पर्यावरण

Eechathalakenda incognita: Kerala की Periyar River में नई Freshwater Fish

Eechathalakenda incognita: Kerala की Periyar River में नई Freshwater Fish

चर्चा में क्यों?

वैज्ञानिकों ने केरल में पेरियार नदी (Periyar River) के ऊपरी इलाकों से ईचथलाकेंडा इनकॉग्निटा (Eechathalakenda incognita) नामक मछली की एक नई प्रजाति का वर्णन किया है। इस खोज ने एक अन्य प्रजाति के साथ दशकों पुराने मिश्रण को सुलझा लिया और पश्चिमी घाट (Western Ghats) की समृद्ध लेकिन खतरे वाली जैव विविधता पर प्रकाश डाला।

पृष्ठभूमि

जीनस ईचथलाकेंडा (Eechathalakenda) में लंबे समय से केवल एक प्रजाति, ईचथलाकेंडा ओफिसेफला (Eechathalakenda ophicephala) शामिल मानी जाती थी, जो पम्पा नदी (Pamba River) के उद्गम में पाई जाती है। शोधकर्ताओं ने 900 मीटर से अधिक ऊंचाई पर पेरियार नदी से नमूने एकत्र किए और ज्ञात नमूनों के साथ उनके शरीर विज्ञान (morphology) और डीएनए (DNA) की तुलना की। उन्होंने शरीर के आकार, स्केल पैटर्न (scale patterns) और आनुवंशिक अनुक्रमों (genetic sequences) में महत्वपूर्ण अंतर पाए, जिससे पता चला कि पेरियार की आबादी एक अलग प्रजाति से संबंधित है। इनकॉग्निटा (जिसका अर्थ "अज्ञात" है) नाम इस तथ्य को दर्शाता है कि यह मछली दशकों से सादे रूप में छिपी हुई थी।

नई प्रजाति कैसे भिन्न है

  • रंग और धारियां (Colour and stripes): ई. इनकॉग्निटा के किनारों पर एक स्पष्ट क्षैतिज पट्टी और एक अलग पिगमेंटेशन (pigmentation) पैटर्न है, जबकि ई. ओफिसेफला में अधिक फैले हुए निशान दिखाई देते हैं।
  • फिन संरचना (Fin structure): नई प्रजाति में पेक्टोरल फिन किरणों (pectoral fin rays) की संख्या अलग है और सुप्रानेचुरल हड्डियों (supraneural bones - पृष्ठीय पंख को सहारा देने वाली छोटी हड्डियां) के आकार में भिन्नता है।
  • लेटरल-लाइन स्केल्स (Lateral-line scales): इसमें अपने करीबी रिश्तेदार की तुलना में पृष्ठीय पंख (dorsal fin) और पार्श्व रेखा (lateral line) के बीच अधिक पार्श्व-रेखा तराजू (lateral-line scales) और तराजू की अधिक पंक्तियाँ होती हैं। ये विशेषताएं वैज्ञानिकों को समान दिखने वाली मछलियों के बीच अंतर करने में मदद करती हैं।
  • आनुवंशिक दूरी (Genetic distance): माइटोकॉन्ड्रियल साइटोक्रोम सी ऑक्सीडेज (mitochondrial cytochrome c oxidase - COX1) जीन के विश्लेषण से पता चला कि ई. इनकॉग्निटा, ई. ओफिसेफला से लगभग 5 प्रतिशत भिन्न है, यह अंतर प्रजाति-स्तर की मान्यता प्राप्त करने के लिए काफी बड़ा है।
  • वितरण और संरक्षण (Distribution and conservation): दोनों प्रजातियों का पश्चिमी घाट के उच्च ऊंचाई वाले जलधाराओं में बहुत सीमित क्षेत्र है। नई प्रजाति केवल पेरियार टाइगर रिजर्व (Periyar Tiger Reserve) से जानी जाती है, जबकि ई. ओफिसेफला पम्पा नदी तक ही सीमित है। क्योंकि उनके आवास छोटे हैं और बांधों, प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन से खतरे में हैं, शोधकर्ताओं ने तत्काल सुरक्षा का आह्वान किया है।

निष्कर्ष

ईचथलाकेंडा इनकॉग्निटा की पहचान हमें याद दिलाती है कि भारत की अधिकांश मीठे पानी की जैव विविधता (freshwater biodiversity) अप्रलेखित (undocumented) बनी हुई है। सावधानीपूर्वक फील्डवर्क और आनुवंशिक विश्लेषण छिपी हुई प्रजातियों को प्रकट कर सकते हैं और संरक्षण योजना का मार्गदर्शन कर सकते हैं। पेरियार और पम्पा जैसी नदियों के प्राचीन जल उद्गम स्थलों की रक्षा करना अद्वितीय मछलियों और उनके निवास वाले पारिस्थितिक तंत्रों को संरक्षित करने के लिए महत्वपूर्ण है।

स्रोत

The Hindu

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