अर्थव्यवस्था

Withholding Tax: विदेशी निवेशक, सरकारी बांड और DTAA

Withholding Tax: विदेशी निवेशक, सरकारी बांड और DTAA
Study next

Convert reading into recall

Read once, then use one quick app action while the topic is fresh. Links open in a new tab.

1 Start True/False practice 2-min recall check Open
Read for
Exam hook Prelims fact Mains angle
Other useful actions
N Save key points Build a revision note S Watch related Shorts Quick visual recap App Open News in Web App Browse related current affairs

चर्चा में क्यों?

नीति निर्माता (Policymakers) इस बात पर विचार कर रहे हैं कि भारत सरकार के बांड (government bonds) में विदेशी निवेशकों द्वारा अर्जित ब्याज (interest) पर लगाए गए 20 प्रतिशत विदहोल्डिंग टैक्स (withholding tax) को कम किया जाए या समाप्त किया जाए। रियायती (concessional) 5 प्रतिशत दर 2023 में समाप्त हो गई, और उच्च कर को घरेलू ऋण (domestic debt) में विदेशी निवेश (overseas investment) को आकर्षित करने में एक बाधा के रूप में देखा जाता है। हाल ही में आयात शुल्क (import duties) में बढ़ोतरी और रुपये की स्थिरता (rupee’s stability) के बारे में चिंताओं के बाद यह बहस तेज हो गई है।

पृष्ठभूमि

विदहोल्डिंग टैक्स (Withholding tax) अनिवासी निवेशकों (non-resident investors) को ब्याज या लाभांश (dividend) भुगतान पर स्रोत पर कटौती (deduction at source) है। यह सुनिश्चित करता है कि विदेशी निवेशक भारत में उत्पन्न आय पर भारतीय कर का भुगतान करें। जुलाई 2023 तक, विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (foreign portfolio investors) को सरकारी प्रतिभूतियों (government securities) और कॉर्पोरेट बांड (corporate bonds) से ब्याज पर 5 प्रतिशत की कम दर का आनंद मिला। यह रियायत समाप्त हो गई, और दर वापस 20 प्रतिशत हो गई, जो एशिया में सबसे अधिक है। कुछ निवेशक दोहरे कराधान बचाव समझौते (Double Taxation Avoidance Agreements - DTAA) के माध्यम से कर कम कर सकते हैं, लेकिन कई अभी भी पूरी दर का भुगतान करते हैं। चीन, वियतनाम और मलेशिया जैसे देश इसी तरह के निवेश पर बहुत कम या कोई विदहोल्डिंग टैक्स नहीं लगाते हैं, जिससे उनका कर्ज अधिक आकर्षक हो जाता है।

बहस में तर्क (Arguments in the debate)

  • कमी के पक्ष में (Pro-reduction): समर्थकों का तर्क है कि कर कम करने से सरकारी बांडों में अधिक विदेशी धन आकर्षित होगा, जिससे राजकोषीय घाटे (fiscal deficits) को वित्तपोषित (finance) करने और रुपये का समर्थन करने में मदद मिलेगी। वे ध्यान देते हैं कि सरकार वैश्विक बांड सूचकांकों (global bond indices) में शामिल होने की तैयारी कर रही है, और उच्च कर संभावित निवेशकों को रोक सकता है।
  • कमी के खिलाफ (Against reduction): विरोधियों ने आगाह किया है कि कर कम करने से राजस्व का नुकसान (revenue losses) हो सकता है और यह बड़े प्रवाह (large inflows) की गारंटी नहीं दे सकता है, खासकर यदि वैश्विक ब्याज दरें (global interest rates) उच्च बनी रहें। वे राजकोषीय विवेक (fiscal prudence) की आवश्यकता पर जोर देते हैं और डरते हैं कि विदेशी पूंजी पर निर्भरता अर्थव्यवस्था को अचानक बहिर्वाह (sudden outflows) के प्रति संवेदनशील बना सकती है।
  • अंतरिम कदम (Interim steps): कुछ लोग सीमित अवधि के लिए रियायती दर (उदाहरण के लिए, 5 प्रतिशत) को फिर से शुरू करने या दीर्घकालिक निवेशकों (long-term investors) को लक्षित राहत (targeted relief) का प्रस्ताव करते हैं। अन्य लोग व्यापक सुधारों का सुझाव देते हैं, जैसे कर संधियों (tax treaties) को सरल बनाना और बांड बाजार के बुनियादी ढांचे (bond market infrastructure) में सुधार करना।

निष्कर्ष

विदहोल्डिंग टैक्स की बहस नीति निर्माताओं को विदेशी निवेश को आकर्षित करने और राजस्व की सुरक्षा के बीच संतुलन (balance) पर प्रकाश डालती है। किसी भी निर्णय का भारत के बांड बाजार के विकास और व्यापक आर्थिक स्थिरता (macroeconomic stability) पर प्रभाव पड़ेगा।

स्रोत

Indian Express

Finished reading?

Do one recall action now

Practice first while the topic is fresh. Save the key points or use Shorts when you want a quick recap.

1 Start True/False practice 2-min recall check N Save key points Build a revision note S Watch related Shorts Quick visual recap App Open News in Web App Browse related current affairs
Home Current Affairs 📰 Daily News 🎬 Watch Shorts 📊 Economic Survey 2025-26 Subjects 📚 All Subjects ⚖️ Indian Polity 💹 Economy 🌍 Geography 🌿 Environment 📜 History Exam Info 📋 Syllabus 2026 📝 Prelims Syllabus ✍️ Mains Syllabus ✅ Eligibility Resources 📖 Booklist 📊 Exam Pattern 📄 Previous Year Papers ▶️ YouTube Channel
Sign In / Open Web App