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भारत और यूरोपीय संघ ने साझा अनुसंधान वित्तपोषण तक पहुँच पर बातचीत पूरी की

First brief 7 Nov, 3:17 pm IST Updated 7 Nov, 3:17 pm IST 0 developments 1 min read
European Union flags; file photo
Thijs ter Haar · CC BY 2.0

Where it stands

भारत और यूरोपीय संघ (EU) ने यूरोपीय अनुसंधान परियोजनाओं से जुड़ने वाले भारतीय शोधकर्ताओं के लिए वित्तपोषण के एक सरल रास्ते पर बातचीत पूरी कर ली है। यह समझौता होराइजन यूरोप (Horizon Europe) से जुड़ा है, जो यूरोपीय संघ का अनुसंधान और नवाचार कार्यक्रम है। यूरोपीय आयोग ने 6 नवंबर 2026 को वार्ता पूरी होने की घोषणा की। अब दोनों पक्षों की ओर से हस्ताक्षर और आवश्यक प्रक्रियाएँ होनी हैं। इन कदमों के बाद भारतीय संगठन सीधे वित्तपोषण पा सकेंगे और सहयोगी परियोजनाओं का नेतृत्व कर सकेंगे। यह पहुँच स्तंभ II (Pillar II) पर लागू होती है, जो साझा सामाजिक और तकनीकी चुनौतियों पर बहुराष्ट्रीय काम का समर्थन करने वाला हिस्सा है। इसके क्षेत्रों में स्वास्थ्य, डिजिटल तकनीक, उद्योग, अंतरिक्ष, जलवायु, ऊर्जा और जैव-अर्थव्यवस्था शामिल हैं। इसलिए कोई भारतीय शोध दल इस व्यवस्था में शामिल वित्तपोषण आह्वानों के जरिए यूरोपीय साझेदारों के साथ अनुदान के लिए आवेदन कर सकेगा। आज भारतीय भागीदारी के लिए अक्सर अलग से वित्तपोषण की व्यवस्था करनी पड़ती है। जनवरी 2027 में संबद्धता की परिकल्पना की गई है। परियोजनाओं को तब भी कार्यक्रम की शर्तों के तहत अनुदान के लिए प्रतिस्पर्धा करनी होगी।

Background

शोध दलों को अक्सर ऐसी विशेषज्ञता, उपकरण और डेटा की जरूरत होती है जो अलग-अलग देशों के साझेदारों के पास होते हैं। एक संयुक्त परियोजना इन संसाधनों को साथ ला सकती है, लेकिन साझेदारों को वित्तपोषण की व्यवस्था भी करनी होती है। अलग-अलग राष्ट्रीय वित्तपोषण प्रक्रियाएँ उसी परियोजना को व्यवस्थित करना कठिन बना सकती हैं। होराइजन यूरोप ऐसे आह्वानों के जरिए अनुसंधान और नवाचार का वित्तपोषण करता है, जिनमें दलों को प्रस्ताव जमा करने के लिए आमंत्रित किया जाता है। कंसोर्टियम (consortium) संगठनों का एक समूह होता है जो एक परियोजना पर काम करता है। स्तंभ II प्रमुख सार्वजनिक और औद्योगिक चुनौतियों पर ऐसे सहयोगी काम का समर्थन करता है। यह व्यापक कार्यक्रम का एक हिस्सा है। संबद्धता (association) होराइजन यूरोप के तहत किसी गैर-सदस्य देश के साथ यूरोपीय संघ के सहयोग का सबसे करीबी रूप है। समझौते में शामिल हिस्सों में भाग लेने वाले संगठन यूरोपीय संघ के संगठनों के साथ बराबरी की शर्तों पर प्रतिस्पर्धा कर सकते हैं। संबद्ध देश कार्यक्रम में वित्तीय योगदान देते हैं। यह व्यवस्था वित्तपोषण तक पहुँच को एक साझा संस्थागत ढाँचे से जोड़ती है। भारत पहले से ही विज्ञान और प्रौद्योगिकी में यूरोपीय संघ के साथ सहयोग करता है। नया कदम शामिल स्तंभ के तहत सीधे कार्यक्रम वित्तपोषण और परियोजना नेतृत्व की अनुमति देकर इस सहयोग को और गहरा करेगा। वार्ता पूरी होने से अगले औपचारिक कदमों की शर्तें तय हो जाती हैं। संबद्धता लागू होने से पहले हस्ताक्षर और आवश्यक प्रक्रियाएँ अब भी बाकी हैं।

