सामाजिक

अटल बीमित व्यक्ति कल्याण योजना: ESIC विस्तार और पात्रता

अटल बीमित व्यक्ति कल्याण योजना: ESIC विस्तार और पात्रता
Study next

Convert reading into recall

Read once, then use one quick app action while the topic is fresh. Links open in a new tab.

1 Start True/False practice 2-min recall check Open
Read for
Exam hook Prelims fact Mains angle
Other useful actions
N Save key points Build a revision note S Watch related Shorts Quick visual recap App Open News in Web App Browse related current affairs

समाचार में क्यों?

Employees’ State Insurance Corporation ने अपनी बेरोजगारी राहत योजना को एक वर्ष के लिए बढ़ा दिया है। यह विस्तार 1 July 2026 से 30 June 2027 तक है। पात्र बीमित कर्मचारियों को अनैच्छिक (Involuntary) बेरोजगारी के बाद अस्थायी नकद सहायता प्राप्त होती है। नवीनतम उत्तर ने वर्तमान पात्रता शर्तों को भी स्पष्ट किया।

पृष्ठभूमि

भारत ने 1948 में Employees’ State Insurance Act लागू किया था, जिसने शामिल कर्मचारियों के लिए अंशदान-आधारित सामाजिक बीमा प्रणाली बनाई।

नियोक्ता (Employers) और कर्मचारी अधिसूचित दरों के अनुसार योगदान करते हैं, और यह प्रणाली चिकित्सा देखभाल और कई नकद लाभ प्रदान करती है।

Employees’ State Insurance Corporation क्या है?

Employees’ State Insurance Corporation (ESIC) एक वैधानिक निकाय (Statutory body) है।

यह Union Ministry of Labour and Employment के अंतर्गत कार्य करता है।

यह अस्पतालों और कार्यालयों के माध्यम से Employees’ State Insurance प्रणाली का प्रशासन करता है।

प्रारंभिक परीक्षा फोकस: ESIC वैधानिक है। इसे Employees’ State Insurance Act, 1948 के तहत बनाया गया था।

बेरोजगारी योजना का विकास कैसे हुआ?

अवधि विकास
1 July 2018 Atal Beemit Vyakti Kalyan Yojana प्रभावी हुई।
March 2020 अस्थायी बदलावों ने महामारी से संबंधित बेरोजगारी के दौरान पहुंच में सुधार किया।
बाद की अवधि राहत दर औसत दैनिक आय (Average daily earnings) का 50 प्रतिशत बनी रही।
2024-26 ESIC ने योजना को दो और वर्षों के लिए जारी रखा।
2026-27 ESIC ने एक और एक-वर्षीय विस्तार को मंजूरी दी।

Atal Beemit Vyakti Kalyan Yojana क्या है?

Atal Beemit Vyakti Kalyan Yojana (ABVKY) अनैच्छिक बेरोजगारी के बाद नकद राहत देती है।

यह Employees’ State Insurance प्रणाली के माध्यम से बीमित पात्र व्यक्तियों को कवर करती है।

यह प्रत्येक कर्मचारी के लिए कोई सार्वभौमिक बेरोजगारी भत्ता नहीं है।

कितनी राहत उपलब्ध है?

  • राहत औसत दैनिक आय के 50 प्रतिशत के बराबर है, और भुगतान अधिकतम 90 बेरोजगारी के दिनों को कवर कर सकता है।
  • एक कर्मचारी जीवन में एक बार लाभ का उपयोग कर सकता है, और भुगतान Direct Benefit Transfer के माध्यम से कर्मचारी तक पहुंचता है।

यह योजना अल्पकालिक सहायता प्रदान करती है, पूर्ण वेतन प्रतिस्थापन (Wage replacement) नहीं।

वर्तमान पात्रता शर्तें

July 2026 के संसदीय उत्तर में वर्तमान शर्तों को बताया गया है।

  • व्यक्ति को बीमायोग्य रोजगार (Insurable employment) में कम से कम 12 महीने पूरे करने होंगे।
  • वे महीने बेरोजगारी की तारीख से ठीक पहले के होने चाहिए।
  • व्यक्ति को एक पूर्ण अंशदान अवधि के दौरान कम से कम 78 अंशदान दिनों की आवश्यकता होती है।
  • वह अंशदान अवधि पिछले 12 महीनों के भीतर आनी चाहिए, और दावेदार को राहत प्राप्त करते समय बेरोजगार रहना चाहिए।
महत्वपूर्ण सुधार: पुराने सारांश (Summaries) पहले के पात्रता नियमों को दर्शाते हैं। July 2026 के आधिकारिक उत्तर में बताई गई शर्तों का उपयोग करें।

राहत कब अनुपलब्ध है?

