विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी Health

Kawasaki Disease: Prednisolone परीक्षण, IVIG और उपचार

Kawasaki Disease: Prednisolone परीक्षण, IVIG और उपचार

समाचार में क्यों?

चीन में एक बहु-केंद्र परीक्षण (multicentre trial) ने जांच की कि क्या Kawasaki disease के मानक उपचार (intravenous immunoglobulin और aspirin) में स्टेरॉयड Prednisolone को शामिल करने से कोरोनरी-धमनी के घावों (coronary-artery lesions) में कमी आएगी। अप्रैल 2026 में प्रकाशित परिणामों से पता चला कि एक और तीन महीने में कोरोनरी घावों की घटनाओं में कोई महत्वपूर्ण कमी नहीं आई। हालांकि, Prednisolone ने बुखार की अवधि को कम किया और सूजन के मार्करों को घटाया, जिससे शोधकर्ताओं ने निष्कर्ष निकाला कि अधिकांश रोगियों के लिए नियमित स्टेरॉयड का उपयोग अनावश्यक है।

पृष्ठभूमि

Kawasaki disease, जिसे पहली बार 1967 में जापानी बाल रोग विशेषज्ञ टोमिसाकू कावासाकी (Tomisaku Kawasaki) द्वारा वर्णित किया गया था, रक्त वाहिकाओं (blood vessels) का एक तीव्र सूजन संबंधी विकार है। यह मुख्य रूप से पांच वर्ष से कम उम्र के बच्चों को प्रभावित करता है और लगातार बुखार, चकत्ते (rashes), सूजी हुई लिम्फ नोड्स, लाल आंखें और मुंह व गले में सूजन का कारण बनता है। इसके कारण का पता अभी नहीं चला है, लेकिन विशेषज्ञों को आनुवंशिक प्रवृत्ति और वायरल या पर्यावरणीय ट्रिगर्स के संयोजन पर संदेह है।

नैदानिक विशेषताएं

  • द्वि-चरणीय बीमारी (Biphasic illness): लक्षण अक्सर दो चरणों में होते हैं। पहले चरण (1-2 सप्ताह) में तेज बुखार, दाने, लाल श्लेष्मा झिल्ली (mucous membranes), और सूजे हुए हाथ-पैर होते हैं। दूसरे चरण (सप्ताह 3-6) में बुखार कम हो जाता है लेकिन बच्चे की त्वचा छिलने लगती है और जोड़ों में दर्द हो सकता है।
  • कोरोनरी भागीदारी: सूजन कोरोनरी धमनियों को नुकसान पहुंचा सकती है, जिससे धमनीविस्फार (aneurysms) हो सकता है। यह औद्योगिक देशों में बच्चों में अधिग्रहित हृदय रोग (acquired heart disease) का प्रमुख कारण बन गया है।
  • निदान: कोई एक नैदानिक परीक्षण नहीं है। चिकित्सक नैदानिक मानदंडों पर भरोसा करते हैं, जो कोरोनरी धमनियों का आकलन करने के लिए रक्त परीक्षण और इकोकार्डियोग्राफी (echocardiography) द्वारा समर्थित होते हैं।
  • मानक उपचार: बीमारी के पहले 10 दिनों के भीतर दी जाने वाली हाई-डोज़ intravenous immunoglobulin (IVIG) और एस्पिरिन (aspirin) सूजन को कम करती है और कोरोनरी धमनीविस्फार (aneurysms) के जोखिम को कम करती है। अधिकांश बच्चे शुरुआती चिकित्सा के साथ पूरी तरह से ठीक हो जाते हैं।

Prednisolone परीक्षण के निष्कर्ष

चीनी अध्ययन में 3,200 से अधिक बच्चों को नामांकित किया गया और केवल मानक चिकित्सा की तुलना मानक चिकित्सा के साथ प्रेडनिसोलोन (Prednisolone) के मौखिक कोर्स से की गई। बीमारी की शुरुआत के एक महीने बाद, कोरोनरी-धमनी के घाव वाले बच्चों का अनुपात दोनों समूहों में लगभग समान था। Prednisolone ने बचाव चिकित्सा (rescue therapy) की आवश्यकता को मामूली रूप से कम किया और बुखार की अवधि को छोटा कर दिया लेकिन मौजूदा धमनीविस्फार की प्रगति को नहीं रोका। महत्वपूर्ण बात यह है कि गंभीर प्रतिकूल घटनाएं दोनों समूहों में समान थीं।

निहितार्थ

यह परीक्षण इस बात को रेखांकित करता है कि IVIG और एस्पिरिन ही उपचार की आधारशिला (cornerstone) बने हुए हैं। स्टेरॉयड (Steroids) को प्रतिरोधी मामलों के लिए या जहां मानक चिकित्सा के बावजूद सूजन बनी रहती है, के लिए आरक्षित किया जा सकता है। हृदय संबंधी जटिलताओं को कम करने के लिए समय पर निदान और IVIG का त्वरित प्रशासन महत्वपूर्ण है।

स्रोत: Medical Dialogues

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