How it developed

  1. 6 November 2026
    How it started

    तय हुई व्यवस्था में स्तंभ II के तहत सहयोगी अनुसंधान शामिल

    यूरोपीय आयोग के अनुसार भारतीय शोधकर्ता और संगठन होराइजन यूरोप से सीधे वित्तपोषण पा सकेंगे। वे पात्र सहयोगी परियोजनाओं का नेतृत्व भी कर सकेंगे। प्रस्तावित पहुँच स्तंभ II से जुड़ी है, जो साझा चुनौतियों पर बहुराष्ट्रीय अनुसंधान और नवाचार का वित्तपोषण करता है। यह कार्यक्रम 2021 से 2027 तक चलता है और इसका बजट €93.5 अरब है। यह कार्यक्रम का कुल बजट है, भारत को आवंटित राशि नहीं। अगला कदम दोनों पक्षों की आवश्यक प्रक्रियाओं के बाद संबद्धता समझौते पर हस्ताक्षर है।

Why it matters for UPSC

GS3 · Science and technologyGS2 · International relations

GS2 के लिए भारत–यूरोपीय संघ संबंधों में विज्ञान कूटनीति की पड़ताल कीजिए। GS3 के लिए समझाइए कि साझा वित्तपोषण, बहुराष्ट्रीय शोध दल और बुनियादी ढाँचे तक पहुँच नवाचार में कैसे मदद कर सकते हैं।

Key terms

होराइजन यूरोप (Horizon Europe)2021–2027 के लिए यूरोपीय संघ का अनुसंधान और नवाचार वित्तपोषण कार्यक्रम। यह प्रतिस्पर्धी वित्तपोषण आह्वानों के जरिए काम का समर्थन करता है। भारत की तय हुई संबद्धता कार्यक्रम के एक निर्धारित हिस्से से जुड़ी है; इसका मतलब पूरे बजट का भारत को आवंटन नहीं है।
संबद्धता (Association)एक व्यवस्था, जो यूरोपीय संघ से बाहर के किसी देश को उसके समझौते में शामिल कार्यक्रम क्षेत्रों में बराबरी की शर्तों पर भाग लेने देती है। संबद्ध देश वित्तीय योगदान देते हैं। भारत की वार्ता पूरी हो चुकी है, जबकि हस्ताक्षर और आवश्यक औपचारिक प्रक्रियाएँ बाकी हैं।
दूसरा स्तंभ (Pillar II)होराइजन यूरोप का वह हिस्सा, जो साझा सामाजिक और तकनीकी चुनौतियों पर बहुराष्ट्रीय अनुसंधान और नवाचार का समर्थन करता है। इसके क्षेत्रों में स्वास्थ्य, उद्योग, अंतरिक्ष, जलवायु और ऊर्जा शामिल हैं। भारत की तय हुई व्यवस्था में यही स्तंभ शामिल है।
अनुसंधान कंसोर्टियम (Research consortium)संस्थानों, कंपनियों या अन्य संगठनों का समूह, जो किसी शोध परियोजना पर मिलकर काम करता है। साझेदार अलग-अलग विशेषज्ञता और संसाधन लाते हैं। कार्यक्रम से वित्तपोषण चाहने वाला कंसोर्टियम किसी पात्र आह्वान के तहत प्रस्ताव जमा करता है।
वित्तपोषण आह्वान (Funding call)निर्धारित अनुसंधान या नवाचार कार्य के लिए प्रस्ताव जमा करने का आमंत्रण। इसमें विषय और आवेदन की शर्तें तय होती हैं। किसी आह्वान तक पहुँच से दल को अनुदान के लिए प्रतिस्पर्धा करने का रास्ता मिलता है। चयन कार्यक्रम के आकलन पर निर्भर करता है।
Sources (3)
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