रक्षा (Defence)

ASRAAM Missile: भारतीय वायु सेना, मिग-29 अपग्रेड और MBDA कंसोर्टियम

ASRAAM Missile: भारतीय वायु सेना, मिग-29 अपग्रेड और MBDA कंसोर्टियम

चर्चा में क्यों?

मार्च 2026 के अंत में भारतीय वायु सेना (Indian Air Force) ने अपने MiG‑29 UPG फाइटर्स को यूरोपीय-डिज़ाइन वाली Advanced Short Range Air‑to‑Air Missile (ASRAAM) से लैस करने के लिए प्रस्तावों का अनुरोध (request for proposals) जारी किया। इस योजना के तहत पुरानी R‑73 मिसाइलों को इस आधुनिक हीट-सीकिंग हथियार (heat-seeking weapon) से बदल दिया जाएगा। पहले के अनुबंधों में जगुआर (Jaguar) स्ट्राइक एयरक्राफ्ट और तेजस (Tejas) लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट पर ASRAAM को पहले ही इंटिग्रेट किया जा चुका है, और नवीनतम निर्णय से इन सुधारों को फ्रंटलाइन MiG‑29 इंटरसेप्टर्स तक बढ़ाया जाएगा।

पृष्ठभूमि (Background)

ASRAAM एक चौथी पीढ़ी की, इन्फ्रारेड-गाइडेड मिसाइल है जिसे यूरोपीय कंसोर्टियम MBDA द्वारा विकसित किया गया है। डॉगफाइट हथियार के रूप में डिज़ाइन की गई, यह एक उन्नत इमेजिंग इन्फ्रारेड सीकर (imaging infrared seeker) का उपयोग करती है जो दुश्मन के विमान की गर्मी पर निशाना साधती है। भारत ने अपने पुराने सोवियत युग के एयर-टू-एयर शस्त्रागार (air-to-air arsenal) को अपग्रेड करने के लिए मिसाइल का मूल्यांकन शुरू किया। चीन और पाकिस्तान द्वारा PL‑10 जैसी फुर्तीली मिसाइलों को मैदान में उतारने के साथ, भारतीय वायु सेना को एक तुलनीय प्रणाली की आवश्यकता थी। फरवरी 2017 में MBDA और भारत डायनेमिक्स लिमिटेड (Bharat Dynamics Limited) ने भारत में ASRAAM को असेंबल और टेस्ट करने के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर किए, जिससे स्थानीय उत्पादन और समर्थन की अनुमति मिली।

ASRAAM की प्रमुख विशेषताएं

  • रेंज और गति (Range and speed): यह मिसाइल लगभग 25-30 किमी की दूरी पर लक्ष्य को भेद सकती है और ध्वनि की गति से तीन गुना से अधिक गति से उड़ती है। फुर्तीले विमानों को इंटरसेप्ट करने के लिए यह चरम मैन्यूवर (50 G तक) कर सकती है।
  • सीक एंड डिस्ट्रॉय (Seek and destroy): इसका इमेजिंग इन्फ्रारेड सीकर 90° ऑफ-बोरसाइट (off-boresight) क्षमता प्रदान करता है, जिसका अर्थ है कि पायलट हेलमेट-माउंटेड साइट्स का उपयोग करके विमान की नोज़ (nose) से काफी दूर के लक्ष्यों को लॉक कर सकते हैं।
  • वॉरहेड और आकार (Warhead and size): ASRAAM में 10 किलो का ब्लास्ट-फ्रैग्मेंटेशन वॉरहेड होता है। मिसाइल लगभग 2.9 मीटर लंबी है और इसका वजन लगभग 88 किलोग्राम है।
  • पूर्णतया फायर-एंड-फॉरगेट (Fully fire-and-forget): लॉन्च के बाद, मिसाइल अतिरिक्त कमांड के बिना खुद को निर्देशित करती है, जिससे पायलटों को अलग होने और मैन्यूवर करने की अनुमति मिलती है।
  • भारतीय इंटिग्रेशन (Indian integration): ASRAAM को पहले ही भारतीय जगुआर और तेजस विमानों पर इंटिग्रेट किया जा चुका है। इसे MiG‑29 पर फिट करने की योजना कई प्लेटफॉर्म्स पर शॉर्ट-रेंज आयुध को मानकीकृत (standardise) करेगी और पुरानी रूसी R‑73 मिसाइल की जगह लेगी।

महत्व (Significance)

ASRAAM में अपग्रेड करने से MiG‑29 की डॉगफाइटिंग क्षमता में नाटकीय रूप से सुधार होगा। मिसाइल की विस्तारित रेंज, उच्च चपलता और परिष्कृत सीकर पायलटों को शॉर्ट-रेंज एयर कॉम्बैट में बढ़त देते हैं। भारत डायनेमिक्स लिमिटेड के माध्यम से स्थानीय असेंबली भी रक्षा निर्माण में आत्मनिर्भरता (self-reliance) में योगदान देती है। अपने फाइटर फ्लीट का आधुनिकीकरण करके, वायु सेना उभरते क्षेत्रीय खतरों का जवाब दे रही है और विमान प्रकारों के बीच इंटरऑपरेबिलिटी (interoperability) बढ़ा रही है।

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