यह योजना निर्दिष्ट अयोग्य (Disqualifying) घटनाओं के कारण होने वाली बेरोजगारी को शामिल नहीं करती है।

  • कदाचार (Misconduct) के लिए बर्खास्तगी (Dismissal) पात्र नहीं बनाती है, और तालाबंदी (Lockout) से पात्रता नहीं बनती है।
  • सेवानिवृत्ति (Superannuation) तक पहुंचने के बाद सेवानिवृत्ति पात्र नहीं बनाती है, और अधिनियम के तहत गलत-बयान की दोषसिद्धि दावे को अयोग्य कर देती है।
  • जब व्यक्ति पुनः रोजगार प्राप्त कर लेता है तो राहत रुक जाती है।

ये शर्तें वास्तविक अनैच्छिक बेरोजगारी के लिए अभिप्रेत बीमा लाभ की रक्षा करती हैं।

दावा कैसे आगे बढ़ता है?

  1. बीमित कर्मचारी ऑनलाइन दावा (Claim) दायर करता है, और प्रणाली रोजगार तथा अंशदान रिकॉर्ड की जांच करती है।
  2. अधिकारी बेरोजगारी की परिस्थितियों और बैंक विवरणों का सत्यापन करते हैं, और स्वीकृत दावे को Direct Benefit Transfer के माध्यम से भुगतान मिलता है।
  3. ESIC अपनी ऑनलाइन प्रणाली के माध्यम से मामले की निगरानी करता है।

दावेदार को बेरोजगारी की तारीख से एक वर्ष के भीतर आवेदन करना होगा।

हाल के भुगतान आंकड़े क्या दिखाते हैं?

वित्तीय वर्ष लाभार्थी भुगतान की गई राशि
2023-24 688 ₹1,01,87,728
2024-25 1,978 ₹2,72,08,672
2025-26 1,406 ₹1,52,20,915

ये वार्षिक लाभार्थी हैं, सभी बीमित कर्मचारियों की संख्या नहीं।

यह योजना उपयोगी क्यों है?

  • यह नौकरी की तलाश के दौरान भोजन और घरेलू खर्चों में सहायता करती है, और सीधा भुगतान पूर्व नियोक्ता पर निर्भरता को कम करता है।
  • अंशदान रिकॉर्ड तेज डिजिटल सत्यापन की अनुमति देते हैं, और अस्थायी सहायता संकट-कालीन उधारी (Distress borrowing) को रोक सकती है।

इसकी पहुंच को क्या सीमित करता है?

  • केवल कवर किए गए बीमित कर्मचारी ही पात्र हो सकते हैं, और कई अनौपचारिक कर्मचारी (Informal workers) Employees’ State Insurance प्रणाली के बाहर ही रहते हैं।
  • पात्र लोगों को लाभ के बारे में पता नहीं हो सकता है, और अधूरे रोजगार रिकॉर्ड सत्यापन में देरी कर सकते हैं।
  • कमजोर श्रम मांग के दौरान 90-दिन की सीमा छोटी हो सकती है।
मुख्य अंतर: यह बीमा से जुड़ी एक राहत योजना है। यह पेंशन या स्थायी बेरोजगारी लाभ नहीं है।

निष्कर्ष

यह विस्तार नौकरियों के बीच पात्र बीमित कर्मचारियों के लिए एक उपयोगी सुरक्षा जाल (Safety net) को सुरक्षित रखता है।

स्रोत

Finished reading?

Do one recall action now

Practice first while the topic is fresh. Save the key points or use Shorts when you want a quick recap.

1 Start True/False practice 2-min recall check N Save key points Build a revision note S Watch related Shorts Quick visual recap App Open News in Web App Browse related current affairs
Home Current Affairs 📰 Daily News 🎬 Watch Shorts 📊 Economic Survey 2025-26 Subjects 📚 All Subjects ⚖️ Indian Polity 💹 Economy 🌍 Geography 🌿 Environment 📜 History Exam Info 📋 Syllabus 2026 📝 Prelims Syllabus ✍️ Mains Syllabus ✅ Eligibility Resources 📖 Booklist 📊 Exam Pattern 📄 Previous Year Papers ▶️ YouTube Channel
Sign In / Open Web App