International Relations (अंतरराष्ट्रीय संबंध)

Bab el-Mandeb Strait: लाल सागर, अदन की खाड़ी और वैश्विक समुद्री व्यापार

Bab el-Mandeb Strait: लाल सागर, अदन की खाड़ी और वैश्विक समुद्री व्यापार

चर्चा में क्यों?

उग्रवादी गुटों द्वारा जलमार्ग को बंद करने की नई धमकियों और ईरानी अधिकारियों की चेतावनी के कारण बाब अल-मंडेब जलडमरूमध्य (Bab el‑Mandeb Strait) सुर्खियों में है, जिसमें कहा गया है कि क्षेत्रीय संघर्षों के जवाब में इसे निशाना बनाया जा सकता है। यह जलडमरूमध्य लाल सागर (Red Sea) और अदन की खाड़ी (Gulf of Aden) के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी है, और इसमें किसी भी तरह के व्यवधान से तेल और वाणिज्यिक शिपिंग मार्गों के अवरुद्ध होने की संभावना है। हालिया तनावों ने इस संकरे मार्ग से गुजरने वाले जहाजों की सुरक्षा को लेकर चिंताएँ बढ़ा दी हैं।

पृष्ठभूमि (Background)

बाब अल-मंडेब ("आंसुओं का द्वार" या "Gate of Tears") एक संकरा जलडमरूमध्य है जो लाल सागर को अदन की खाड़ी से जोड़ता है। अरब प्रायद्वीप (Arabian Peninsula) पर यमन और हॉर्न ऑफ अफ्रीका (Horn of Africa) पर जिबूती (Djibouti) और इरिट्रिया (Eritrea) के बीच स्थित, यह जलडमरूमध्य अपने सबसे संकरे बिंदु पर लगभग 29 किमी तक सिकुड़ जाता है। यह पेरीम (Perim) ज्वालामुखी द्वीप के चारों ओर दो चैनल बनाता है: पूर्वी चैनल लगभग 3 किमी चौड़ा है और दक्षिण की ओर जाने वाले यातायात के लिए उपयोग किया जाता है, जबकि व्यापक पश्चिमी चैनल का उपयोग उत्तर की ओर जाने वाले यातायात के लिए किया जाता है। इसकी संकीर्णता के कारण, दुनिया के समुद्री व्यापार का एक बड़ा हिस्सा इन्हीं दो लेनों से होकर गुजरता है।

रणनीतिक महत्व (Strategic importance)

  • वैश्विक ऊर्जा मार्ग (Global energy route): दुनिया के व्यापार का लगभग दसवां हिस्सा, जिसमें कच्चे तेल और तरलीकृत प्राकृतिक गैस (LNG) का एक महत्वपूर्ण हिस्सा शामिल है, हर साल बाब अल-मंडेब से होकर गुजरता है। स्वेज नहर (Suez Canal) और होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के साथ मिलकर, यह भूमध्य सागर (Mediterranean Sea) को हिंद महासागर (Indian Ocean) से जोड़ने वाला एक महत्वपूर्ण गलियारा बनाता है।
  • दोहरे चोक पॉइंट (Dual choke points): यदि बाब अल-मंडेब और होर्मुज जलडमरूमध्य दोनों को एक साथ अवरुद्ध कर दिया जाता है, जैसा कि कुछ युद्धरत पक्षों ने धमकी दी है, तो दुनिया की लगभग एक चौथाई तेल और गैस की आपूर्ति कट जाएगी। इस तरह की नाकेबंदी से कीमतों में भारी उछाल आ सकता है और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाएं बाधित हो सकती हैं।
  • क्षेत्रीय तनाव (Regional tensions): हाल के महीनों में, यमन में ईरान समर्थित हौथी (Houthi) विद्रोहियों ने रुक-रुक कर जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों को निशाना बनाया है, जबकि ईरानी अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि अगर गाजा में इजरायल का सैन्य अभियान जारी रहता है तो वे बाब अल-मंडेब को बंद कर सकते हैं। ये धमकियां उन पिछली घटनाओं के बाद आई हैं जहां क्षेत्रीय संघर्षों के दौरान जलडमरूमध्य की नाकेबंदी की गई थी।
  • वैकल्पिक मार्ग (Alternate routes): जब होर्मुज जलडमरूमध्य को खतरा हुआ है, तो सऊदी अरब जैसे निर्यातकों ने लाल सागर पर यनबू (Yanbu) जैसे बंदरगाहों तक पाइपलाइनों का उपयोग किया है। हालांकि, बाब अल-मंडेब का कोई पूर्ण विकल्प नहीं है: इसे बंद करने से जहाजों को केप ऑफ गुड होप (Cape of Good Hope) के माध्यम से अफ्रीका की परिक्रमा करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा, जिससे शिपिंग समय में हफ्तों की वृद्धि होगी।

भारत के लिए निहितार्थ (Implications for India)

भारत आयातित कच्चे तेल और गैस पर बहुत अधिक निर्भर है, जिसका अधिकांश हिस्सा लाल सागर से होकर आता है। बाब अल-मंडेब के बंद होने से माल ढुलाई लागत और बीमा प्रीमियम बढ़ जाएगा, जिससे देश में ऊर्जा की कीमतें प्रभावित होंगी। भारतीय युद्धपोतों ने समुद्री डकैती को रोकने और सुरक्षित मार्ग सुनिश्चित करने के लिए कभी-कभी इस क्षेत्र से गुजरने वाले व्यापारी जहाजों को एस्कॉर्ट किया है। इसलिए इस रणनीतिक चोकपॉइंट में स्थिरता बनाए रखना भारत की ऊर्जा सुरक्षा और समुद्री व्यापार के लिए आवश्यक है।

Sources:
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