पर्यावरण

Giant Malabar Squirrel: पश्चिमी घाट, आवास और संरक्षण के खतरे

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चर्चा में क्यों?

वन्यजीव फोटोग्राफर (Wildlife photographers) और संरक्षणवादी अक्सर विशाल मालाबार गिलहरी (Giant Malabar Squirrel) (जिसे भारतीय विशाल गिलहरी भी कहा जाता है) को इसकी आकर्षक उपस्थिति और वृक्षीय जीवन शैली (arboreal lifestyle) के लिए उजागर करते हैं। यह प्रजाति, पश्चिमी और पूर्वी घाटों (Western and Eastern Ghats) के लिए स्थानिक (endemic) है, वन स्वास्थ्य (forest health) के संकेतक के रूप में कार्य करती है और हमें पेड़ों पर रहने वाले वन्यजीवों (tree‑dwelling wildlife) की रक्षा करने की आवश्यकता की याद दिलाती है।

पृष्ठभूमि

वैज्ञानिक रूप से रतुफा इंडिका (Ratufa indica) के रूप में जाना जाने वाला, विशाल गिलहरी दुनिया की सबसे बड़ी वृक्षीय गिलहरियों (arboreal squirrels) में से एक है। यह नाक से दुम तक 25 और 50 सेमी के बीच मापता है, एक पूंछ के साथ जो उतनी ही लंबी या लंबी हो सकती है। वयस्कों का वजन 1.5 से 2 किलोग्राम के बीच होता है। गुजरात (Gujarat) से लेकर तमिलनाडु (Tamil Nadu) और पूर्वी घाटों (Eastern Ghats) के कुछ हिस्सों तक नम सदाबहार जंगलों (moist evergreen forests) में चार मान्यता प्राप्त उप-प्रजातियां (subspecies) निवास करती हैं। इंटरनेशनल यूनियन फॉर कंजर्वेशन ऑफ नेचर (International Union for Conservation of Nature) इस प्रजाति को "कम से कम चिंता (Least Concern)" के रूप में सूचीबद्ध करता है, लेकिन निवास स्थान का नुकसान (habitat loss) एक बढ़ता हुआ खतरा बन गया है।

विशिष्ट लक्षण (Distinctive traits)

  • बहुरंगी फर (Multi‑coloured fur): गिलहरी के ऊपरी शरीर में गहरे मैरून (maroon), जंग, नारंगी और क्रीम के रंग होते हैं, जबकि नीचे के हिस्से आमतौर पर हल्के होते हैं। रंग उप-प्रजातियों (subspecies) में भिन्न होते हैं और जानवर को पर्णसमूह (foliage) में घुलने-मिलने में मदद करते हैं।
  • आर्बोरियल कलाबाजी (Arboreal acrobatics): अपना अधिकांश जीवन ऊपरी छतरी (upper canopy) में बिताते हुए, यह पेड़ों के बीच छह मीटर तक छलांग लगाता है। शिकारियों (predators) द्वारा खतरा होने पर, गिलहरी एक शाखा के खिलाफ जम जाती है या पहचान (detection) से बचने के लिए सपाट फैल जाती है।
  • आहार और व्यवहार: यह फल, मेवे, फूल और कभी-कभी कीड़े (insects) खाता है। संभोग (mating) के दौरान छोड़कर जानवर मुख्य रूप से एकांत (solitary) में रहता है, और यह ऊंचे पेड़ों में टहनियों (twigs) और पत्तियों के बड़े गोलाकार घोंसले (spherical nests) बनाता है।
  • संरक्षण संबंधी चिंताएँ (Conservation concerns): वनों की कटाई (Deforestation), पुराने विकास वाले जंगलों का विखंडन (fragmentation) और मांस या ट्राफियों के लिए शिकार (hunting) बड़े खतरे हैं। पश्चिमी घाट (Western Ghats) में सन्निहित वन क्षेत्रों (contiguous forest tracts) की रक्षा करना प्रजातियों के अस्तित्व के लिए महत्वपूर्ण है।

निष्कर्ष

विशाल मालाबार गिलहरी (Giant Malabar Squirrel) भारत के घाटों (Ghats) के समृद्ध वन्यजीवों (rich wildlife) का प्रतीक है। इसके आवास (habitat) को संरक्षित करना न केवल एक करिश्माई प्रजाति (charismatic species) की रक्षा करता है बल्कि जटिल वन पारिस्थितिकी प्रणालियों (complex forest ecosystems) का भी संरक्षण करता है जिस पर अनगिनत पौधे और जानवर निर्भर करते हैं।

स्रोत

The Statesman

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