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Epichlorohydrin BIS Ban: टी बैग्स, सुरक्षित पैकेजिंग और स्वास्थ्य नियम

Epichlorohydrin BIS Ban: टी बैग्स, सुरक्षित पैकेजिंग और स्वास्थ्य नियम

चर्चा में क्यों?

भारतीय मानक ब्यूरो (Bureau of Indian Standards - BIS) ने टी बैग्स के निर्माण के लिए नए नियम जारी किए हैं। ये मानक एपिक्लोरोहाइड्रिन (epichlorohydrin) - एक रसायन जिसका उपयोग कागज को मजबूत करने के लिए किया जाता है और जिसे एक संभावित कार्सिनोजेन (probable carcinogen) के रूप में वर्गीकृत किया गया है - के उपयोग को प्रतिबंधित करते हैं और सामग्रियों के क्लोरीन ब्लीचिंग (chlorine bleaching) पर प्रतिबंध लगाते हैं। उपभोक्ता सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए टी बैग लेबल पर अब निर्माता का नाम, पता, बैच नंबर, निर्माण तिथि और समाप्ति तिथि प्रदर्शित करनी होगी।

पृष्ठभूमि

एपिक्लोरोहाइड्रिन (1‑chloro‑2,3‑epoxypropane) एक रंगहीन, ज्वलनशील तरल है जिसका उपयोग एपॉक्सी रेजिन (epoxy resins), सिंथेटिक ग्लिसरीन और अन्य उत्पाद बनाने के लिए किया जाता है। यह प्राकृतिक रूप से नहीं पाया जाता है। कैंसर पर अनुसंधान के लिए अंतर्राष्ट्रीय एजेंसी (International Agency for Research on Cancer - IARC) के अनुसार यह "मनुष्यों के लिए संभावित कैंसरकारी" (Group 2A) है। इसके संपर्क में आने से त्वचा और आंखों में गंभीर जलन, सांस लेने में कठिनाई और आनुवंशिक उत्परिवर्तन (genetic mutations) और अंगों की क्षति जैसे दीर्घकालिक प्रभाव हो सकते हैं। इन खतरों के कारण कई देश खाद्य-संपर्क सामग्री (food-contact materials) में इसके उपयोग को नियंत्रित करते हैं।

BIS मानक का विवरण

  • सुरक्षित सामग्री (Safe materials): टी बैग वर्जिन सेल्यूलोज फाइबर (virgin cellulose fibres) या अबाका (Abacá) पौधे के फाइबर से बने होने चाहिए। नायलॉन या पीईटी (PET) जैसे प्लास्टिक के उपयोग को हतोत्साहित किया जाता है क्योंकि वे गर्म पानी में डुबोए जाने पर माइक्रोप्लास्टिक्स (microplastics) छोड़ सकते हैं।
  • निषिद्ध रसायन (Prohibited chemicals): निर्माता टी बैग पेपर में एपिक्लोरोहाइड्रिन या क्लोरीन ब्लीचिंग एजेंट (chlorine bleaching agents) का उपयोग नहीं कर सकते हैं। स्याही, रंजक (dyes) और चिपकने वाले (adhesives) खाद्य-संपर्क सुरक्षा मानकों का पालन करना चाहिए।
  • परीक्षण और लेबलिंग (Testing and labelling): यह सुनिश्चित करने के लिए पैकेजिंग सामग्री को माइग्रेशन परीक्षणों (migration tests) के अधीन किया जाता है कि रसायन पेय में न मिलें। प्रत्येक टी बैग पैक में स्पष्ट रूप से निर्माता का विवरण, बैच नंबर और निर्माण और समाप्ति की तारीख होनी चाहिए।
  • धागा और टैग की आवश्यकताएं (Thread and tag requirements): नए नियम निर्दिष्ट करते हैं कि टी बैग से जुड़े स्ट्रिंग और टैग गैर-खतरनाक सामग्रियों से बने होने चाहिए और सुरक्षित रूप से बांधे जाने चाहिए।

स्वास्थ्य और पर्यावरणीय संदर्भ

एपिक्लोरोहाइड्रिन पर प्रतिबंध भारत को उन रसायनों के संपर्क को कम करने के अंतरराष्ट्रीय प्रयासों के साथ जोड़ता है जो पैकेजिंग से भोजन में जा सकते हैं। यह सिंथेटिक टी बैग से माइक्रोप्लास्टिक्स के बारे में चिंताओं को भी संबोधित करता है। उपभोक्ता तेजी से बायोडिग्रेडेबल और खाद (compostable) सामग्री पसंद करते हैं, और नया मानक निर्माताओं को सुरक्षित, अधिक टिकाऊ विकल्प अपनाने के लिए प्रोत्साहित करता है।

निष्कर्ष

एक खतरनाक रसायन को समाप्त करके और पारदर्शिता को बढ़ावा देकर, भारत का टी बैग मानक सार्वजनिक स्वास्थ्य की रक्षा करता है और पर्यावरणीय स्थिरता का समर्थन करता है। यह निर्माताओं को यह संकेत भी देता है कि खाद्य-संपर्क सामग्री को कड़े सुरक्षा आवश्यकताओं को पूरा करना चाहिए।

स्रोत

Live Mint

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