चर्चा में क्यों?
FSSAI ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए अपनी वार्षिक प्रवर्तन रिपोर्ट (annual enforcement report) जारी की है। नियामक ने उपभोक्ताओं के लिए सुरक्षित और पौष्टिक भोजन (wholesome food) सुनिश्चित करने के लिए लगभग चार लाख निरीक्षण किए, डेढ़ लाख से अधिक खाद्य नमूनों का परीक्षण किया और हजारों मुकदमों और रिकॉल (recalls) की शुरुआत की।
पृष्ठभूमि
खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम 2006 (Food Safety and Standards Act 2006) के तहत स्थापित, FSSAI स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय (Ministry of Health and Family Welfare) के तहत एक स्वायत्त निकाय है। यह खाद्य मानक (food standards) निर्धारित करता है और पूरे भारत में खाद्य उत्पादों के निर्माण, वितरण और बिक्री को नियंत्रित करता है। प्राधिकरण राज्य के खाद्य सुरक्षा विभागों के साथ मिलकर काम करता है और उसके पास परिसर का निरीक्षण करने, नमूनों का विश्लेषण करने और जुर्माना और मुकदमों के माध्यम से अनुपालन (compliance) लागू करने की शक्तियां हैं।
2025-26 की रिपोर्ट की मुख्य बातें
- व्यापक निरीक्षण (Widespread inspections): खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने 3,97,009 निरीक्षण किए और 1,65,747 नमूने एकत्र किए। इनमें से लगभग 17 प्रतिशत निर्धारित मानकों को पूरा नहीं करते थे।
- कानूनी कार्रवाई (Legal action): निर्णायक अधिकारियों (Adjudicating officers) ने 23,580 मामलों में फैसला किया और 1,756 आपराधिक दोषसिद्धि (criminal convictions) हासिल की। ₹154.87 करोड़ का जुर्माना लगाया गया और 945 फूड रिकॉल शुरू किए गए।
- स्ट्रीट वेंडर एकीकरण (Street vendor integration): पंजीकरण अभियान और प्रशिक्षण के माध्यम से 10 लाख से अधिक विक्रेताओं को औपचारिक निगरानी (formal oversight) के तहत लाया गया, जिससे सड़क किनारे भोजनालयों (roadside eateries) में स्वच्छता (hygiene) में सुधार हुआ।
- सरल लाइसेंसिंग (Simplified licensing): सीमा (Thresholds) को तर्कसंगत बनाया गया: ₹1.5 करोड़ तक के वार्षिक कारोबार वाले व्यवसायों को केवल बुनियादी पंजीकरण की आवश्यकता होती है, ₹1.5 करोड़ से ₹50 करोड़ के बीच के कारोबार वालों को राज्य लाइसेंस की आवश्यकता होती है, और बड़े उद्यमों को केंद्रीय लाइसेंस की आवश्यकता होती है।
- विस्तारित परीक्षण नेटवर्क (Expanded testing network): अठारह नई प्रयोगशालाओं (laboratories) को अधिसूचित किया गया, जिससे आधिकारिक खाद्य परीक्षण प्रयोगशालाओं की कुल संख्या बढ़ गई और रासायनिक तथा सूक्ष्मजीवविज्ञानी विश्लेषण (microbiological analysis) की क्षमता में वृद्धि हुई।
- न्यायिक तंत्र (Judicial mechanism): अपराधों के समय पर निपटान को सुनिश्चित करने के लिए नामित अदालतों (designated courts) और अपीलीय अधिकारियों (appellate authorities) को शामिल करते हुए एक बहु-स्तरीय न्यायनिर्णयन प्रणाली (multi-tier adjudication system) को मजबूत किया गया।
महत्व
- उपभोक्ता विश्वास (Consumer confidence): मजबूत प्रवर्तन (enforcement) और रिकॉल मिलावट (adulteration) को रोकते हैं और सार्वजनिक स्वास्थ्य की रक्षा करते हैं।
- स्ट्रीट वेंडरों का समावेशन: अनौपचारिक खाद्य व्यवसायों (informal food businesses) को नियामक दायरे में लाने से स्वच्छता में सुधार होता है और उन्हें प्रशिक्षण और लाइसेंसिंग तक पहुंच प्रदान की जाती है।
- व्यापार करने में आसानी (Ease of doing business): सरलीकृत लाइसेंसिंग सीमा (licensing thresholds) बड़ी कंपनियों पर निगरानी बनाए रखते हुए छोटे उद्यमों पर अनुपालन के बोझ (compliance burden) को कम करती है।
निष्कर्ष
FSSAI की नवीनतम रिपोर्ट खाद्य क्षेत्र में बढ़ती सतर्कता (vigilance) और पहुंच (outreach) को दर्शाती है। परीक्षण बुनियादी ढांचे (testing infrastructure) में निरंतर निवेश, विक्रेताओं के लिए प्रशिक्षण और पारदर्शी न्यायनिर्णयन (transparent adjudication) यह सुनिश्चित करने में मदद करेगा कि हमारी मेजों पर रखा भोजन सुरक्षित और विश्वसनीय है।
स्रोत: डीडी न्यूज़ (DD News)