2 · Comparative constitutionsGS2 · India–US relations

सामान्य अध्ययन पेपर 2 के लिए अमेरिका के शक्तियों के पृथक्करण की तुलना भारत की संसदीय प्रणाली से करें। स्पष्ट करें कि जब राष्ट्रपति अपना अलग कार्यकाल पूरा कर रहे हों, तब कांग्रेस पर नियंत्रण बदलने से कानून निर्माण, वित्तीय निर्णयों और कार्यपालिका की निगरानी में क्या बदलाव आता है।

Key terms

कांग्रेस (Congress)अमेरिका की संघीय विधायिका, जिसमें प्रतिनिधि सभा और सीनेट दोनों शामिल हैं। ये दोनों सदन कानून बनाने की प्रक्रिया में भाग लेते हैं। इन पर किस दल का नियंत्रण है, यह इसलिए मायने रखता है क्योंकि किसी भी राष्ट्रपति को सामान्यतः कानून बनाने और सार्वजनिक खर्च के लिए कांग्रेस की मंज़ूरी की आवश्यकता होती है।
मध्यावधि चुनाव (Midterm elections)राष्ट्रपति के चार साल के कार्यकाल के ठीक बीच में होने वाले अमेरिकी कांग्रेस के चुनाव। इनमें मतदाता पूरी प्रतिनिधि सभा और सीनेट के लगभग एक-तिहाई सदस्यों को चुनते हैं। इन चुनावों के माध्यम से नया राष्ट्रपति चुने बिना ही कांग्रेस का राजनीतिक संतुलन बदला जा सकता है।
शक्तियों का पृथक्करण (Separation of powers)विधायिका, कार्यपालिका और न्यायपालिका के बीच सरकारी अधिकारों का बंटवारा। अमेरिका में कांग्रेस कानून बनाती है, राष्ट्रपति कार्यपालिका का नेतृत्व करते हैं और अदालतें कानूनों की व्याख्या करती हैं। प्रत्येक संस्था के पास ऐसी शक्तियां भी होती हैं जो अन्य संस्थाओं पर नियंत्रण और संतुलन रख सकती हैं।
विभाजित सरकार (Divided government)ऐसी स्थिति जिसमें राष्ट्रपति पद और कांग्रेस के कम से कम एक सदन पर अलग-अलग राजनीतिक दलों का नियंत्रण होता है। ऐसी स्थिति में कानून पारित करने के लिए राजनीतिक विरोधियों के बीच सहमति की आवश्यकता पड़ सकती है। आगामी डेमोक्रेटिक कांग्रेस और रिपब्लिकन राष्ट्रपति से यही स्थिति बन रही है।
राष्ट्रपति का वीटो (Presidential veto)कांग्रेस द्वारा पारित किसी विधेयक को राष्ट्रपति द्वारा अस्वीकार किया जाना। कांग्रेस दोनों सदनों में दो-तिहाई बहुमत से मतदान करके ही इस अस्वीकृति को पलट सकती है। इसलिए कांग्रेस में केवल सामान्य बहुमत जीतने से किसी दल को अपना कार्यक्रम लागू करने की असीमित शक्ति नहीं मिल जाती।
कांग्रेस की निगरानी (Congressional oversight)समितियों की जांच और अधिकारियों से पूछताछ सहित कांग्रेस द्वारा कार्यपालिका के कामकाज की जांच-पड़ताल। इससे सांसदों को यह परखने में मदद मिलती है कि कानूनों को कैसे लागू किया जा रहा है और सार्वजनिक धन का उपयोग कैसे हो रहा है। समितियों का नेतृत्व यह प्रभावित करता है कि किन मुद्दों की निरंतर जांच की जाएगी।
Sources (3)
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