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Performance Grading Index (PGI) 2.0: स्कूली शिक्षा रिपोर्ट

Performance Grading Index (PGI) 2.0: स्कूली शिक्षा रिपोर्ट

समाचार में क्यों?

7 जुलाई 2026 को केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने राज्यों और जिलों के लिए नवीनतम Performance Grading Index 2.0 रिपोर्ट जारी की। ये रिपोर्ट भारत भर में स्कूली शिक्षा की गुणवत्ता का मूल्यांकन करती हैं और सुधार के क्षेत्रों पर प्रकाश डालती हैं।

पृष्ठभूमि

2017 में पेश किया गया, Performance Grading Index (PGI) स्कूली शिक्षा प्रणालियों के प्रदर्शन में साक्ष्य-आधारित अंतर्दृष्टि प्रदान करता है। National Education Policy 2020 और Sustainable Development Goals के साथ तालमेल बिठाने के लिए 2021 में शुरू किया गया PGI 2.0, 70 संकेतकों को कवर करते हुए 1,000-बिंदु पैमाने का उपयोग करता है। इन संकेतकों को दो श्रेणियों – परिणाम (Outcomes) और शासन और प्रबंधन (Governance & Management) – और छह डोमेन: Learning Outcomes & Quality, Access, Infrastructure & Facilities, Equity, Governance Processes और Teacher Education & Training में बांटा गया है। Unified District Information System for Education Plus (UDISE+), PARAKH National Achievement Survey और PM Poshan व PRABANDH जैसे पोर्टलों से डेटा प्राप्त किया जाता है।

हालिया रैंकिंग की मुख्य बातें (2023–24 डेटा)

  • शीर्ष प्रदर्शनकर्ता (Top performers): चंडीगढ़ ने उच्चतम स्कोर (लगभग 703) हासिल किया और “Prachesta-1” ग्रेड बैंड (701–760 अंक) में रखा जाने वाला एकमात्र क्षेत्र है। इसके बाद पंजाब (लगभग 631) और दिल्ली (लगभग 624) का स्थान रहा।
  • निम्न प्रदर्शनकर्ता (Bottom performers): मेघालय ने लगभग 418 स्कोर किया, जिससे यह सबसे निचले ग्रेड बैंड (“Akanshi-3”) में आ गया। अरुणाचल प्रदेश, मिजोरम, नागालैंड और बिहार भी निचले पायदान पर रहे।
  • मध्यम प्रदर्शनकर्ता (Middle performers): केरल, गुजरात, ओडिशा, हरियाणा, गोवा, महाराष्ट्र और राजस्थान जैसे राज्यों ने 581–640 अंकों के बीच स्कोर किया। उत्तर प्रदेश, तमिलनाडु, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, पश्चिम बंगाल, मध्य प्रदेश, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड ने 521–580 के बीच स्कोर किया।
  • सुधार के रुझान (Improvement trends): लगभग दो-तिहाई राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने पिछले वर्ष की तुलना में 2023–24 में अपने PGI स्कोर में सुधार किया। बिहार और तेलंगाना ने शिक्षा तक पहुँच में उल्लेखनीय वृद्धि दिखाई, जबकि दिल्ली, जम्मू और कश्मीर तथा तेलंगाना ने बुनियादी ढाँचे और सुविधाओं में बड़ी प्रगति की।
  • कोई शीर्ष बैंड प्राप्तकर्ता नहीं: किसी भी राज्य या केंद्र शासित प्रदेश ने उच्चतम प्रदर्शन बैंड (761–1,000 अंक) में स्कोर नहीं किया। उच्चतम और निम्नतम स्कोर (लगभग 300 अंक) के बीच का बड़ा अंतर विभिन्न क्षेत्रों में महत्वपूर्ण विषमताओं को इंगित करता है।

महत्व

PGI 2.0 स्कूली शिक्षा में सुधार के लिए राज्यों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को प्रोत्साहित करता है। यह नीति निर्माताओं को सीखने के परिणामों, बुनियादी ढांचे और शासन में अंतराल की पहचान करने में मदद करता है। परिणामों को सार्वजनिक करके, यह इंडेक्स पारदर्शिता को बढ़ावा देता है और लक्षित हस्तक्षेपों को सक्षम बनाता है।

निष्कर्ष

नवीनतम PGI 2.0 रिपोर्ट प्रगति और लगातार चुनौतियों दोनों को प्रकट करती है। जहां कुछ राज्यों में सुधार हुआ है, वहीं कोई भी क्षेत्र शीर्ष प्रदर्शन बैंड तक नहीं पहुंचा है। देश भर में स्कूली शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए शिक्षक प्रशिक्षण, समान पहुंच और मजबूत शासन में निरंतर निवेश महत्वपूर्ण होगा।

स्रोत

PIB

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