राजव्यवस्था

आत्मनिर्भर पंचायत कार्यक्रम: SAMARTH पोर्टल और मॉडल OSR नियम

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समाचार में क्यों?

केंद्रीय पंचायती राज मंत्री ने 27 July 2026 को तीन जुड़ी हुई पहलों की शुरुआत की। इनमें Atmanirbhar Panchayat Programme और SAMARTH Panchayat Portal शामिल थे। मंत्रालय ने Model Own Source Revenue Rules भी जारी किए। ये सभी मिलकर ग्रामीण स्थानीय निकायों को अधिक मजबूत और आर्थिक रूप से अधिक स्वतंत्र बनाना चाहते हैं।

पृष्ठभूमि

एक Panchayat एक निर्वाचित ग्रामीण स्थानीय सरकारी संस्था है, और यह निवासियों को स्थानीय प्राथमिकताओं को तय करने और सार्वजनिक सेवाओं की निगरानी करने में मदद करती है।

भारत में Gram Panchayat, मध्यवर्ती पंचायतें और जिला-स्तर की पंचायतें हैं।

20 लाख से अधिक आबादी वाले राज्य मध्यवर्ती स्तर को छोड़ सकते हैं।

संवैधानिक पंचायतों का विकास कैसे हुआ

वर्ष विकास
1957 Balwant Rai Mehta Committee ने निर्वाचित स्थानीय संस्थाओं के माध्यम से लोकतांत्रिक विकेंद्रीकरण की सिफारिश की।
1959 2 October को नागौर में Panchayati Raj का उद्घाटन करने वाला राजस्थान पहला राज्य बना।
1992 Parliament ने तिहत्तरवां संविधान संशोधन अधिनियम (Seventy-third Constitutional Amendment Act) पारित किया।
1993 यह संशोधन 24 April को प्रभावी हुआ और इसने Part IX को जोड़ा।
2026 नए कार्यक्रम ने स्थानीय परिसंपत्तियों को स्थायी स्थानीय राजस्व के साथ जोड़ा।

Eleventh Schedule में ग्रामीण विकास से जुड़े 29 विषयों को सूचीबद्ध किया गया है।

वास्तविक शक्तियां अभी भी प्रत्येक राज्य की विधायिका द्वारा बनाए गए कानूनों पर निर्भर करती हैं।

Article 243H पंचायत कराधान और संबंधित राज्य अनुदानों से संबंधित है।

प्रारंभिक परीक्षा फोकस: पंचायतें Part IX में आती हैं। नगरपालिकाएं (Municipalities) अलग से Part IXA में आती हैं।

Own Source Revenue क्या है?

Own Source Revenue (OSR) वह धन है जो एक स्थानीय निकाय स्वयं जुटाता है।

यह Union या राज्य सरकारों द्वारा हस्तांतरित अनुदानों से अलग है।

संभावित स्रोतों में संपत्ति कर (Property tax), बाजार शुल्क और स्वच्छता शुल्क शामिल हैं, जबकि सामुदायिक परिसंपत्तियों से किराया भी गैर-कर राजस्व (Non-tax revenue) प्रदान कर सकता है।

सरल उदाहरण: एक गांव के बाजार से किराया OSR है। Finance Commission का अनुदान OSR नहीं है।

यह कार्यक्रम क्या करना चाहता है?

पंचायती राज मंत्रालय पात्र पंचायतों को बैंक-योग्य (Bankable) परियोजनाएं तैयार करने में मदद करेगा।

एक बैंक-योग्य परियोजना में काम करने योग्य योजना और एक विश्वसनीय राजस्व मॉडल होता है।

परियोजनाएं स्थानीय भूमि, भवनों, बाजारों या अन्य वैध अवसरों का उपयोग कर सकती हैं।

यह कार्यक्रम Rashtriya Gram Swaraj Abhiyan (RGSA) के तहत संचालित होता है।

आवेदन कौन कर सकता है?

आवेदक न्यूनतम OSR सीमा शेष कार्यकाल
Gram Panchayat ₹50 लाख कम से कम तीन वर्ष
Block Panchayat ₹1 करोड़ कम से कम तीन वर्ष

विशेष-श्रेणी (Special-category) के राज्यों को राजस्व सीमाओं में छूट मिलती है, और शेष कार्यकाल योजना और निष्पादन के लिए पर्याप्त समय देता है।

कोई परियोजना आगे कैसे बढ़ेगी?

  1. पंचायत सबसे पहले किसी परिसंपत्ति या स्थानीय आर्थिक अवसर की पहचान करती है, और निवासी Gram Sabha प्रक्रिया के माध्यम से इस विचार पर चर्चा करते हैं।
  2. पंचायत eGramSwaraj प्रणाली के माध्यम से अपना प्रस्ताव प्रस्तुत करती है, और राज्य के अधिकारी राष्ट्रीय चुनौती चरण से पहले प्रस्तावों की जांच करते हैं।
  3. चयनित पंचायतों को परियोजना तैयार करने के लिए तकनीकी सहायता मिलती है, और डिजिटल निगरानी प्रगति, वित्त और अपेक्षित राजस्व पर नजर रखती है।

Gram Sabha में एक ग्राम पंचायत क्षेत्र के भीतर पंजीकृत मतदाता शामिल होते हैं, लेकिन यह निर्वाचित Gram Panchayat से अलग है।

परियोजनाओं को वित्त कैसे मिल सकता है?

