चर्चा में क्यों?
हिंद महासागर रिम एसोसिएशन सुर्खियों में है क्योंकि सदस्य देश आगामी मंत्रिस्तरीय और संवाद बैठकों की तैयारी कर रहे हैं। भारत समुद्री सुरक्षा, व्यापार और नीली अर्थव्यवस्था (Blue Economy) में IORA की भूमिका पर जोर देता है जबकि श्रीलंका अध्यक्ष (2023-25) के रूप में कार्य करता है। समूह में रुचि हिंद महासागर के बढ़ते भू-राजनीतिक महत्व को दर्शाती है।
पृष्ठभूमि
हिंद महासागर के लिए एक क्षेत्रीय मंच (regional forum) का विचार पहली बार दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति नेल्सन मंडेला (Nelson Mandela) द्वारा 1995 में भारत की यात्रा के दौरान व्यक्त किया गया था। सात "कोर ग्रुप" देशों (ऑस्ट्रेलिया, भारत, केन्या, मॉरीशस, ओमान, सिंगापुर और दक्षिण अफ्रीका) के अधिकारियों और शिक्षाविदों ने मार्च 1995 में मुलाकात की और हिंद महासागर रिम पहल (Indian Ocean Rim Initiative) की स्थापना की। 7 मार्च 1997 को इन राज्यों और कई अन्य लोगों ने पोर्ट लुइस, मॉरीशस में एक चार्टर अपनाया, जिससे क्षेत्रीय सहयोग के लिए हिंद महासागर रिम एसोसिएशन (IOR-ARC) का निर्माण हुआ। 2014 में समूह का नाम बदलकर हिंद महासागर रिम एसोसिएशन (IORA) कर दिया गया।
IORA में आज 23 सदस्य देश हैं जो पश्चिम में दक्षिण अफ्रीका से लेकर पूर्व में ऑस्ट्रेलिया तक फैले हुए हैं। सदस्यता किसी भी हिंद महासागर तटीय राज्य (littoral state) के लिए खुली है जो चार्टर की सदस्यता लेता है। इसके चीन, यूरोपीय संघ, जापान और संयुक्त राज्य अमेरिका सहित 12 संवाद भागीदार (dialogue partners) भी हैं।
उद्देश्य और सिद्धांत
- क्षेत्र में सतत (sustainable) और संतुलित आर्थिक विकास और वृद्धि को बढ़ावा देना।
- खुले क्षेत्रवाद (open regionalism) के सिद्धांत के माध्यम से व्यापार सुविधा, निवेश, प्रौद्योगिकी और सेवाओं में सहयोग बढ़ाना।
- माल, सेवाओं और पूंजी के अधिक प्रवाह के लिए बाधाओं को दूर करना और वाणिज्य को उदार बनाना।
- संप्रभुता (sovereignty) और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान करना और मंच के भीतर द्विपक्षीय विवादों पर चर्चा करने से बचना। सभी निर्णय सर्वसम्मति (consensus) से लिए जाते हैं।
संरचना और प्राथमिकता क्षेत्र
- विदेश मंत्रियों की परिषद शीर्ष निर्णय लेने वाली संस्था है और सालाना बैठक करती है। गतिविधियों की योजना बनाने के लिए वरिष्ठ अधिकारियों की एक समिति (Committee of Senior Officials) साल में दो बार मिलती है।
- कार्यात्मक निकायों में IORA बिजनेस फोरम, अकादमिक समूह और महिला आर्थिक अधिकारिता कार्य समूह (Women’s Economic Empowerment Working Group) शामिल हैं। तेहरान में विज्ञान और प्रौद्योगिकी हस्तांतरण के लिए क्षेत्रीय केंद्र (RCSTT) और मस्कट में मत्स्य पालन सहायता इकाई (Fisheries Support Unit) जैसी विशेष एजेंसियां तकनीकी सहयोग का समर्थन करती हैं।
- IORA द्वारा पहचाने गए प्राथमिकता वाले क्षेत्र समुद्री सुरक्षा और संरक्षा, व्यापार और निवेश सुविधा, मत्स्य प्रबंधन, आपदा जोखिम प्रबंधन, शैक्षणिक और वैज्ञानिक सहयोग, पर्यटन और सांस्कृतिक आदान-प्रदान, नीली अर्थव्यवस्था और महिलाओं का आर्थिक सशक्तिकरण हैं।
भारत की भूमिका
भारत ने 2011 से 2012 तक अध्यक्ष के रूप में कार्य किया और "सागर (SAGAR - Security and Growth for All in the Region)" के IORA दृष्टिकोण का समर्थन करना जारी रखा है। भारत आपदा प्रबंधन, अकादमिक सहयोग और नीली अर्थव्यवस्था पर पहल का नेतृत्व करता है और IORA को एक स्वतंत्र और खुले हिंद महासागर को बनाए रखने के लिए केंद्रीय मानता है।
स्रोत: MEA