सेमीकॉन पोर्टल पर चिप कारखानों, उपकरणों और पैकेजिंग के लिए आवेदन शुरू
Where it stands
कंपनियाँ अब भारत के सेमीकॉन 2.0 कार्यक्रम के तीन हिस्सों के तहत आवेदन कर सकती हैं, जो चिप उत्पादन सुविधाओं और उनके सहायक उद्योगों से जुड़े हैं। आवेदन पोर्टल 6 नवंबर 2026 को खुला। इसमें मशीनें और सामग्री, अतिरिक्त चिप कारखाने, तथा असेंबली, परीक्षण और पैकेजिंग शामिल हैं। उद्देश्य यह है कि उत्पादन शृंखला का अधिक हिस्सा भारत के भीतर बने। चिप कारखाने को सर्किट बनाने के लिए विशेष मशीनों और सामग्री की जरूरत होती है। फैब्रिकेशन के बाद चिपों का परीक्षण और पैकेजिंग करनी होती है, ताकि दूसरे उपकरण उनका उपयोग कर सकें। इन चरणों को एक साथ समर्थन देने से व्यापक विनिर्माण आधार मजबूत हो सकता है। सरकार ने अलग इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट विनिर्माण योजना (Electronics Components Manufacturing Scheme) के तहत 12 अतिरिक्त परियोजनाओं को भी मंजूरी दी। इनका अनुमानित निवेश ₹7,503 करोड़ है, और इनसे 7,127 प्रत्यक्ष नौकरियों की उम्मीद है। ये आँकड़े नियोजित परियोजनाओं और रोजगार को बताते हैं, न कि पहले से उत्पादन कर रहे कारखानों या पहले से भरी गई नौकरियों को।
Background
एक तैयार इलेक्ट्रॉनिक उपकरण में चिपों के साथ कई अन्य पुर्जे जुड़े होते हैं। खुद चिप बनाने में भी कई चरण होते हैं। इंजीनियर सर्किट डिजाइन करते हैं, एक फैब्रिकेशन संयंत्र उसे बनाता है, और बाद की सुविधाएँ उसकी असेंबली, परीक्षण और पैकेजिंग करती हैं। वेफर (wafer) नाम की एक पतली डिस्क वह सतह देती है जिस पर कारखाना कई सर्किट बनाता है। फैब्रिकेशन संयंत्र को अक्सर फैब (fab) कहा जाता है। यह बहुत विशेष उपकरणों, रसायनों, गैसों और सामग्रियों पर निर्भर होता है। इसलिए चिप निर्माण क्षमता चाहने वाले देश को एक से अधिक तरह के कारखानों की जरूरत होती है। आपूर्तिकर्ता और बाद की प्रसंस्करण सुविधाएँ चिप उत्पादन लाइन के संचालन में सहायता करती हैं। सेमीकॉन 2.0 के छह स्तंभ हैं, जिनमें डिजाइन, मशीनें और सामग्री, फैब, पैकेजिंग, अनुसंधान और प्रतिभा विकास शामिल हैं। नया खुला पोर्टल मशीनों और सामग्री, अधिक फैब, और पैकेजिंग से जुड़े स्तंभ के लिए आवेदन स्वीकार करता है। इससे कंपनियों को कार्यक्रम के इन हिस्सों के तहत विचार के लिए परियोजनाएँ जमा करने का रास्ता मिलता है। इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट विनिर्माण योजना इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादन में लगने वाली व्यापक सामग्रियों और पुर्जों से जुड़ी है। ताजा मंजूरियों में प्रिंटेड सर्किट बोर्ड, कॉपर फॉयल और विशेष सिरेमिक जैसे उत्पाद शामिल हैं। दोनों योजनाओं को अलग रखने से यह समझने में मदद मिलती है कि हर घोषणा किस उत्पादन चरण का समर्थन करती है।
How it developed
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6 November 2026How it started
तीन स्तंभों के तहत आवेदन शुरू, कंपोनेंट परियोजनाओं को मंजूरी
सेमीकॉन पोर्टल मशीनों और सामग्री वाले स्तंभ II तथा अधिक फैब वाले स्तंभ III के लिए खुला है। स्तंभ IV पैकेजिंग से जुड़े उद्योग को कवर करता है। छह स्तंभों वाले इस कार्यक्रम में चिप डिजाइन, अनुसंधान और प्रतिभा विकास भी शामिल हैं। कंपोनेंट परियोजनाओं की अलग मंजूरियाँ सात राज्यों में हैं: गुजरात, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, पंजाब, तमिलनाडु और उत्तर प्रदेश। मंत्रालय का अनुमान है कि इन 12 परियोजनाओं से ₹39,045 करोड़ का उत्पादन होगा। कॉपर फॉयल, कैथोड सक्रिय सामग्री और विशेष सिरेमिक को उस योजना के तहत पहली बार मंजूरी मिली है।
Why it matters for UPSC
GS3 के लिए इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की असेंबली, चिप फैब्रिकेशन और चिप पैकेजिंग का अंतर समझाइए। औद्योगिक प्रोत्साहनों को आपूर्तिकर्ताओं, तकनीकी क्षमता और परियोजना मंजूरी से उत्पादन तक के चरणों से जोड़िए।
Key terms
Sources (2)
- Electronics and IT Ministry / PIB · official · Semicon 2.0 portal launch and 12 component-project approvals7 Nov, 1:45 pm
- IANS / TenNews · Semicon portal and additional electronics component projects7 Nov, 1:45 pm