  • Public-Private Partnerships निजी विशेषज्ञता के साथ सार्वजनिक परिसंपत्तियों को जोड़ सकती हैं, और Corporate Social Responsibility योगदान उपयुक्त सुविधाओं का समर्थन कर सकते हैं।
  • मौजूदा सरकारी योजनाएं एक परियोजना के इर्द-गिर्द एकत्रित हो सकती हैं, और बैंक विश्वसनीय पुनर्भुगतान क्षमता वाली परियोजनाओं को वित्तपोषित कर सकते हैं।

National Bank for Agriculture and Rural Development (NABARD) एक संस्थागत भागीदार है।

Housing and Urban Development Corporation Limited (HUDCO) एक अन्य भागीदार है।

कितनी परियोजनाओं की योजना है?

कार्यक्रम चार वर्षों के दौरान 350 परियोजनाओं को लक्षित करता है।

  • पहले वर्ष में 50 परियोजनाएं शामिल होंगी, और आने वाले प्रत्येक वर्ष में 100 परियोजनाएं शामिल होंगी।
स्थिति चेतावनी: ये कार्यक्रम के लक्ष्य हैं। ये पूर्ण परियोजनाओं की गिनती नहीं हैं।

SAMARTH Panchayat Portal क्या है?

SAMARTH पंचायत राजस्व को डिजिटल रूप से प्रबंधित करने के लिए एक एकीकृत राष्ट्रीय मंच (Platform) है, और मंत्रालय इसे अपनी तरह की पहली राष्ट्रीय पहल कहता है।

SAMARTH पोर्टल का आधिकारिक नाम है। लॉन्च दस्तावेजों में इसका कोई लंबा विस्तार (Expansion) नहीं दिया गया है।

यह करदाता पंजीकरण, मांग नोटिस, भुगतान, संग्रह और निगरानी को कवर करता है।

राज्य अपने कानूनों और राजस्व प्रणालियों के अनुसार इस मंच को कॉन्फ़िगर कर सकते हैं।

लॉन्च होने तक पोर्टल ने क्या दर्ज किया था?

  • छत्तीसगढ़ और हिमाचल प्रदेश पहले ही पोर्टल से जुड़ चुके थे, और 51 लाख से अधिक करदाताओं को पंजीकृत किया जा चुका था।
  • ₹95 करोड़ के मांग नोटिस (Demand notices) उत्पन्न किए गए थे, और संग्रह ₹27 करोड़ को पार कर गया था।
  • छह अन्य राज्य ऑनबोर्डिंग (Onboarding) के दौर से गुजर रहे थे।

Model OSR Rules क्या हैं?

ये नियम राज्यों को स्थानीय राजस्व प्रशासन के लिए एक सामान्य ढांचा प्रदान करते हैं, जिसमें मूल्यांकन, संग्रह, लेखांकन और पारदर्शी प्रबंधन शामिल हैं।

इनमें कर, उपयोगकर्ता शुल्क, शुल्क और अन्य गैर-कर आय शामिल हैं।

हालांकि, ये मॉडल नियम सलाहकार प्रकृति के हैं, बाध्यकारी केंद्रीय कानून नहीं हैं।

राज्य उन्हें अपनी मौजूदा कानूनी प्रणालियों के भीतर अपना सकते हैं या अनुकूलित कर सकते हैं।

अधिक स्थानीय राजस्व क्यों मायने रखता है?

  • पंचायतें हर अनुदान का इंतजार किए बिना स्थानीय परिसंपत्तियों का रखरखाव कर सकती हैं, और विश्वसनीय आय पानी, स्वच्छता और बाजार सेवाओं में सुधार कर सकती है।
  • स्थानीय भुगतान रिकॉर्ड पारदर्शिता और जवाबदेही को मजबूत कर सकते हैं, और बेहतर राजस्व लंबी योजना क्षितिज (Planning horizons) का समर्थन कर सकता है।

सुरक्षा उपाय अभी भी आवश्यक हैं

  • परिसंपत्तियों के प्रमुख निर्णयों से पहले Gram Sabha की मंजूरी ली जानी चाहिए, और शुल्क को वैध, निष्पक्ष और सार्वजनिक रूप से स्पष्ट किया जाना चाहिए।
  • अनुबंधों में खुली खरीद और संघर्ष (Conflict) की जांच की आवश्यकता होती है, और राजस्व को वास्तविक स्थानीय सार्वजनिक जरूरतों को वित्तपोषित करना चाहिए।
  • डिजिटल प्रणालियों को करदाता की जानकारी की रक्षा करनी चाहिए।

निष्कर्ष

यह पहल पंचायतों को मजबूत कर सकती है जब राजस्व वृद्धि पारदर्शी और स्थानीय रूप से जवाबदेह बनी रहती है।

स्रोत

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