विज्ञान और प्रौद्योगिकी

Curiosity Rover: मंगल ग्रह के कार्बनिक अणु, नासा और एस्ट्रोबायोलॉजी

Curiosity Rover: मंगल ग्रह के कार्बनिक अणु, नासा और एस्ट्रोबायोलॉजी

चर्चा में क्यों?

नासा के क्यूरियोसिटी (Curiosity) रोवर ने मंगल ग्रह की मिट्टी में कार्बनिक अणुओं (organic molecules) के एक समूह का पता लगाया है, जिसमें एक नाइट्रोजन-असर वाली रिंग संरचना (nitrogen-bearing ring structure) शामिल है जो डीएनए या आरएनए के अग्रदूतों (precursors) के समान हो सकती है। यह खोज लाल ग्रह (Red Planet) पर मौजूद बिल्डिंग ब्लॉक्स के बारे में हमारी समझ का विस्तार करती है।

पृष्ठभूमि

मार्स साइंस लेबोरेटरी (Mars Science Laboratory) मिशन 2011 में लॉन्च किया गया था और अगस्त 2012 में गेल क्रेटर (Gale crater) में क्यूरियोसिटी रोवर उतरा। तब से रोवर ने प्राचीन झील के तल को पार कर लिया है और सैंपल एनालिसिस एट मार्स (Sample Analysis at Mars - SAM) सूट जैसे उपकरणों के साथ चट्टानों और मिट्टी का विश्लेषण करते हुए माउंट शार्प की ढलानों पर चढ़ गया है। पिछले मापों में क्लोरोबेंजीन (chlorobenzene) और थायोफेन (thiophenes) जैसे सरल कार्बनिक अणुओं का पता चला था।

नई खोजें

  • इक्कीस कार्बनिक यौगिक (Twenty-one organic compounds): शोधकर्ताओं ने माउंट शार्प से ड्रिल किए गए रॉक पाउडर में 21 यौगिकों (compounds) का पता लगाया। इनमें से सात पहले कभी मंगल ग्रह पर नहीं देखे गए थे।
  • नाइट्रोजन हेट्रोसायकल (Nitrogen heterocycles): अणुओं (molecules) में कार्बन और नाइट्रोजन युक्त अंगूठी के आकार के यौगिक (ring-shaped compounds) थे। पृथ्वी पर ऐसी संरचनाएं आनुवंशिक सामग्री और कुछ विटामिनों की रीढ़ (backbone) बनाती हैं।
  • प्राचीन संरक्षण: विश्लेषण किए गए नमूने लगभग 3.5 अरब वर्ष पुराने हैं। ऐसी पुरानी चट्टानों में जटिल जीवों का संरक्षण अपेक्षाकृत हल्के भू-रासायनिक (geochemical) वातावरण को दर्शाता है।
  • जीवन का कोई प्रमाण नहीं: वैज्ञानिक यह निर्धारित नहीं कर सकते कि अणु जैविक मूल के हैं या नहीं। वे प्रकाश रासायनिक प्रतिक्रियाओं (photochemical reactions) या उल्कापिंड (meteorite) वितरण जैसी अजैविक प्रक्रियाओं के माध्यम से बने हो सकते हैं।

मंगल का संदर्भ

  • अतीत में रहने की क्षमता: भूगर्भीय साक्ष्य (Geological evidence) बताते हैं कि गेल क्रेटर में कभी झीलें और नदियाँ थीं। मंगल ने अरबों साल पहले अपने अधिकांश वायुमंडल को खो दिया था, जिससे सतह ठंडी, शुष्क हो गई और उस पर विकिरण (radiation) की बमबारी हुई।
  • एस्ट्रोबायोलॉजी लक्ष्य: कार्बनिक अणुओं को खोजने से जीवन की पुष्टि नहीं होती है लेकिन यह इंगित करता है कि जीवन के लिए सामग्री मौजूद थी। नमूना वापसी सहित भविष्य के मिशन यह निर्धारित करने में मदद करेंगे कि क्या मंगल ग्रह पर कभी जीवन उभरा था।

महत्व

  • रासायनिक सूची का विस्तार: खोज से पता चलता है कि मंगल ग्रह पर पहले की तुलना में कार्बनिक यौगिकों (organic compounds) की अधिक विविधता है।
  • भविष्य के अन्वेषण का मार्गदर्शन करना: ऑर्गेनिक्स की स्थिरता को समझने से वैज्ञानिकों को नमूने की वापसी और मानव मिशन के लिए आशाजनक स्थलों को लक्षित करने में मदद मिलती है।
  • जनहित: जीवन के संभावित अग्रदूतों को प्रकट करना कल्पना को पकड़ लेता है और ग्रह विज्ञान (planetary science) में निरंतर निवेश का समर्थन करता है।

स्रोत: The Indian Express

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